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World Health Day: 20-40 साल के लोगों में तेजी से बढ़ रही ये 3 बीमारियां, भविष्य में बन सकती हैं महामारी, आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानें बचाव 

चिंताजनक बात यह है कि 50 साल से कम उम्र के लोगों में भी इन बीमारियों से जुड़े मामले देखे जा रहे हैं।

World Health Day: 20-40 साल के लोगों में तेजी से बढ़ रही ये 3 बीमारियां, भविष्य में बन सकती हैं महामारी, आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानें बचाव 

Written by Sadhna Tiwari |Updated : April 7, 2024 8:06 PM IST

World Health Day 2024:  हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। लोगों को गम्भीर बीमारियों के प्रति जागरूक करने, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने और सम्पूर्ण पोषण प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना ही विश्व स्वास्थ्य दिवस का उद्देश्य है। साल 2024 की थीम है- ‘मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार’। जिसके माध्यम से लोगों को यह समझाने के प्रयास किए जाएंगे कि वे कैसे एक हेल्दी लाइफस्टाइल चुनें और कैसे खुद को बीमारियों से बचा सकते हैं।

विश्व स्वास्थ्य दिवस पर आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ. रवि शंकर पॉलीशेट्टी (Dr. Ravi Shankar Polisetty, Pioneer of Poly Scientific Ayurveda) बता रहे हैं उन बीमारियों के बारे में जो तेजी से दुनियाभर में बढ़ रही हैं। चिंताजनक बात यह है कि 50 साल से कम उम्र के लोगों में भी इन बीमारियों से जुड़े मामले देखे जा रहे हैं। आइए जानें कौन-सी हैं ये बीमारियां (severe diseases in young adults) जिनकी तरफ ध्यान देना आज सभी के लिए जरूरी है और क्या हैं इनसे बचाव के उपाय-

युवाओं में तेजी से बढ़ रही हैं ये बीमारियां (Diseases increasing in youngsters rapidly)

हृदय रोग (Cardiovascular diseases)

कार्डियोवैस्कुलर डिसॉर्डर ( Cardiovascular disorders) आज भी हर साल दुनियाभर में होनेवाली 30 प्रतिशत से अधिक मौतों (cardiovascular diseases behind deaths worldwide) के पीछे का कारण बनते हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (National Library of Medicine) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हाइपरटेंशन (hypertension in India), डायबिटीज मेलिटस (diabetes mellitus), डिस्लिपिडेमिया (dyslipidemia), मोटापा के अलावा हृदय रोग (cardiovascular diseases) तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण पोषक तत्वों से रहित डाइट (unwholesome food habits) और अनहेल्दी लाइफस्टाइल (unhealthy lifestyle patterns) है।

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मोटापा (Obesity)

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (World Health Organisation) के अनुसार, मोटापा आज दुनियाभर में लाइफस्टाइल डिजिजेज से जुड़ी सबसे बड़ी चिंता का कारण है। आंकड़ों के अनुसार साल 1990 की तुलना में साल 2024 में मोटापे के मामलों में 4 गुना बढ़ोतरी देखी गयी है।

आयुर्वेद में मोटापे को कंट्रोल करने के लिए शरीर के त्रिदोष (वात, पित्त और कफ) को कंट्रोल करने के साथ-साथ मेटाबॉलिक प्रोसेस को भी कंट्रोल करने की सलाह दी गयी है।

डॉ. रवि शकंर पॉलीशेट्टी का कहना है कि,“ आयुर्वेद के साथ आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के संयोजन से लोगों के शारीरिक, मानसिक, साइकोलॉजिकल और स्पिरिचुअल स्वास्थ्य (spiritual well-being of the patient) को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाते हैं। इन सबसे शरीर में एक्स्ट्रा फैट जमा होने से रोकने में मदद होती है जो कि मोटापे का मुख्य कारण (major cause of obesity) है।

डायबिटीज (Diabetes)

हाई ब्लड शुगर लेवल से जुड़ी इस बीमारी के बारे में एक्सपर्ट्स की राय है कि डायबिटीज अगली महामारी के तौर पर उभर सकती है। भारत में डायबिटीज के आंंकड़े काफी डरावने हैं। अनहेल्दी लाइफस्टाइल, हाई-कैलोरी डाइट, तनाव और नींद की कमी जैसे कारणों से डायबिटीज या मधुमेह की बीमारी दुनियाभर में फैल रही है।

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शुगर कंट्रोल करने के उपाय (Ayurvedic ways to prevent and manage diabetes)

  • मीठी चीजों से परहेज करें।
  • रोजाना कसरत करें।
  • तनाव से बचें।
  • मौसम के अनुसार डाइट में बदलाव करें।
  • मेथी, जीरा, सौंफ, करेला और जामुन के बीजोंका सेवन करें।
  • ध्यान, प्राणायाम और योग का नियमित अभ्यास करें।