Benefits of Kansa Utensils: कांसे के बर्तन में पानी पीना और खाना खाने के फायदे, जानिए आयुर्वेदिक एक्‍सपर्ट से

आजकल भारतीय घरों में अलग-अलग धातुओं के बर्तन देखने को मिलते हैं, मगर भारत में कांसे के बर्तन में खाना खाना या पानी पीने की परंपरा काफी प्राचीन है। आयुर्वेद के अनुसार, कांसे के बर्तन में भोजन करना फायदेमंद (Benefits of Kansa Utensils) हो सकता है।

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Written By: Atul Modi | Updated : February 25, 2021 4:42 PM IST

कांसा को हिंदी में पीतल और अंग्रेजी में ब्रोंज कहा जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, कांसा के बर्तन में पानी पीना या खाना बनाने के बहुत सारे लाभ हैं। हालांकि, इसके फायदों को जानने से पहले हमें यह पता होना चाहिए कि कांसा कैसे बनता है? दरअसल, कांसा बनाने के लिए कॉपर (तांबा) व टिन (रांगा) को एक साथ 400 से 700 डिग्री के तापमान पर गर्म कर कांसा का निर्माण किया जाता है। इसके बाद इस धातु को शीट्स के रूप में तैयार किया जाता है और फिर इसे हम जैसी चाहे वैसी शेप दे सकते हैं। कांसे के बर्तन भी बनाए जाते हैं, और ये बर्तन स्‍वास्‍थ्‍य के नजरिए से काफी फायदेमंद होता है। उन्हें बनाने के लिए या उन्हें पॉलिश करने के लिए टैमेरिंड जूस का प्रयोग किया जाता है।

कांसे के बर्तन में खाना खाने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ - Bronze Is Beneficial For Health In Hindi

1. इम्यूनिटी बूस्‍टर

आयुर्वेदिक एक्‍सपर्ट डॉक्‍टर दीक्षा भावसार के अनुसार, कांसा को 'कांसायम बुद्धिवर्धकम' कहा जाता है, अर्थात् इसे बुद्धि बढ़ाने में लाभदायक माना जाता है। यदि हम कांसे के बर्तनों में अपना खाना खाते हैं या पानी पीते हैं तो इससे खाना व पानी तो शुद्ध होता ही है साथ में इससे हमारी इम्यूनिटी भी बढ़ती है।

2. लंबे समय तक भोजन गर्म रखता है

कांसे का बर्तन स्‍वास्‍थ्‍य के लिए अच्‍छा (Bronze is Good For Health) होता है। कांसा हीट का एक अच्छा कंडक्टर है इसलिए यदि आप इसमें कोई गर्म खाने की चीज रखते हैं तो वह लंबे समय तक गर्म रहती है और उसमें उसका पोषण भी ज्यों का त्यों रहता है।।

3. कीटाणुओं से सुरक्षा

यदि आप कांसे के बर्तनों में खाना रखते हैं तो यदि आपके खाने में कोई जर्म्स या कीटाणु भी होते हैं तो वह कांसा के सम्पर्क में आने के कुछ समय बाद ही खत्म हो जाते हैं और आपका खाना शुद्ध हो जाता है।

4. दोषों का संतुलन

यदि आप कांसा के बर्तनों में पानी रखते हैं तो उसे 8 घंटे तक ऐसा रखने के बाद पानी पर एक सकारात्मक असर पड़ता है जिससे वह आपके दोषों को संतुलित करने में लाभदायक होता है। भारत में कांस्य की लुटिया में रात को पानी रख कर सोने की व सुबह उठकर उस पानी को पी लेने की मान्यता भी है।

5. रक्‍त को शुद्ध करता है

कांसा एसिडिक खाद्य पदार्थों व खट्टी चीजों के साथ रिएक्ट भी नहीं करता है। चूंकि कांसा एक एल्केलाइन मेटल है इसलिए यह हमारे रक्त की शुद्धि करने में भी लाभदायक माना जाता है। इसे रोजाना प्रयोग के लिए भी उपयुक्त माना जाता है क्योंकि यह सालों तक बिना खराब हुए ऐसे ही रह सकता है।

कांसे के बर्तनों से जुड़े महत्‍वपूर्ण तथ्‍य

  • यदि कांसे की किसी चीज में कोई डैमेज भी हो जाता है तो वह उसके बाद भी उतना ही मूल्यवान रहता है जबकि अन्य मेटल रिसाइकिल कर दिए जाते हैं और उनकी कीमत बिल्कुल न के बराबर हो जाती है।
  • कांसे की चीजों को बहुत लम्बे समय से प्रयोग किया जाता आ रहा है। इसे संहिता काल से प्रयोग किया जा रहा है। आयुर्वेदिक रिकॉर्ड्स के अनुसार इस धातु को थेरेपी व चिकित्सा आदि के लिए भी प्रयोग किया जाता है।
  • इसे आसानी से अन्य धातुओं से अलग किया जा सकता है क्योंकि इसकी एक तीखी आवाज होती है, यह सॉफ्ट होता है और छूने में भी बहुत स्मूथ होता है।
  • यह हल्का सा ग्रेइश होता है और हर प्रकार की इंप्योरिटी से दूर होता है। इसे गर्म किए जाने पर यह लाल रंग में बदल जाता है।
  • प्राचीन भारत में एक भी घर ऐसा नहीं होता था जिसमें कांसा के बर्तन न हों। आज भी कुछ लोग इस परंपरा को फॉलो कर रहे हैं। हमें भी इस पुरानी प्रथा को फिर से जागृत करना चाहिए और अपने बेहतर स्वास्थ्य के लिए कांसे के बर्तनों का प्रयोग करना चाहिए।
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