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Written By: Jitendra Gupta | Published : August 29, 2022 1:38 PM IST
दिल की नसों में जमा गंदगी को बाहर निकालेंगे ये 4आयुर्वेदिक तरीके! जानें खतरा कम करने वाली देसी जड़ी-बूटियां
Ayurvedic Treatment for High Cholesterol: दिल की नसों में जमा प्लाक, जिसे आप कोलेस्ट्रॉल (High Cholesterol) भी कह सकते हैं अगर इसका लेवल बढ़ जाता है तो ये आपके ह्रदय स्वास्थ्य के लिए खतरा साबित हो सकता है। इतना ही नहीं ये हार्ट अटैक के खतरे और दूसरी दिल की बीमारियों के खतरे को भी बढ़ाने का काम करता है। खान-पान की खराब आदतें, गतिहीन जीवनशैली और एक्सरसाइज की कमी कोलेस्ट्रॉल लेवल को अनहेल्दी तरीके से बढ़ाने का काम करती है, जिसकी वजह से शरीर के अंदर की कार्यक्षमता बुरी तरीके से प्रभावित होती है। न्यूट्रिशिनिस्ट और वेलनेस एक्सपर्ट करीशमा शाह ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में हाई कोलेस्ट्रॉल के आयुर्वेदिक उपचार (Ayurvedic Treatment for High Cholesterol ) का तरीका बताया है।
करीशमा का कहना है कि हाई कोलेस्ट्रॉल के लिए आयुर्वेदिक उपचारों मं डाइट को सीमित करना, मसाज, योग, सांस लेने की तकनीक, बर्ताव में बदलाव, एक्सरसाइज, क्लीनजिंग, हीट थेरेपी, एनिमा और हर्बल सप्लीमेंट शामिल है। हालांकि ये सभी तरीके हर एक व्यक्ति की जरूरतों के आधार पर प्रयोग किए जाते हैं और रोगी के शरीर के हिसाब से ही उपचार की योजना तैयार की जाती है। आइए जानते हैं हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने के 4 आयुर्वेदिक तरीके।
कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए जरूरी है कि आप सबसे पहले शरीर में कफ को सही तरीके से मैनेज करें। हाई कोलेस्ट्रॉल के मामले में कफ वाली संतुलिस डाइट लेना बहुत ही जरूरी है। इसके अलावा आपका आलस भरा लाइफस्टाइल कोलेस्ट्रॉल के लिए बिल्कुल भी हेल्दी साबित नहीं होता है।
धनिया बीजों का इस्तेमाल ढेर सारे आयुर्वेदिक नुस्खों में बरसों से होता आ रहा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन बीजों में फोलिक एसिड, विटामिन ए और विटामिन सी जैसी चीजों की मात्रा बहुत ज्यादा पाई जाती है। ये पोषक तत्व धनिया बीजों को आपके शरीर को तेजी से डिटॉक्स करने में गति प्रदान करते हैं।
मेथी के बीजों का इस्तेमाल लंबे अरसे से खाद्य पदार्थों को फ्लेवर देने के लिए होता आ रहा है लेकिन इसके फायदे सिर्फ स्वाद तक ही सीमित नहीं है। मेथी के बीजों को बरसों से उसके चिकित्सीय गुणों के कारण कई आयुर्वेदिक औषधियों में इस्तेमाल किया जाता है। इन बीजों में मौजूद विटामिन ई के साथ-साथ एंटी-डायबिटीज, एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण आपके स्वास्थ्य के लिए गुणकारी होते हैं।
पाम ऑयल और नारियल के तेल में मौजूद सैच्यूरेटेड फैट की उच्च मात्रा शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के लेवल को बढ़ाने के साथ-साथ ह्रदय रोग के खतरे को भी बढ़ाने का काम करती है। इसलिए इस तरह के तेल के सेवन में कमी लाने की कोशिश करे।