
किशोरी मिश्रा
किशोरी मिश्रा को डिजिटल मीडिया का लगभग 8+ वर्षों का व्यापक अनुभव है, जिसमें स्वास्थ्य (Health) और जीवनशैली ... Read More
Written By: Kishori Mishra | Updated : June 27, 2023 11:24 AM IST
Harsingar parijat ke fayde : आयुर्वेद में कई तरह की जड़ी-बूटियां मौजूद होती हैं, जो आपकी गंभीर से गंभीर बीमारियों को दूर कर सकती हैं। आयुर्वेदिक उपचार की खास बात यह है कि इससे साइड-इफेक्ट्स होने का खतरा काफी कम होता है। अगर आप चाहते हैं कि आपकी बीमारियों का नैचुरल तरीके से इलाज हो, तो आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को अपनाएं। आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियां मौजूद हैं, इन बूटियों में परिजात का पौधा शामिल है। जी हां, परिजात यानी हरसिंगार का पौधा, इस पौधे की पत्तियों से लेकर फूलों तक का प्रयोग बीमारियों को दूर करने के लिए किया जा सकता है। इसे नाइट ब्लूमिंग जैस्मीन भी कहा जा सकता है। यह अर्थराइटिस की परेशानियों को दूर कर सकता है। आइए जानते हैं हरसिंगार से सेहत को होने वाले फायदे क्या हैं?
पारिजात के फूलों, पत्तियों और छाल में एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-इंफ्लामेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो आपकी बीमारियों को दूर करने में मददगार हो सकता है। इससे संक्रामक बीमारियों को खतरे को दूर किया जा सकता है। इसके पत्तों, फूलों और छाल का इस्तेमाल दवाओं के रूप में होता है। आइए जानते हैं किस तरह कर सकते हैं परिजात का इस्तेमाल?
अर्थराइटिस इन दिनों काफी ज्यादा आम समस्या हो चुकी है। हम में से कई लोग कम उम्र में ही इस गंभीर समस्या की चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में पारिजात का पौधा आपके लिए प्रभावी हो सकता है। जी हां, पारिजात का पौधा आपकी अर्थराइटिस की परेशानियों को कम कर सकता है। इसका प्रयोग करने के लिए पारिजात के फूल, पत्ते, और छाल को बराबर मात्रा में लें, इसके बाद इसे पानी में उबालें। जब पानी उबलकर एक चौथाई रह जाए, तो गैस बंद करके आंच से उतार लें। इसके बाद इस गुनगुने पानी का सेवन करें। इससे अर्थराइटिस का दर्द कम हो सकता है।
खांसी, दर्द और सर्दी की परेशानी को कम करने के लिए आप पारिजात की पत्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसका सेवन करने के लिए सबसे पहले पारिजात की कुछ पत्तियां लें। अब इन पत्तियों को पीसकर इसमें थोड़ा सा शहद मिक्स करके इसका सेवन करें। दिन में दो से तीन बार इसका सेवन करने से सर्दी-खांसी से आराम मिलेगा। इसके अलावा आप इसका सेवन चाय की तरह कर सकते हैं।
शरीर में होने वाली सूजन की परेशानी को कम करने के लिए पारिजात के पत्तों का प्रयोग कर सकते हैं। इसके पत्तों से बने काढ़े में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो शरीर के दर्द और सूजन से राहत दिला सकता है। अगर आप सूजन की समस्या से जूझ रहे हैं, तो इसके पानी से अपने प्रभावित हिस्से की सिंकाई भी कर सकते हैं।
पारिजात के पौधों में मौजूद गुण घाव को जल्दी भरने में असरदार साबित हो सकता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो घाव को जल्द से जल्द भरने में असरदार है। फुंसी या फोड़े की परेशानी में पारिजात के बीजों का पेस्ट तैयार कर लें। अब इस पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगाएं। करीब 20 मिनट बाद इसे गुनगुने पानी से धो लें।
पारिजात का पौधा शरीर की कई परेशानियों को कम कर सकता है। हालांकि, अगर आपकी स्थिति काफी ज्यादा बिगड़ रही है तो इस स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। वहीं, इसका सेवन पहली बार करने जा रहे हैं, तो एक बार आयुर्वेदिक चिकित्सक की मदद जरूर लें।