आयुर्वेद में इस रंग के अंगूरों को बताया जाता है सबसे अच्छा फल, डायबिटीज के मरीजों के लिए भी हैं गुणकारी

Kale Angoor Ke Fayde: नन्हें-नन्हें छोटे और रसीले काले अंगूर ना केवल स्वाद बल्कि पोषण के लिहाज से भी स्पेशल हैं। आइए जानें इनके सेवन के फायदों के बारे में।

WrittenBy

Written By: Sadhna Tiwari | Updated : September 26, 2024 6:11 PM IST

Black Raisins Health Benefits: वायरल बीमारियों से सुरक्षा हो, वेट लॉस हो या गट हेल्थ सुधारनी हो, इन सब चीजों के लिए हेल्दी फ्रूट्स का सेवन करने  की सलाह दी जाती है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि कुछ खास फलों में अन्य फलों की तुलना में ज्यादा न्यूट्रिएंट्स और गुण होते हैं।  आयुर्वेद में भी इन फलों के महत्व और गुणों की बात की गयी है। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉ.दीक्षा भवसार (Dr. Dixa Bhavsar) कहती हैं कि आयुर्वेद में काले अंगूरों के लिए कहा जाता है कि द्राक्ष फलोत्तम (Draksha Phalottamaa), जिसका अर्थ है कि सभी प्रकार के फलों में अंगूर ही सबसे अच्छा है। बाजार में हमेशा मीठे अंगूर ही मिलेंगे ऐसा नहीं होता। आपको कई बार खट्टे अंगूर भी मिलते हैं। पर क्या आप जानते हैं कि अलग-अलग तरह के अंगूरों के सेवन से आपके स्वास्थ्य पर भी अलग-अलग तरह के प्रभाव हो सकते हैं। दरअसल, हर तरह के अंगूरों की वेरायटी का शरीर को त्रिदोष (Tridosha) यानि वात, पित्त और कफ पर अलग-अलग प्रभाव पड़ता है। इसीलिए, हर तरह के अंगूर खाने चाहिए।

डॉ. दीक्षा के अनुसार, अंगूरों को उनके स्वाद के आधार पर मीठा या खट्टा-मीठा कहा जाता है। मीठे अंगूर जहां, वात और पित्त दोष को संतुलित (balances Vata and Pitta Dosha) करते हैं। वहीं, खट्टे अंगूर खाने से कफ और पित्त दोष बढ़ सकता है।

शरीर की कई बीमारियों को दूर करते हैं काले अंगूर

काले अंगूरों का स्वाद मीठा,रसीला और ठंडक देने वाला होता है। काले अंगूरों का सेवन कॉन्स्टिपेशन से लेकर आंखों की रोशनी बढ़ाने में भी मदद करता है। यह आयरन से भरपूर फल है जो कमजोरी और हीमोग्लोबिन की कमी जैसी परेशानियों से आराम दिलाता है।

सूखे अंगूरों का सेवन भी फायदेमंद

आपने भी ध्यान दिया होगा कि आयुर्वेद के जितने भी नुस्खे बताए जाते हैं उनमें अंगूर को हमेशा सूखाने के बाद ही इस्तेमाल किया जाता है। काले अंगूरों के सूखे फल काली किशमिश या मुनक्का कहे जाते हैं। इन सूखे फलों का सेवन करने से आपको कई तरह के फायदे हो सकते हैं जैसे-

बार-बार प्यास लगने या डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से राहत मिलती है।

बुखार, सांस से जुड़ी समस्याएं, लिवर से जुड़ी समस्याओं से भी काली किशमिश आराम दिलाती है।

हाथों-पैरों में जलन से आराम पाने के लिए काली किशमिश का सेवन किया जाता है।

गाउट के दर्द से भी आराम दिलाने में काली किशमशि कारगर है।

इसी तरह उल्टी की समस्या में भी मुनक्का का सेवन किया जाता है।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source