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क्या सच में अदरक सूजन कम कर सकती है? जानिए फायदे, सही मात्रा और इस हर्ब पर क्या कहती है रिसर्च

अदरक भारतीय किचन में इस्तेमाल किया जाने वाला एक औषधीय मसाला है, जिसका इस्तेमाल न सिर्फ आयुर्वेद में बल्कि यूनानी और चीनी पद्धति में भी होता है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। आइए जानते हैं इस लेख में अदरके से जुड़ी हर एक जानकारी बारीकी से-

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Written By: Kishori Mishra | Published : July 25, 2026 12:20 PM IST

आयुर्वेद में अदरक को आर्द्रक कहा जाता है। यह एक औषधीय मसाला है, जिसका वैज्ञानिक नाम Zingiber officinale है। इसमें जिंजरॉल, शोगॉल  और अन्य एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। अदरक में मौजूद इन्हीं गुणों के कारण इसका इस्तेमाल सदियों से आयुर्वेद, यूनानी और पारंपरिक चीनी चिकित्सा पद्धति में  इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। हम में से कई लोग अदरक का इस्तेमाल चाय, काढ़े और कई तरह के घरेलू नुस्खों में करते हैं।

अदरक पर पिछले कई दशकों में अनेक क्लीनिकल ट्रायल और मेटा-एनालिसिस प्रकाशित हो चुके हैं। कई रिसर्च में पाया गया है कि अदरक में एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इन्फ्लेमेटरी और मतली कम करने वाले गुण होते हैं। ऐसे में अक्सर लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठते हैं, जैसे- क्या अदरक अर्थराइटिस की परेशानी कम कर सकता है? क्या अदरक से सूजन कम हो सकती है? क्या अदरक इम्यूनिटी बूस्ट कर सकता है? क्या अदरक की चाय पीने से सर्दी-जुकाम की परेशानी दूर होती है? इन्हीं सारे सवालों के जवाब हम वैज्ञानिक रिसर्च और डॉक्टर्स के आधार पर देने जा रहे हैं।

अदरक में कौन-कौन से गुण पाए जाते हैं?

अदरक में कई गुण मौजूद होते हैं, जो अलग-अलग तरीकों से हमारे शरीर के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, जैसे-

अदरक में मौजूद गुणएक्टिव कंपाउंडसंभावित लाभ
एंटीऑक्सीडेंट गुणजिंजरोल (Gingerol), शोगाओल (Shogaol), जिंजरोन (Zingerone)शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री रेडिकल्स से बचाव में मदद कर सकते हैं।
एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण6-जिंजरोल, 8-जिंजरोल, शोगाओलशरीर में सूजन से जुड़े केमिकल्स को कम करने में मदद कर सकते हैं।
एंटी-माइक्रोबियल गुणजिंजरोल, एसेंशियल ऑयलकुछ बैक्टीरिया और फंगस की वृद्धि को रोकने में मदद कर सकते हैं।
पाचन सुधारने वाले गुणजिंजरोल, शोगाओलमतली, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं में राहत देने में मदद कर सकते हैं।
एंटी-नॉजिया6-जिंजरोल, 6-शोगाओलप्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मॉर्निंग सिकनेस और मोशन सिकनेस में मददगार हो सकता है।
दर्द कम करने वाले गुणजिंजरोल, शोगाओलमांसपेशियों के दर्द और पीरियड्स के दर्द में राहत देने में सहायक हो सकता है।
एंडी-डायबिटीक गुणजिंजरोल, पॉलीफेनॉल्सइंसुलिन संवेदनशीलता और ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
हृदय स्वास्थ्य से जुड़े गुणजिंजरोल, फ्लेवोनॉयड्सकोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकते हैं।
इम्यून सपोर्टिंग गुणएंटीऑक्सीडेंट और बायोएक्टिव कंपाउंड्सशरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली को सपोर्ट कर सकते हैं।
Source: Journal of Ayurveda and Integrative Medicine and NCBI

अदरक का सेवन कैसे किया जा सकता है?

अदरक का सेवन कई अलग-अलग तरीकों से किया जा सकता है, जो निम्न हैं-

अदरक की चाय - कई लोगों को अदरक का सेवन चाय के रूप में करना पसंद होता है। इसके लिए 1 से 2 इंच ताजा अदरक को पानी में उबालकर चाय की तरह पी सकते हैं। इससे सर्दी-जुकाम में राहत और गले की खराश में आराम मिल सकता है।

कच्चा अदरक - कुछ लोग अदरक को कच्चा ही खाना पसंद करते हैं। इसके लिए भोजन से पहले या साथ में थोड़ी मात्रा में अदरक खाते हैं। इससे पाचन में मदद कर सकता है।

अदरक और शहद- अदरक और शहद का कॉम्बिनेशन भी काफी अच्छा होता है। इसके लिए अदरक को कद्दूकस किया जाता है, जिसमें थोड़ी सी मात्रा में शहद मिक्स करके इसका सेवन करते हैं। इससे खांसी और गले की परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

अदरक पाउडर यानि सोंठ का पाउडर -  कुछ लोग अदरक के पाउडर को दूध या फिर चाय में मिलाकर पीते हैं। इससे पाचन और सूजन से जुड़ी समस्याओं को दूर किया जा सकता है।

2 ग्राम अदरक में मौजूद पोषक तत्व क्या हैं?

अदरक में कई जरूरी पोषक तत्व होते हैं। आइए जानते हैं 2 ग्राम ताजे और सूखे अदरक में मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा -

अदरक के फायदे क्या हैं?

नेशनल सेंटर फॉर कॉम्प्लिमेंट्री एंड इंटीग्रेटिव हेल्थ (NCCIH) के मुताबिक, अदरक में मतली को कंट्रोल करने का गुण होता है। मुख्य रूप से प्रेग्नेंसी के दौरान होने वाली मोशन सिकनेस में यह फायदेमंंद हो सकता है। इसके साथ ही इसके कुछ अन्य फायदे हैं, जैसे-

1. मतली और उल्टी को कम करने में मददगार

अदरक का सबसे ज्यादा अध्ययन मतली और उल्टी को कम करने के लिए किया गया है। NHI पर छपी रिसर्च के अनुसार, अदरक में मौजूद जिंजरोल और अन्य सक्रिय तत्व पेट और मस्तिष्क के उन संकेतों को प्रभावित कर सकते हैं, जो उल्टी की प्रक्रिया से जुड़े होते हैं। रिसर्च में पाया गया है कि अदरक गर्भावस्था के दौरान होने वाली मॉर्निंग सिकनेस, सर्जरी के बाद होने वाली मतली और कुछ मामलों में मोशन सिकनेस जैसी समस्याओं में राहत देने में मदद कर सकता है। हालांकि, गर्भावस्था में इसकी मात्रा डॉक्टर की सलाह से लेना बेहतर होता है।

2. पाचन को बेहतर करने में सहायक

अदरक को आयुर्वेद में दीपन और पाचन बढ़ाने वाला माना गया है। NCBI की रिपोर्ट के मुताबिक, अदरक पेट खाली होने की प्रक्रिया (gastric emptying) को बेहतर करने में मदद कर सकता है, जिससे खाना पचने में आसानी हो सकती है। यह पेट फूलना, गैस और अपच जैसी समस्याओं में कुछ लोगों को राहत दे सकता है। अदरक में मौजूद प्राकृतिक यौगिक पाचन तंत्र की गतिविधियों को सक्रिय करने में भूमिका निभा सकते हैं।

3. सूजन और दर्द कम करने में संभावित लाभ

अदरक में मौजूद 6-जिंजरोल और अन्य कंपाउंड शरीर में सूजन पैदा करने वाले कुछ रसायनों की गतिविधि को कम करने में मदद कर सकते हैं। अदरक के सेवन को जोड़ों के दर्द और ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों में कमी से जोड़ा गया है। हालांकि, यह दर्द की दवा का ऑप्शन नहीं है, बल्कि इससे कुछ हद तक परेशानी कम हो सकती है।

4. पीरियड्स के से मिल सकता है आराम

पीरियड्स के दौरान होने वाली परेशानी में भी अदरक फायदेमंद हो सकता है। pubmed पर छपी रिपोर्ट में पाया गया है कि पीरियड्स शुरू होने के शुरुआती दिनों में अदरक का सेवन दर्द की तीव्रता कम करने में मदद कर सकता है।

5. इम्यूनिटी और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव

अदरक में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद कर सकते हैं। फ्री रेडिकल्स की अधिकता शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकती है, जो कई क्रॉनिक बीमारियों से जुड़ी होती है। अदरक में मौजूद जिंजरोल जैसे तत्व शरीर की प्राकृतिक रक्षा प्रणाली को सपोर्ट कर सकते हैं। हालांकि, अदरक को किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जा सकता, बल्कि यह संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है।

अदरक पर क्या कहती है रिसर्च?

अदरक पर क्या कहती है रिसर्च? अदरक पर क्या कहती है रिसर्च?

आयुर्वेद में ही नहीं, बल्कि कई वैज्ञानिक रिसर्च में भी इस बात को साबित किया गया है कि अदरक के सेवन से शरीर को कई तरह के फायदे हो सकते हैं। NCBI पर छपी रिपोर्ट के मुताबिक,  अदरक में पाए जाने वाले बायोएक्टिव कंपाउंड जिंजरोल, शोगाओल  और जिंजरोन  शरीर में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रभाव पैदा कर सकते हैं।

अदरक पर हुई कई क्लिनिकल स्टडीज में इसे खासतौर पर मतली और उल्टी कम करने, पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, सूजन और दर्द को कम करने में संभावित रूप से फायदेमंद पाया गया है। रिसर्च में बताया गया है कि अदरक के फायदे सबसे ज्यादा नॉजिया, उल्टी, पाचन संबंधी समस्याओं और सूजन से जुड़ी स्थितियों में होता है।

इसके साथ ही  NHI की रिसर्च में अदरक को ब्लड शुगर कंट्रोल और मेटाबॉलिक हेल्थ में सुधार से भी जोड़ा गया है। हालांकि, इन प्रभावों की पुष्टि के लिए अभी और बड़े स्तर पर रिसर्च होने की जरूरत है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अदरक को संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर लिया जा सकता है, लेकिन इसे किसी बीमारी की दवा या इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

अदरक पर डाइटिशियन की राय क्या है?

डाइट मंत्रा क्लीनिक की डायटीशियन कामिनी सिंहा का कहना है कि अदरक एक हेल्दी डाइट का हिस्सा हो सकता है। इसमें मौजूद जिंजरोल जैसे बायोएक्टिव कंपाउंड एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से जुड़े होते हैं। इन्हीं गुणों के कारण अदरक पाचन को बेहतर करने, गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत देने में मददगार साबित हो सकती है।Dt. Kamini Sinha

इसके साथ ही अदरक मतली और उल्टी को कम करने में मदद कर सकता है। अदरक में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण सूजन, मांसपेशियों के दर्द, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने में फायदेमंद साबित हो सकती है। वहीं, डायटीशियन का कहना है कि हमारे शरीर के लिए अदरक फायदेमंद होती है, लेकिन इसका सेवन सीमित मात्रा में करें। आप इसे  चाय, सब्जी, दाल या सलाद शामिल कर सकते हैं। हालांकि, अधिक मात्रा में अदरक का अगर आप सेवन करते हैं, तो इससे एसिडिटी या पेट में जलन हो सकती है। वहीं, अगर आप ब्लड थिनर दवा लेते हैं, पित्त की पथरी की समस्या है या किसी सर्जरी की तैयारी हो रही है, तो ऐसे में अदरक का सेवन करने से पहले एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

क्या अदरक से सूजन कम हो सकती है?

क्या अदरक से सूजन कम हो सकती है? क्या अदरक से सूजन कम हो सकती है?

अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या अदरक से सूजन कम हो सकती है? इस विषय पर हैदराबाद स्थित यशोदा हॉस्पिटल के जनरल फिजिशयन डॉ. विघ्नेश वाई का कहना है कि अदरक में मौजूद जिंजरोल और अन्य बायोएक्टिव कंपाउंड में एंटी-इंफ्लेमेटरी यानि सूजन को कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। ये शरीर में बनने वाले कुछ ऐसे केमिकल्स के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं, जो सूजन और दर्द बढ़ाने में भूमिका निभाते हैं। इसी कारण से अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से आयुर्वेद और अन्य चिकित्सा पद्धतियों में सूजन, दर्द और पाचन से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए किया जाता है।

हालांकि, इस बात पर ध्यान दें कि अदरक का सेवन मांसपेशियों के दर्द, एक्सरसाइज के बाद होने वाली सूजन और ऑस्टियोआर्थराइटिस जैसी स्थितियों में कुछ लोगों को हल्की-फुल्की राहत दे सकता है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में अलग हो सकता है और अदरक को किसी बीमारी के इलाज या दवा का विकल्प नहीं माना जा सकता है। ऐसे में इसे दवा की तरह बिल्कुल भी ना लें। आप इसे कुछ मात्रा में अपने आहार में जोड़ सकते हैं।

क्या अदरक किसी बीमारी का इलाज कर सकती है?

डॉ. विघ्नेश का कहना है कि अदरक को किसी बीमारी का इलाज करने वाली दवा नहीं माना जा सकता, लेकिन इसमें मौजूद जिंजरोल जैसे प्राकृतिक तत्व शरीर को कुछ स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में मदद कर सकते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी अदरक को किसी बीमारी की स्टैंडर्ड ट्रीटमेंट  का विकल्प नहीं मानता। इसलिए किसी भी बीमारी में डॉक्टर द्वारा दी गई दवा बंद करके सिर्फ अदरक पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

कई रिसर्च में बताया गया कि अदरक में एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भूमिका निभा सकते हैं। इसका सेवन मतली, उल्टी, अपच, पेट फूलना और हल्के पाचन संबंधी लक्षणों में राहत देने में मदद कर सकता है।

Dr. Vighnesh

कुछ अध्ययनों में अदरक को जोड़ों के दर्द और सूजन (ऑस्टियोआर्थराइटिस), मांसपेशियों के दर्द और ब्लड शुगर कंट्रोल में संभावित लाभ से जोड़ा गया है। हालांकि, इन स्थितियों में अदरक सिर्फ सपोर्टिव भूमिका निभा सकता है, इसे डॉक्टर द्वारा दी गई दवा या इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

डॉक्टर का कहना है कि अदरक को संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर सीमित मात्रा में लेना फायदेमंद हो सकता है। लेकिन अगर किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी, जैसे डायबिटीज, हार्ट डिजीज, खून पतला करने वाली दवाओं का सेवन या कोई अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो ज्यादा मात्रा में अदरक लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। यानी अदरक बीमारी ठीक नहीं करती, लेकिन शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाओं को सपोर्ट कर सकती है।

एक दिन में कितनी मात्रा में अदरक खा सकते हैं?

एक दिन में कितनी मात्रा में अदरक खा सकते हैं? एक दिन में कितनी मात्रा में अदरक खा सकते हैं?

आयुर्वेदिक टेलीमेडिसिन के प्रणेता, मशहूर आयुर्वेदाचार्य और वेलनेस एंबेसडर डॉ. प्रताप चौहान का कहना है कि एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति आमतौर पर रोजाना 2-4 ग्राम ताजा अदरक यानि लगभग 1-2 इंच का छोटा टुकड़ा ले सकता है। वहीं, अगर आप अदरक पाउडर लेना चाहते हैं, तो रोजाना 1 ग्राम का सेवन करना पर्याप्त हो सकती है। इसे चाय, सब्जी, दाल, सूप या अन्य व्यंजनों में मिलाकर लिया जा सकता है।

हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि अदरक की अधिक मात्रा लेने से कुछ लोगों में सीने में जलन, एसिडिटी, पेट में परेशानी या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गर्भवती महिलाओं, ब्लड थिनर दवालेने वाले लोगों, पित्त की पथरी या किसी सर्जरी की तैयारी कर रहे लोगों को ज्यादा मात्रा में अदरक लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

आयुर्वेद के अनुसार अदरक में मौजूद गुण

आयुर्वेद के मुताबिक, अदरक में कई तरह के गुण होते हैं, जैसे-

आयुर्वेद के अनुसार अदरक के गुण
गुणअर्थ
रस (स्वाद)कटु यानि तीखा
गुणगुरु (भारी), स्निग्ध (हल्का तैलीय)
वीर्यउष्ण (गर्म तासीर)
विपाकमधुर
दोष प्रभाववात और कफ को शांत करने वाला, अधिक मात्रा में पित्त बढ़ा सकता है
Source: Ministry of AYUSH, Government of India

अदरक से जुड़े कुछ मिथक

अदरक से जुड़े मिथक को अक्सर हम सच मान लेते हैं, जिसके बारे में हर किसी को पता होना चाहिए। आइए जानते हैं-

मिथक : अदरक खाने से हर तरह की सूजन खत्म हो जाती है।

सच : नहीं, यह सूजन कम करने में मदद कर सकता है लेकिन इलाज नहीं है।

मिथक : अदरक से इम्यूनिटी तुरंत बढ़ जाती है।

सच : अदरक सिर्फ इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करती है,  इससे तुरंत इम्यूनिटी बढ़ जाती है ऐसा कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।

मिथक : ज्यादा अदरक खाने से ज्यादा फायदा होता है

सच : नहीं, अगर आप ज्यादा अदरक खाते हैं, तो इससे एसिडिटी और पेट खराब की परेशानी हो सकती है।

मिथक : डायबिटीज की दवा छोड़कर अदरक खा सकते हैं।

सच : नहीं, ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है।

ताजा अदरक और सोंठ में क्या अंतर है?

फ्रेश अदरक को सुखाकर ही सोंठ तैयार किया जाता है, लेकिन दोनों के फायदे और एक्टिव यौगिक में कुछ अदरक होते हैं। आइए जानते हैं-

ताजा अदरक और सोंठ में क्या अंतर है?
तुलनाफ्रेश अदरकसोंठ यानि सूखा अदरक
मुख्य एक्टिव यौगिकजिंजरोल (Gingerol) अधिकशोगाओल (Shogaol) अधिक
स्वादहल्का तीखा और रसदार होता है।ज्यादा तीखा और गर्म होता है।
आयुर्वेदिक गुणपाचन सुधारने और भूख बढ़ाने में असरदारकफ कम करने और शरीर को गर्म रखने में फायदेमंद
कब ज्यादा इस्तेमाल होती है?फ्रेश अदरक का इस्तेमाल अक्सर चाय, सलाद, सब्जी, जूस में होती है।सोंठ का इस्तेमाल काढ़ा, चूर्ण, आयुर्वेदिक औषधियों में होता है।
फायदेमतली, अपच और गैस में कुछ हद तक फायदेमंद होता है।दर्द, सूजन और सर्दी-खांसी में पारंपरिक रूप से इस्तेमाल होता है।
किन मौसमों में ज्यादा उपयोगसभी मौसम
खासकर सर्दियों और बरसात में सूखे अदरक का इस्तेमाल होता है।
Source:  National Center for Biotechnology Information (NCBI)

अदरक से जुड़े सवाल-जवाब

कई लोगों के मन में अदरक से जुड़े अलग-अलग सवाल होते हैं, आइए जानते हैं इस सवालों के जवाब-

1. क्या रोज अदरक खाना सुरक्षित है?

आयुर्वेदाचार्य  डॉ. प्रताप चौहान का कहना है कि आप रोजाना अदरक का सेवन कर सकते हैँ।  अधिकतर स्वस्थ लोगों के लिए सीमित मात्रा में अदरक का रोजाना सेवन सुरक्षित माना जाता है। आमतौर पर 2–4 ग्राम ताजा अदरक या लगभग 1 ग्राम सूखा अदरक यानि सोंठ रोज लिया जा सकता है।

 2. क्या अदरक इम्यूनिटी बढ़ाती है?

डॉ. विघ्नेश वाई का कहना है कि अदरक से आपकी इम्यूनिटी को सपोर्ट मिलता है। क्योंकि इसमें मौजूद जिंजरोल जैसे एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिक होते हैं। हालांकि, सिर्फ अदरक खाने से इम्यूनिटी बढ़ने का दावा करने के लिए पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं।

3. क्या अदरक सर्दी-खांसी में फायदेमंद है?

डॉक्टर कहते हैं कि अदरक की चाय या गर्म पानी में अदरक का सेवन गले को आराम देने और सर्दी-खांसी के लक्षणों में कुछ राहत पहुंचा सकता है। लेकिन अगर लक्षण गंभीर हों या लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

4. क्या अदरक से सूजन कम हो सकती है?

हां, अदरक में मौजूद जिंजरोल और शोगोल जैसे यौगिकों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। कुछ अध्ययनों में इसे जोड़ों के दर्द, मांसपेशियों की सूजन और ऑस्टियोआर्थराइटिस के लक्षणों में संभावित लाभ से जोड़ा गया है, लेकिन यह दवा का विकल्प नहीं है।

5. क्या अदरक डायबिटीज में फायदेमंद है?

कुछ रिसर्च में अदरक को ब्लड शुगर कंट्रोल में संभावित मददगार पाया गया है, लेकिन सबूत अभी सीमित हैं। इसलिए डायबिटीज की दवा बंद करके केवल अदरक पर निर्भर नहीं होना चाहिए।

6. किन लोगों को अदरक का सेवन सावधानी से करना चाहिए?

ब्लड थिनर दवाएं लेने वाले, पित्त की पथरी से पीड़ित, सर्जरी कराने वाले और गर्भवती महिलाओं को अधिक मात्रा में अदरक का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

7. क्या खाली पेट अदरक खाना सही है?

ज्यादातर लोगों के लिए थोड़ी मात्रा में खाली पेट अदरक खाना सुरक्षित हो सकता है। हालांकि, जिन लोगों को एसिडिटी, गैस्ट्राइटिस या पेट में जलन की समस्या रहती है, उन्हें इससे असुविधा हो सकती है।

8. क्या अदरक के ज्यादा सेवन से नुकसान हो सकता है?

हां, जरूरत से ज्यादा अदरक खाने से सीने में जलन, एसिडिटी, पेट खराब, गैस या दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए इसका सेवन हमेशा संतुलित मात्रा में करना चाहिए।

Disclaimer : यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी किसी डॉक्टर की सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। अदरक के स्वास्थ्य लाभों पर उपलब्ध वैज्ञानिक अध्ययनों के आधार पर जानकारी दी गई है, लेकिन इसका प्रभाव हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। अगर आपको कोई पुरानी बीमारी है या फिर किसी अन्य तरह की शिकायत है, तो ऐसे में अपने किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह जरूर लें।