गिलोय से करें टाइप-2 डायबिटीज कंट्रोल, इम्यूनिटी बढ़ाने वाली ये जड़ी बूटी ब्लड शुगर को भी करेगी नियंत्रित

टाइप-2 डायबिटीज को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है, लेकिन ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखा जाए, तो आप बहुत हद तक दूसरी शारीरिक समस्याओं से बचे रह सकते हैं। गिलोय हर्ब के सेवन से आप टाइप-2 डायबिटीज को काफी हद तक कंट्रोल कर सकते हैं।

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Written By: Anshumala | Published : October 11, 2020 5:20 PM IST

Giloy for Diabetes in Hindi: टाइप-2 डायबिटीज (Type-2 Diabetes) के मरीजों की संख्या दुनिया भर में बहुत तेजी से बढ़ रहा है। खराब जीवनशैली के कारण डायबिटीज की समस्या (Diabetes Problem) अब कम उम्र के लोगों को भी प्रभावित कर रही है। टाइप-2 डायबिटीज को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है, लेकिन ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल (Blood sugar level) में रखा जाए, तो आप बहुत हद तक दूसरी शारीरिक समस्याओं से बचे रह सकते हैं। डायट में कम चीनी और कुछ खास किस्म के फूड्स को शामिल करने से इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने, इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देने और ब्लड शुगर को नियंत्रित (How to control blood sugar) किया जा सकता है। ऐसा ही एक खाद्य पदार्थ या जड़ी बूटी है गिलोय (Giloy for Diabetes in Hindi)।

गिलोय रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए (Giloy boosts immunity)

कोरोनावायरस के संक्रमण (Coronavirus infection) से बचाव के लिए शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है, ऐसे में गिलोय को इम्यूनिटी बूस्टर हर्ब बताया गया है। कोरोना से ठीक होने के बाद गिलोय का सेवन करने से जल्दी शरीर स्ट्रॉन्ग बनता है। गिलोय अपने प्रतिरक्षा-बढ़ाने वाले गुणों के लिए जाना जाता है, इसलिए लोग इन दिनों इसका अधिक सेवन कर रहे हैं। हालांकि, बहुत कम लोग ही ये जानते हैं कि गिलोय हर्ब डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी मदद करती है।

टाइप 2 डायबिटीज के प्रबंधन में गिलोय कैसे मदद करता है?

1 नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) द्वारा किए गए एक अध्ययन के अनुसार, गिलोय में एंटी-डायबिटिक एक्टिविटी होने के साथ ही, इंसुलिन की तुलना में यह 40 से 80 प्रतिशत तक असरदायक होता है।

2 गिलोय (Giloy Benefits in hindi) में ऐसे गुण भी मौजूद होते हैं, जो शरीर में अतिरिक्त ग्लूकोज को कम करने में मदद करते हैं, जिससे ब्लड शुगर लेवल कम होता है। गिलोय एक हाइपोग्लाइसेमिक एजेंट है, जो शरीर में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है।

3 गिलोय इंसुलिन के प्राकृतिक उत्पादन में सहायता करता है, जिससे डायबिटीज कंट्रोल करने में आसानी होती है। इंसुलिन ब्लड में शर्करा (Sugar) के टूटने के लिए जिम्मेदार एंजाइम है। और इसमें असंतुलन होने के कारण हाई ब्लड शुगर लेवल की समस्या होती है, जिसे डायबिटीज के तौर पर जाना जाता है।

4 इसके अलावा, गिलोय पाचन तंत्र और आंतों की सेहत को भी स्वस्थ बनाए रखता है। इनके जरिए ही शरीर में भोजन अच्छी तरह से अवशोषित होता है और इसलिए, टाइप 2 डायबिटीज को प्रभावित करता है।

टाइप 2 डायबिटीज को कंट्रोल में रखने के लिए गिलोय का उपयोग कैसे करें?

गिलोय हर कहीं अब बहुत आसानी से मिल जाता है। टाइप 2 डायबिटीज का यह जबरदस्त घरेलू (Giloy ManageType-2-Diabetes in Hindi) उपचार है। गिलोय का पत्ता, इसका तना, पाउडर आदि विभिन्न रूपों में आसानी से उपलब्ध है। आप हर तरह से गिलोय का सेवन कर सकते हैं। (How to use giloy to manage type 2 diabetes)

गिलोय के पत्तों का रस (Giloy juice) बनाकर सेवन करें।

इसके पाउडर (Giloy powder) का सेवन आप गर्म पानी में मिलाकर कर सकते हैं। यह सभी आयुर्वेदिक स्टोर पर उपलब्ध है।

अब गिलोय कैप्सूल (Giloy capsule) भी उपलब्ध है। यदि जूस कड़वा लगता है, तो कैप्सूल खाएं।

डायबिटीज को मैनेज करने के लिए गिलोय का सेवन करते हैं, तो डॉक्टर से सलाह जरूर ले लें। अपनी दवाएं लेना याद रखें, क्योंकि दवाओं का सेवन नहीं करेंगे, तो आपका ब्लड शुगर लेवल बहुत कम भी हो सकता है, जो खतरनाक है।

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