hamburger icon
A
Read in English

आयुर्वेद की मदद से यूं कंट्रोल करें स्ट्रेस और डिप्रेशन, एक्सपर्ट ने सुझाए कारगर उपाय

Stress kam karne ke liye ayurvedic upay: क्या आपके लिए काम और पर्सनल लाइफ से जुड़ा प्रेशर और तनाव हैंडल कर पाना मुश्किल हो रहा है। तो आप आयुर्वेद एक्सपर्ट द्वारा सुझायी गयीं ये टिप्स फॉलो कर सकते हैं।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 21, 2024 7:31 AM IST

WrittenBy

Medically Verified By:

Stress Management with the help of ayurveda: स्ट्रेस,एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याएं धीरे-धीरे लोगों की जिंदगी का हिस्सा ही बनती जा रही हैं। वर्किंग प्रोफेशनल्स हों या स्टुडेंट्स या फिर महिलाएं, हर किसी को अपने जीवन में किसी ना किसी बात को लेकर तनाव या एंग्जायटी महसूस ही होती है। कई बार लोगों बिना किसी कारण के भी बेचैन हो जाते हैं। दरअसल, यह बेचैनी या एंग्जायटी शरीर की उस स्थिति का संकेत हैं जो तनाव बढ़ जाने की वजह से बनी है।

बता दें कि, तनाव बढ़ जाने से शरीर में हार्मोन्स का स्तर बुरी तरह प्रभावित होता है। आयुर्वेद एक्सपर्ट डिम्पल जांगडा  (Dimple Jangda, Ayurveda Expert) ने डेली लाइफ में महसूस होने वाली समस्याओं जैसे तनाव, एंग्जायटी और डिप्रेशन जैसी गम्भीर स्थितियों से निपटने और इसे आसानी से हैंडल करने के लिए कुछ टिप्स बतायीं। आइए जानें क्या है उनकी सलाह-

स्ट्रेस और एंग्जायटी कंट्रोल करने के लिए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट टिप्स

10-2 बजे के बीच जागना कर दें बंद

रात 10 बजे के बाद से 2 बजे सुबह तक का समय ब्रेन और पूरे शरीर की कई प्रणालियों के लिए महत्वपूर्ण है। आजकल लोग देर रात तक जागते हैं और मोबाइल फोन पर बेव सीरीज देखते हैं, सोशल मीडिया अपडेट्स चेक करते हैं और सुबह 3-4 बजे तक सोते हैं। इससे शरीर की पूरी फंक्शनिंग पर असर होता है। डिम्पल जांगडा कहती हैं कि, रात 10-2 बजे का ही समय है जब आपका लिवर खुद को क्लीन करता है। जब आप इस समय सोते रहते हैं तो आपके ब्रेन में हैप्पी हार्मोन्स का निर्माण होता है। वहीं, मेलाटोनिन नामक हार्मोन जो नींद और आराम के साथ-साथ आपके सर्केडियन रिदम को काम करने में मदद करता है, उसके स्तर में भी बदलाव आने लगते हैं। इन सबके कारण ब्रेन को काम करने में दिक्कत होती है और आपके शरीर में कई तरह की बीमारियों का रिस्क भी बढ़ जाता है। इसीलिए, रात में जल्दी सोएं ताकिए 10-2 के समय में ब्रेन को आपके शरीर के सभी टिश्यूज़ को रिपेयक करने में मदद हो सके।

सोने से पहले करने सिर की चम्पी

सिर और शरीर की तेल से मालिश करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। इससे ब्रेन को काम करने में भी मदद होती है। आप अपनी पसंद की हर्ब्स और उनके नेचुरल ऑयल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

अश्वगंधा का सेवन करें

अश्वगंधा का पाउडर दूध में मिलाकर पीएं। इससे तनाव कम होता है और एंग्जायटी जैसी समस्याओं से आराम मिलता है।

ब्राह्मी

शरीर में स्ट्रेस बढ़ाने वाले हार्मोन्स कॉर्टिसोल्स का लेवल कम रखने के लिहाज से ब्राह्मी का सेवन करें। यह फोकस बढ़ाने और ब्रेन सेल्स को हेल्दी रखने में भी मदद करता है।