
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : May 6, 2022 1:28 PM IST
Eating sweets before meal: पेट भर खाना खाने के बाद एक कटोरी गाजर का हलवा मिल जाए या दूध से बनी खीर खाने को मिल जाए तो हम भारतीय लोगों को पेट भरने की पूरी संतुष्टि मिल जाती है। भोजन के बाद लोगों का मूड तब और बेहतर हो जाता है जब उन्हें कुछ मीठा खाने को मिल जाए। भारतीय परिवारों में मौसम और क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग प्रकार की मीठी डिशेज भोजन के बाद या भोजन के साथ परोसी जाती हैं। वहीं, दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भी रोजाना के भोजन के साथ मीठा खाने की परम्परा देखी जाती है। कहीं-कहीं खाने से पहले ही लोग मीठे का स्वाद ले लेते हैं तो कहीं-कहीं भोजन समाप्त होने के बाद मीठा खाया जाता है। हालांकि, अगर आयुर्वेद के नियमों के बारे में बात की जाए तो वहां भोजन करने से पहले थोड़ा-सा मीठा खाने की सलाह दी गयी है।
केरल और अन्य तटीय राज्यों में पके हुए केले (ripe banana) दैनिक भोजन का एक महत्वपूर्ण घटक होते हैं। यहां भोजन के बीच में आधा केला खानेकी परम्परा है वहीं, बचा हुआ आधा केला भोजन समाप्त होने के बाद खाया जाता है। इसका संबंध पानशक्ति को बढ़ाने और भोजन को सही तरीके से पचने में सहायता करने से है।

आयुर्वेद के सिद्धांतों के अनुसार, भोजन के साथ मीठा खाने से शरीर अम्ल या एसिडिटी की तीव्रता कम हो जाती है, और इस तरीके से पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे पेट की जलन या एसिडिटी वगैरह होने का रिस्क भी कम हो जाता है। ऐसे में यह समझना महत्वपूर्ण है भोजन में किस तरह से मीठी डिशेज या मिठाई को शामिल किया जा सकता है। वहीं, भोजन से पहले या बाद में मीठा खाने से स्वास्थ्य पर किस तरह के प्रभाव पड़ते हैं यह समझना महत्वपूर्ण है। यहां पढ़ें भोजन से पहले और बाद में मिठाई खाने से होने वाले फायदों के बारे में-
