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इन 4 संकेतों से समझे किडनी हो रही है बीमार, यूनानी पद्धति से बूस्ट करें Kidney Function

Kidney disease early signs : किडनी हमारे शरीर का अहम अंग है, जो खून को साफ करने और शरीर को डिटॉक्स करने में असरदार होती है। इसमें किसी तरह की परेशानी होने पर हमारा शरीर कुछ संकेत देता है, जिसपर ध्यान देने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं इस बारे में-

इन 4 संकेतों से समझे किडनी हो रही है बीमार, यूनानी पद्धति से बूस्ट करें Kidney Function
Kidney problem (2)
VerifiedMedically Reviewed By: Dr. Tabassum Alam

Written by Kishori Mishra |Updated : March 13, 2026 12:55 PM IST

किडनी की बीमारी, खासकर क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD), समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ने वाली बीमारी है जिसमें किडनी की कार्यक्षमता कम होती जाती है। इसे अक्सर “साइलेंट डिजीज” कहा जाता है, क्योंकि शुरुआती चरणों में इसके स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। यह दुनिया भर में प्रमुख नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज (NCD) में से एक है, जो बीमारी, मृत्यु दर और स्वास्थ्य पर होने वाले खर्च को काफी बढ़ाती है। हमदर्द वेलनेस की कंसल्टेंट डॉ. तबस्सुम आलम, BUMS, MD (यूनानी) के अनुसार, यूनानी चिकित्सा में किडनी से जुड़ी बीमारियों को आमतौर पर “अमराज़-ए-कुलिया” (किडनी रोग) के अंतर्गत बताया जाता है।

यूनानी सिद्धांतों के अनुसार, शरीर में अखलात (ह्यूमर्स) के असंतुलन और किडनी के मिजाज में गड़बड़ी (सुए-मिजाज-ए-कुलिया) के कारण बीमारी विकसित होती है। इसलिए शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी होता है ताकि बीमारी को बढ़ने से रोका जा सके। यूनानी सिद्धांत और आधुनिक चिकित्सा दोनों के अनुसार, किडनी से जुड़ी समस्याओं का पहले से पता आप अपने शरीर में दिखने वाले कुछ संकेतों से पता लगा सकते हैं। आइए जानते हैं-

किडनी डिजीज के लक्षण क्य हैं?

अगर आपके शरीर में किडनी से जुड़ी किसी तरह की परेशानी होती है, तो कुछ संकेत नजर आ सकते हैं, जैसे-

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1. पेशाब में बदलाव - खासकर रात में बार-बार पेशाब आना, पेशाब की मात्रा कम होना, झागदार पेशाब या पेशाब में खून आना किडनी की समस्या का शुरुआती संकेत हो सकता है।

2. शरीर में सूजन - किडनी सही तरह से काम न करने पर शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे पैरों और टखनों, चेहरे तथा हाथों में सूजन (एडीमा) दिखाई दे सकती है।

3. थकान और कमजोरी - जब किडनी की कार्यक्षमता कम हो जाती है, तो खून में विषैले पदार्थ जमा होने लगते हैं। इससे व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी और कभी-कभी त्वचा पर रैशेज की समस्या हो सकती है। इसके अलावा जमा हुए विषैले पदार्थ भूख कम लगना, मतली, उल्टी और मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकते हैं।

4. कमर के निचले हिस्से में दर्द - कमर के निचले हिस्से में, खासकर किडनी के आसपास लगातार दर्द या असहजता महसूस होना भी किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि पीठ दर्द के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन अगर यह दर्द लगातार बना रहे या बिना वजह हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए क्योंकि यह किडनी के संक्रमण या खराब कार्यक्षमता से जुड़ा हो सकता है।

यूनानी चिकित्सा में कैसे किया जाता है किडनी डिजीज का इलाज?

डॉक्टर आलम का कहना है कि  यूनानी चिकित्सा किडनी की सेहत को बेहतर बनाने के लिए समग्र (होलिस्टिक) दृष्टिकोण अपनाती है। इसमें ऐसी जड़ी-बूटियों का उपयोग किया जाता है, जो किडनी की रक्षा (नेफ्रोप्रोटेक्टिव), मूत्रवर्धक (डायूरेटिक) और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती हैं, जिससे CKD जैसी समस्याओं को कंट्रोल किया जा सके।

यूनानी ट्रीटमेंट करने का उद्देश्य शरीर में मौजूद ह्यूमरल असंतुलन को ठीक करना (तादील-ए-मिजाज), सूजन कम करना, शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को मूत्र के जरिए बाहर निकालना और किडनी की ताकत बढ़ाना (ताक्वियत-ए-कुलिया) होता है। इसके लिए डाइट थेरेपी, लाइफस्टाइल में बदलाव और रेजिमेंटल थेरेपी जैसे हिजामा थेरेपी (कपिंग थेरेपी) का भी सहारा लिया जाता है।

किडनी डिजीज के लिए यूनानी में कौन-कौन से दवाईयां होती हैं?

डॉक्टर कहते हैं कि यूनानी में कुछ दवाईयां मौजूद होती हैं, जिससे किडनी डिजीज का इलाज किया जाता है, लेकिन इन दवाओं का प्रयोग डॉक्टर की सलाह पर ही करें। कुछ दवाइयां जैसे- तुख्म-ए-कुर्फा (Portulaca oleracea), तुख्म-ए-काहू (Lactuca sativa) का  किडनी की सुरक्षा के लिए उपयोग में लाया जाता है।

इसके अलावा संयुक्त औषधियों के रूप में जवाशिश ज़रूरी सोडा, शरबत बाजूरी मोतादिल, अर्क-ए-कसनी जैसी दवाओं का भी इस्तेमाल होता है। हालांकि, इन दवाओं के प्रयोग से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Highlights

  • किडनी डिजीज होने पर पेशाब का रंग पीला नजर आता है।
  • किडनी की बीमारियों का इलाज यूनानी पद्धति से हो सकता है।
  • किडनी को स्वस्थ रखने के लिए लाइफस्टाइल में बदलाव करें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

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