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मोटापे, ब्लड प्रेशर, अनहेल्दी फूड और कभी-कभी अनुवांशिक कारणों से शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या हो सकती है। कभी बुजुर्गों को होने वाली यह परेशानी अब कम उम्र के लोगों को भी परेशान करने लगी है। यूरिक एसिड एक प्राकृतिक पदार्थ है जो शरीर में प्यूरीन नामक पदार्थ टूटने के कारण बनता है। प्यूरीन शरीर के ऊतकों और कुछ खाद्य पदार्थों में पाए जाते हैं। इनके कारण कुछ लोगों के शरीर में सामान्य से अधिक यूरिक एसिड बनने लगता है। किडनी यूरिक एसिड को रक्त से बाहर निकालकर मूत्र में भेजती है। यदि किडनी ठीक से काम नहीं कर रही हैं, तो शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ जाता है। जब शरीर में यूरिक एसिड बढ़ता है तो ज्वाइंट के आस-पास इसके क्रिस्टल्स जमने लगते हैं, जिनके कारण दर्द और चुभन होती है। कई बार सूजन आने लगती है और चलने-फिरने तक में परेशानी होने लगती है। किडनी की बीमारी, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर वाले लोगों को यूरिक एसिड की परेशानी होने की आशंका ज्यादा होती है। हालांकि आयुर्वेद में इस समस्या का सटीक हल है और वो है 'हरड़'। हरड़ यूरिक एसिड की परेशानी को जड़ से खत्म करने का रामबाण इलाज है। खास बात ये है कि इसके कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होते।
1. हरड़ को आयुर्वेद में बहुत महत्वपूर्ण औषधि माना जाता है। इसमें सेलेनियम, पोटेशियम, मैंगनीज, आयरन और कॉपर जैसे कई मिनरल्स होते हैं। साथ ही कई प्रकार के विटामिन, प्रोटीन, एंटीबैक्टीरियल और एंटीबायोटिक गुण होते हैं। ये सभी तत्व यूरिक एसिड को कंट्रोल करते हैं।
2. हरड़ पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद होती है। यह कब्ज, दस्त, अपच, और पेट फूलने जैसी पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करने में मदद करती है। यह शरीर के डाइजेस्टिव एंजाइम्स को बढ़ाती है, जिससे प्यूरीन आसानी से पच जाता है और अपने आप यूरिन से शरीर के बाहर निकल जाता है।
3. यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर के ज्वाइंट्स में असहनीय दर्द होता है। कई बार सूजन भी आ जाती है। इन दोनों ही परेशानियों से हरड़ आपको मुक्ति दिलाती है। इसके एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करके दर्द से राहत दिलाते हैं।
4. मोटापे के कारण भी यूरिक एसिड तेजी से बढ़ता है। ऐसे में हरड़ वजन घटाने में भी आपकी मदद करेगी। इससे आपका मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे शरीर में फैट जमा नहीं होते हैं।
आप हरड़ का सेवन अपनी डेली डाइट में कर सकते हैं। बाजार में हरड़ का चूर्ण आसानी से मिल जाता है। हरड़ का चूर्ण पानी या दूध के साथ लिया जा सकता है। आप दोपहर और रात के खाने के बाद एक टीस्पून हरड़ के चूर्ण का सेवन करें। आप चाहें तो इसको पानी में उबाल कर काढ़ा भी बना सकते हैं। ध्यान रखें हरड़ का सेवन कभी भी बहुत ज्यादा मात्रा में न करें, इससे पेट खराब हो सकता है।