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How to boost egg quality in women- महिलाओं की उम्र बढ़ने के साथ उनकी फर्टिलिटी कम होने लगती है। विशेषकर 35 साल की उम्र के बाद महिलाओं की फर्टिलिटी पॉवर (Decreasing fertility power after the age of 35) और एग क्वालिटी में गिरावट आने लगती है। इसी वजह से उन्हें कंसीव कर पाने में बहुत मुश्किल (Problem in conceiving) आ सकती है। अगर आपके साथ भी ऐसी ही समस्या है तो आप अपने डॉक्टर से बात करें और इंफर्टिलिटी का सही कारण पता करें। वहीं, आयुर्वेद की मदद से अगर आप अपनी फर्टिलिटी पॉवर बढ़ाना चाहते हैं तो आप आयुर्वेद एक्सपर्ट और गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. चंचल शर्मा की बतायीं ये टिप्स आपके काम आ सकती हैं। इन टिप्स की मदद से महिलाओं की एग क्वालिटी में सुधार आता है।
डॉ चंचल शर्मा के अनुसार आपको हिम्मत हारने की जरुरत नहीं है क्यूंकि आयुर्वेदिक तरीके से उम्र बढ़ने के साथ भी आपके एग्ज की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। इससे आप नेचुरली कंसीव भी कर सकती है और अगर आईवीएफ करवाना चाहती हैं तो उसकी तैयारी में भी यह मददगार होगा।
अंडे की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आपको अपने खान पान का विशेष ध्यान रखना होगा क्यूंकि इसके लिए आपको अपनी डाइट में सभी पोषक तत्वों को समान रूप से शामिल करना होगा। आपको अपनी डाइट में एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन ए, आदि की मात्रा भरपूर रखनी होगी। डाइट अच्छी होने से हॉर्मोन्स भी संतुलित होंगे और आपकी प्रजनन क्षमता भी बढ़ेगी।
वजन ज्यादा होने से हॉर्मोनल संतुलन बिगड़ जाता है और प्रजनन क्षमता भी कम हो जाती है इसलिए कोशिश करें कि आपका वजन हमेशा नियंत्रित रहे। अगर आप एग की गुणवत्ता में सुधार चाहते हैं तो नियमित व्यायाम करें। इससे वजन भी नियंत्रित रहेगा और हार्मोनल संतुलन भी बना रहेगा जिससे गर्भधारण में समस्या नहीं होगी।
आप जितना ज्यादा स्ट्रेस लेंगे आपके शरीर में कोर्टिसोल का स्तर उतना ही बढ़ जायेगा जिससे हॉर्मोनल संतुलन ख़राब होता हैऔर प्रजनन क्षमता पर नाकारात्मक असर पड़ता है। एग की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आप नियमित योग, ध्यान या मेडिटेशन कर सकते हैं। इससे तनाव कम होता है और फोकस बढ़ता है।
एग्ज की गुणवत्ता अच्छी होने के लिए आपके शरीर में मेलाटोनिन हॉर्मोन का संतुलन जरुरी है जो अच्छी नींद से उत्पन्न होता है। इसलिए एक स्वस्थ व्यक्ति को जो कन्सीव करना चाहते हैं कम से कम 7 घंटों की नियमित नींद लेनी चाहिए। रात को समय से सो जाएँ और सुबह 6 बजे तक जग जाएँ।
स्मोकिंग करने से एग्ज की गुणवत्ता तो ख़राब होती ही है साथ ही ओवेरियन रिज़र्व भी कम होने लगता है इसलिए महिलाओं को शराब, सिगरेट जैसी नशीली चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे हार्मोनल संतुलन पर भी असर होता है जिससे प्रजनन एग्ज की गुणवत्ता ख़राब होती है।
Disclaimer : प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
हेल्दी लाइफस्टाइल जैसे हेल्दी डाइट, फिजिकली एक्टिव रहने और स्ट्रेस-फ्री रहने जैसी आदतों की मदद से आप नेचुरली अपनी फर्टिलिटी पॉवर को बढ़ा सकते हैं।
महिलाओं की एग क्वालिटी कम होने का सबसे बड़ा कारण उनकी बढ़ती उम्र हो सकती है। इसके अलावा स्ट्रेस, लाइफस्टाइल और कुछ क्रोनिक बीमारियों के कारण भी महिलाओं के प्रजनन एग्ज की क्वालिटी कम हो सकती है।