कब्ज का जड़ से सफाया: पेट की गंदगी बाहर निकाल देगी ये एक मामूली जड़ी-बूटी, सेवन का तरीका जान लें।
कब्ज का जड़ से सफाया: पेट की गंदगी बाहर निकाल देगी ये एक मामूली जड़ी-बूटी, सेवन का तरीका जान लें।
Does haritaki help with constipation : हरड़ एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, जिसको सही तरीके से खाया जाए, तो कब्ज से जल्द राहत मिल जाती है। आइए जानते हैं हरड़ कब्ज से (Kabaj Main haritaki ke fayde) कैसे राहत दिलाती है।
Written By: Ashu Kumar Das | Updated : February 10, 2026 9:00 AM IST
Does haritaki help with constipation : अगर आप भी कब्ज से परेशान हैं तो आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी हरड़ का सेवन करें। आयुर्वेद ही नहीं बल्कि रिसर्च भी बताती है कि हरड़ का सेवन अगर सही तरीके से किया जाए, तो पुरानी से पुरानी कब्ज दूर हो जाती है। हरड़ को आयुर्वेद में हरीतकी के नाम से जाना जाता है। इसे पथ्या भी कहा गया है, जिसका अर्थ है- जो शरीर के लिए हितकारी हो। हरड़ त्रिफला का एक प्रमुख घटक है और इसे पाचन तंत्र के लिए अमृत समान माना जाता है। प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में हरड़ को वातनाशक और पाचन सुधारक बताया गया है।
हरड़ कब्ज को कैसे दूर करती है?
प्राकृतिक रेचक की तरह काम करती है- आयुर्वेदिक डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि हरड़ में प्राकृतिक रेचक (Natural Laxative) गुण पाए जाते हैं। यह आंतों के अंदर एक्टिविटी को तेज करता है। इससे मल मुलायम बनता है और मल त्याग की प्रक्रिया आसान हो जाती है। जब आंतों की प्रक्रिया तेज होती है तो बिना जोर लगाए मल आसानी से बाहर निकल जाता है। इससे कब्ज, पेट दर्द और एसिडिटी की परेशानी दूर रहती है।
मजबूत पाचन अग्नि- आयुर्वेदिक डॉक्टर का कहना है कि आयुर्वेद में कमजोर पाचन अग्नि को कब्ज का मुख्य कारण माना गया है। हरड़ पाचन अग्नि को संतुलित कर भोजन को सही तरीके से पचाने में मदद करती है, जिससे अपचित भोजन आंतों में जमा नहीं होता है। जब आंतों में भोजन जमा नहीं होता है, तो कब्ज की परेशानी भी नहीं होती है।
आंतों की सफाई करता है- हरड़ आंतों में जमी पुरानी गंदगी और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन की वेबसाइट पर छपी एक रिसर्च बताती है कि हरड़ का सेवन करने से कोलन साफ होता है। जब कोलन साफ रहता है तो पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या भी धीरे-धीरे कम होने लगती है।
वात दोष को संतुलित-आयुर्वेद के अनुसार कब्ज मुख्य रूप से वात दोष के बढ़ने से होती है। हरड़ वात दोष को नियंत्रित करता है। हरड़ का सेवन करने से सुबह मल त्याग करने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। इससे कब्ज दूर होती है।
पेट फूलने की परेशानी करता है दूर- कब्ज के साथ गैस, अफारा और पेट दर्द की समस्या भी आम लोगों को होती है। ऐसे में हरड़ का सेवन करने से गैस का निर्माण कम होता है। ये पेट को समय के साथ हल्का महसूस करवाने में मदद करता है।
कब्ज के लिए हरड़ का सेवन कैसे करें?
चूर्ण- रात को सोने से पहले आधा गिलास गुनगुने पानी के साथ हरड़ चूर्ण का सेवन किया जा सकता है। सोने से पहले हरड़ चूर्ण का सेवन करने से मल को तेजी से मुलायम बनाने में मदद मिलती है।
दूध के साथ- अगर आप रात में हरड़ नहीं लेना चाहते हैं, तो सुबह खाली पेट गुनगुने दूध के साथ हरड़ को उबालकर भी पी सकते हैं। दूध के साथ हरड़ लेने से भी पेट साफ रखने में हेल्प मिलती है।
डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि आजकल लोग तुरंत राहत के लिए केमिकल युक्त जुलाब का उपयोग करते हैं, जो लंबे समय में आंतों को कमजोर कर सकते हैं। इसके विपरीत, हरड़ एक प्राकृतिक, सुरक्षित और लंबे समय का समाधान है। दवाओं के अलावा हरड़ कब्ज को बिना किसी साइड इफेक्ट के ठीक करती है।
Highligts
हरड़ एक प्राकृतिक औषधि है।
हरड़ मल को मुलायम बनाकर कब्ज दूर करती है।
हरड़ का सेवन गुनगुने पानी और दूध के साथ करें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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