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Fatty Liver Disease: साइलेंट किलर कही जाने वाली बीमारी है फैटी लिवर डिजिज,जानें इसके लक्षण-कारण और राहत के आयुर्वेदिक उपाय

एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर इस स्थिति का समय पर इलाज ना किया जाए तो यह बहुत गम्भीर बन सकती हैं और आगे चलकर  लिवर डैमेज या लिवर सिरासिस जैसी बीमारियों का रिस्क भी बढ़ सकता है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 5, 2022 2:58 PM IST

Non-alcoholic fatty liver Fatty Liver Disease:फैटी लिवर डिजिज लिवर से जुड़ी एक गम्भीर और तेजी से फैलने वाली बीमारी है। यह दो प्रकार की होती है- अल्कोहॉलिक फैटी लिवर  और दूसरी नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लिवर। जैसा कि नाम से ही स्पष्ट होता है कि अल्कोहॉलिक फैटी लिवर की समस्या शराब या अल्कोहल के सेवन की वजह से जुड़ी है वहीं, नॉन अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (Non Alcoholic Fatty Liver Disease) का खतरा ऐसे लोगों में भी पाया जाता है जो अल्कोहल का सेवन नहीं करते।  इस तरह की बीमारी में व्यक्ति के लीवर में गम्भीर सूजन हो सकती है और लिवर में फैट या चर्बी जमा होने लगती है। एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर इस स्थिति का समय पर इलाज ना किया जाए तो यह बहुत गम्भीर बन सकती हैं और आगे चलकर  लिवर डैमेज या लिवर सिरासिस जैसी बीमारियों का रिस्क भी बढ़ सकता है।

फैटी लिवर डिजिज कितनी गम्भीर ?

बीते कुछ समय में सामने आए आंकड़ों से पता चलता है कि फैटी लिवर की समस्या कम उम्र के लोगों और खासकर युवाओं में काफी अधिक देखी जा रही है। वहीं, लिवर सिरोसिस के मामलों में भी काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है। डेटा के अनुसार, अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों में जहां मोटापा और लिवर से जुड़ी बीमारियों से पीड़ितों की तादाद काफी अधिक है वहां, हर तीन में से एक व्यक्ति में फैटी लिवर की बीमारी (Fatty liver Disease in youth) देखी जा सकती है।

फैटी लिवर डिजिज के कारण क्या हैं?

  • अस्त-व्यस्त जीवनशैली
  • मोटापा या अतिरिक्त वजन
  • शराब का बहुत अधिक सेवन
  • अनहेल्दी डाइट
  • टाइप- 2 डायबिटीज
  • अनुवांशिक कारण
  •  हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल्स

फैटी लिवर डिजिज के लक्षण क्या हैं?

  • पेट के दाहिने हिस्से में दर्द
  • पेट में सूजन या बेली फैट
  • भूख न लगना(Loss of appaetite)
  • तेजी से और अकारण वजन कम होना
  • बहुत अधिक थकान और कमजोरी
  • पैरों में सूजन
  • आंखों में पीले या लाल धब्बे दिखना
  • हमेशा उलझन में रहना
  • यूरीन का रंग बदलना

फैटी लिवर डिजिज से राहत के आयुर्वेदिक उपाय

आंवला

आंवले के फलों का सेवन लिवर के स्वास्थ्य के लिए बेहतर और फायदेमंद माना जाता है। आंवले में विटामिन सी, डाइटरी फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो लिवर में जमा जहरीले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं। इससे लिवर स्वस्थ बनता है और बीमारियों का रिस्क भी कम होता है। आंवले के सेवन से इपरलिपिडिमिया और मेटाबोलिक सिंड्रोम का रिस्क भी कम होता है। इसीलिए, लिवर को स्वस्थ रखने के लिए इसके सेवन की सलाह दी जाती है।

अलसी के बीज

फ्लैक्सीड्स यानि अलसी के बीजों  (Flaseeds)की खासियत होती है उनमें मौजूद हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स। ये पोषक तत्व लिवर हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं। फैटी लिवर एसिड की समस्या से पीड़ित लोगों को अलसी (Alsi) को भिगोकर, उसे छानकर अलसी का पानी पीने की सलाह दी जाती है।

साइट्रस फ्रूट्स

लिवर की समस्याओं से राहत पाने के लिए नींबू और अन्य खट्टे फलों का सेवन भी बहुत लाभकारी माना जाता है। सुबह खाली पेट नींबू का रस पीने से लिवर की सूजन कम हो सकती है।

(डिस्क्लेमर:इस लेख में दी गई बीमारी और घरेलू नुस्खों से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श लें।)