आयुर्वेद के अनुसार, सेहत के लिए फायदेमंद नहीं है साबूदाना; डॉ. रोहित साने बता रहे हैं इसे खाने के नुकसान
Eating sabudana healthy or harmful : आप भी साबूदाना को हेल्दी समझकर खा रहे हैं, तो रुक जाइए। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. रोहित साने बता रहे हैं साबूदाना हेल्दी है या नहीं।
During Shardiya Navratri, many people observe fasting and turn to light, sattvic foods to maintain energy and devotion. A single such food is sabudana (tapioca pearls), put to good use in khichdi, vadas and kheer. In addition to being a must-have when it comes to fasting, sabudana also has some health advantages – particularly for individuals seeking to lose some extra amount of weight. Here are the 5 amazing ways that sabudana can actually help to lose weight:
Written by Ashu Kumar Das|Published : December 22, 2025 7:08 PM IST
Eating Sabudana Healthy or Harmful : क्या आप भी व्रत, त्योहार या नाश्ते में हेल्दी मानकर साबूदाना खाते हैं, तो रूक जाइए। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ. रोहित साने का कहना है कि साबूदाना में कोई फाइबर, प्रोटीन या अन्य पोषक तत्व नहीं होता है। व्रत में साबूदाना खाने से ब्लड शुगर अचानक से स्पाइक होता है। इससे आपको तुरंत एनर्जी मिलती है और अच्छा महसूस करने लगते हैं। लेकिन नाश्ते में या व्रत में साबूदाना खाना सेहत के लिए हानिकारक होता है। साबूदाने में सिर्फ स्टार्च होता है, जो वजन बढ़ने का कारण भी बन सकता है।
साबूदाना क्या है?
साबूदाना असल में कसावा (Tapioca) की जड़ से निकला हुआ स्टार्च होता है। आयुर्वेद के अनुसार, साबूदाना खाने में भारी, ठंडी तासीर और कफ बढ़ाने वाला फूड है। साबूदाना खाने से शरीर को तुरंत एनर्जी तो मिलती है। लेकिन इसके पोषक तत्व सीमित होते हैं और इसका अत्यधिक सेवन करने से शरीर के दोष बढ़ सकते हैं।
आयुर्वेद के अनुसार साबूदाना खाने के नुकसान- disadvantages of eating sago
डॉ. रोहित साने बताते हैं कि साबूदाना खाने से पाचन अग्नि कमजोर हो जाती है। इससे पेट में गैस, पेट में दर्द, एसिडिटी और भारीपन की समस्या होती है। जिन लोगों की पाचन अग्नि पहले से ही कमजोर है, उनके लिए साबूदाना खाना अत्यधिक नुकसानदायक है।
जैसा कि हमने पहले भी बात की साबूदाना खाने से कफ बढ़ता है। इसका प्रभाव कफवर्धक है। व्रत के दौरान या नाश्ते में साबूदाना खाने से बार-बार सर्दी, खांसी- जुकाम की समस्या बढ़ती है। साबूदाना शरीर में बगलम को बढ़ाता है। इससे अस्थमा के लक्षण और सांस से जुड़ी बीमारियां ज्यादा होती हैं।
जो लोग वेटलॉस करना चाहते हैं उन्हें पूरी तरह से साबूदाना खाना छोड़ देना चाहिए। साबूदाना में पूरी तरह कार्बोहाइड्रेट होता है। ज्यादा कार्बोहाइड्रेट का सेवन करने से वजन बढ़ जाता है। ये मोटापे का भी कारण बनता है।
साबूदाना का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ज्यादा होता है। साबूदाना खाने से ब्लड शुगर स्पाइक तेजी से होता है। जिन लोगों को पहले से डायबिटीज की समस्या है, उन्हें साबूदाना का सेवन करने से बचना चाहिए।
साबूदानामें फाइबर की मात्रा शून्य के बराबर होती है। आयुर्वेद के अनुसार, बिना फाइबर के आहार का सेवन करने से मल का प्रवाह रुकता है। इसकी वजह से कब्ज, बवासीर
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