
मुकेश शर्मा
मुकेश शर्मा दिल्ली यूनिर्विसिटी से जर्नलिज्म डिग्री होल्डर हैं और पिछले 8 साल से Health Journalism से जुड़े हुए ... Read More
Written By: Mukesh Sharma | Updated : June 3, 2025 1:44 PM IST
Pregnancy treatment in Ayurveda: मां बनने का सफर जितना कष्टदायक होता है उतना ही सुख कर भी। एक महिला के लिए माँ बनने का एहसास सबसे खूबसूरत होता है। आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ चंचल शर्मा ने बताया कि उनके पास एक महिला निःसंतानता के इलाज के लिए आई थीं। वह मुरादाबाद की रहने वाली थी। उनकी शादी को 8 साल हो चुके थे और उम्र 34 साल थी। उन्हीने 8 सालों में कई बार गर्भधारण की प्लानिंग की लेकिन कभी माँ नहीं बन पाई। करीब 6 साल पहले जब उन्होंने पहली बार कन्सीव किया था तब किसी कारणवश उनका गर्भपात हो गया था। उसके ठीक एक साल बाद उन्होंने दोबारा कन्सीव किया और फिर से मिसकैरेज हो गया। इस घटना के बाद उनकी हिम्मत टूट चुकी थी। फिर उन्होंने कई डॉक्टर से संपर्क किया उन्होंने बताया कि गर्भपात के कारण उनकी ट्यूब में सूजन आ गयी और अब वह नैचुरली कन्सीव नहीं कर पाएंगी बल्कि उन्हें माँ बनने के लिए आईवीएफ का सहारा लेना होगा।
मुसीबत की इस घड़ी में उनके पति ढ़ाल बनकर हर कदम पर उनके साथ थे। इसलिए उनकी खोयी हुई उम्मीद धीरे धीरे वापस होने लगी। वह आशा आयुर्वेदा के दिल्ली केंद्र पर डॉक्टर चंचल शर्मा से मिलने आई। डॉक्टर ने उनकी ट्यूब्स की स्थिति, मेडिकल हिस्ट्री और पुराने रिपोर्ट्स को देखते हुए उन्हें यह भरोसा दिलाया कि वह बिना किसी सर्जरी के माँ बन सकती हैं।
(Also Read: प्रेंग्नेंसी में दिक्कत ला सकती हैं ये 5 आदतें)
डॉ चंचल शर्मा ने तीन महीने तक डाइट, थेरेपी और आयुर्वेदिक दवाओं की मदद से उनका इलाज किया जिसके परिणामस्वरूप उनकी ट्यूब खुल गई। लेकिन इसके बाद उनके सामने एक चुनौती यह थी कि गर्भपात के खतरे को कम किया जाए ताकि उनकी प्रेगनेंसी हेल्दी हो। उन्होंने दो महीने तक दवाइयों और एक्सरसाइज से उन्हें गर्भधारण के लिए तैयार किया। जब स्थिति बिलकुल सामान्य हो गई तब तीसरे उन्होंने प्रेगनेंसी का प्रयास किया और सफलता भी मिली। प्रेगनेंसी किट में पॉजिटिव लाइन्स देखकर उन्हें अपनी आँखों पर यकीन नहीं हो रहा था। यह सब उनके लिए किसी चमत्कार की तरह था लेकिन आशा आयुर्वेदा की मदद से आगे के नौ महीने भी काफी स्मूथ रहे और उन्होंने एक हेल्दी बच्चे को जन्म दिया।
(Also Read: प्रेग्नेंसी के दौरान ये लक्षण हो सकते हैं गंभीर समस्या का संकेत)
डॉक्टर चंचल शर्मा बताती है कि आयुर्वेदिक इलाज से उन्होंने कई ऐसे नाउम्मीद कपल्स को संतान सुख दिया है। उनका मानना है की आयुर्वेदिक कोई चमत्कार नहीं करता है बल्कि यह एक चिकित्सा पद्धति है जो पौराणिक काल से चलता आ रहा है। इसलिए निःसंतानता से निराश होने की जरुरत नहीं है क्योंकि इसका इलाज संभव है।
(Also Read: गर्भवती महिलाएं भूलकर भी न करें ये गलतियां)
अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।