
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Published : April 18, 2024 1:45 PM IST
Haritaki Benefits: आयुर्वेद में ऐसे कई जड़ी-बूटियां है, जो कई बीमारियों का इलाज करने में प्रभावी हैं। इन्हीं में से एक है हरीतकी या हरड़। यह त्रिफला में पाई जाने वाली तीन जड़ी-बूटियों में से एक है। यह स्वास्थ्य के लिए कई तरह से फायदेमंद है। आयुर्वेद में कई दवाओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है। यह ब्लड शुगर को कंट्रोल करने से लेकर पाचन के लिए बहुत फायदेमंद है। वजन कम करने के लिए भी यह बहुत उपयोगी साबित हो सकती है। आइए, आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ रितु चड्ढा से जानते हैं हरीतकी के फायदे (Health Benefits Of Haritaki) और इस्तेमाल करने का तरीका -
हरीतकी का सेवन पाचन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होता है। यह पाचक एंजाइम के उत्पादन को बढ़ाती है और पाचन में मदद करती है। इसमें नेचुरल लैक्सेटिव होता है, जो आंतों में फंसे मल को बाहर निकालने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से कब्ज, गैस, दस्त, पेट फूलना और अल्सर जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।
हरीतकी का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें हाइपोग्लाइसेमिक गुण होता है, जो ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद करता है। इसके सेवन से अचानक इंसुलिन स्पाइक को रोकने में मदद मिलती है। यह स्टार्च को ग्लूकोज में टूटने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है। इसके नियमित सेवन से डायबिटीज के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।
वजन कम करने में हरीतकी की असरदार है। यह शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालती है, जिससे बॉडी डिटॉक्स होती है। साथ ही, यह मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है, जिससे शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को बर्न होती है। इसके नियमित सेवन से शरीर का बढ़ा हुआ वजन कम हो सकता है।
हरीतकी का सेवन करने से गठिया की समस्या में आराम मिल सकता है। इसमें वात संतुलित करने वाले गुण होते हैं, जो जोड़ों के दर्द और सूजन से राहत दिलाने में में मदद करते हैं। यह मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। इसके नियमित सेवन से हड्डियों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद मिल सकती है।
नियमित रूप से हरीतकी का सेवन करने से इम्यूनिटी बूस्ट होती है। इसमें विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इससे आपकी कई तरह के कई संक्रमण और बीमारियों से सुरक्षा होती है।
हरीतकी का सेवन आप चूर्ण या काढ़े के तौर पर कर सकते हैं। आप रोजाना 1 से 2 ग्राम हरीतकी चूर्ण को गुनगुने पाने के साथ ले सकते हैं। गठिया की समस्या में आप हरीतकी का सेवन घी के साथ करें। हालांकि, इसका उपयोग करने से पहले अपने हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें लें।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।