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Written By: intern23.seo | Updated : September 22, 2023 9:01 AM IST
गिलोय एक बेलनुमा जड़ी-बूटी है, जिसे सदियों से स्वास्थ्य लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। गिलोय दक्षिण अमेरिकी अमेजॉन वर्षा वनों में मूल रूप से पाई जाती है, लेकिन अब इसे दुनिया भर में उगाया जाता है। गिलोय का उपयोग भारतीय चिकित्सा पद्धति में सदियों से इस्तेमाल किया जा रहा है। बुखार से लेकर इम्यूनिटी बढ़ाने तक, गिलोय का प्रयोग हर जगह किया जाता है। संस्कृत में गिलोय को ‘अमृता’ कहा जाता है। अधिकांश गिलोय का प्रयोग काढ़े के तौर पर किया जाता है, लेकिन आप इसके अर्क का भी सेवन कर सकते हैं। गिलोय के कई स्वास्थ्य लाभ हैं, जिनमें से 5 के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
बार-बार होने वाले बुखार से लेकर सीजन बुखार तक में गिलोय काफी असरदार है। गिलोय एक शानदार ज्वरनाशक है। इसलिए इसका प्रयोग मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड जैसी बीमारियों में बुखार कम करने के लिए किया जाता है।
गिलोय में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लमेटरी गुण होते हैं, जो हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं। यह सभी तरह के संक्रमण से लड़ने और बीमारी के जोखिम को कम करने में हमारी मदद करता है।
गिलोय हमारे ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह इंसुलिन संवेदनशीलता में सुधार करके और इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाकर ऐसा करता है। टाइप-2 डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए गिलोय एक रामबाण औषधि के रूप में काम करता है।
यदि आप पाचन संबंधी समस्या से ग्रसित हैं, तो इसके लिए आपको गिलोय के साथ आंवले का सेवन करना चाहिए। अच्छे परिणाम के लिए दोनों का चूर्ण के रूप में इस्तेमाल करें। ये आपकी आंतों को बल देकर आपके पाचन तंत्र को काफी मजबूत करता है।
यदि आप गठिया की समस्या से ग्रसित हैं और दर्द से परेशान हो चुके हैं, तो आपके लिए गिलोय एक शानदार औषधि का काम करेगी। गिलोय में जोड़ों के दर्द से राहत देने के कई गुण पाए जाते हैं। इसके लिए आप गिलोय को दूध में उबालकर सेवन करें।
Disclaimer- ये जानकारी आपकी जानकारी के लिए है। किसी भी वस्तु का प्रयोग दवा के तौर पर करने से पहले अपने डॉक्टर से एक बार परामर्श जरूर कर लें। विशेषकर गर्भवती महिलाओं को गिलोय का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए।