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कब्ज से लेकर Dry Skin तक वात बिगड़ने से हो सकती हैं ये 5 बीमारियां, इन आसान तरीकों से करे मैनेज

disease caused by vata dosha according to ayurveda : आयुर्वेद के अनुसार, जब वात दोष संतुलित रहता है, तो शरीर चुस्त, दिमाग सक्रिय और पाचन सही रहता है। लेकिन यदि यह असंतुलित हो जाए, तो कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक बीमारियां होती हैं।

कब्ज से लेकर Dry Skin तक वात बिगड़ने से हो सकती हैं ये 5 बीमारियां, इन आसान तरीकों से करे मैनेज
VerifiedVERIFIED By: Dr. Chanchal Sharma

Written by Ashu Kumar Das |Published : February 17, 2026 6:15 PM IST

Disease caused by vata dosha according to ayurveda : आयुर्वेद के अनुसार हमारा शरीर तीन दोषों-वात, पित्त और कफ से मिलकर बना है। इनमें से वात दोष को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यह शरीर में हर प्रकार की गतिविधि (मूवमेंट) को नियंत्रित करता है। सांस लेना, पलक झपकाना, चलना, बोलना, सोच पाना, यहां तक कि मल-मूत्र त्याग की प्रक्रिया भी वात दोष द्वारा ही नियंत्रित की जाती है।

दिल्ली की आशा आयुर्वेदा की आयुर्वेदाचार्य डॉ. चंचल शर्मा कहती हैं कि जब वात दोष संतुलित रहता है, तो शरीर चुस्त, दिमाग सक्रिय और पाचन सही रहता है। लेकिन यदि यह असंतुलित हो जाए, तो कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक बीमारियां शरीर में जन्म लेने लगती हैं।

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वात दोष क्या है?

आयुर्वेद के अनुसार, वात दोष वायु (Air) और आकाश (Space) तत्व से मिलकर बना है। इसकी मुख्य विशेषताएं हैं:

  1. शुष्क (Dry)
  2. ठंडा (Cold)
  3. हल्का (Light)
  4. चलायमान (Mobile)
  5. सूक्ष्म (Subtle)

जब शरीर में ये गुण अत्यधिक बढ़ जाते हैं, तो वात असंतुलित हो जाता है।

शरीर का वात दोष बढ़ने के कारण

आयुर्वेद के अनुसार, किसी व्यक्ति के शरीर में वात दोषबढ़ने के पीछे कोई 1 नहीं, बल्कि कई वजहें होती हैं। इसमें शामिल हैः

  1. बहुत ज्यादा व्रत रखना या खानपान का सही पैटर्न न होना
  2. देर रात तक जागना, ज्यादा मोबाइल का यूज करना
  3. ज्यादा यात्रा करना
  4. किसी भी कारण से ज्यादा तनाव लेना
  5. अत्यधिक एक्सरसाइज
  6. बढ़ती उम्र (विशेषकर 50 वर्ष के बाद)

Balancing Vata and Pitta Doshas

वात दोष के कारण होने वाली बीमारियां

  1. जोड़ों का दर्द (आर्थराइटिस)- डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि जिन लोगों के शरीर का वात दोष बढ़ जाता है, उनमें अक्सर कम उम्र में ही जोड़ों के दर्द की परेशानी देखी जाती है। वात बढ़ने से जोड़ों में सूखापन आ जाता है, जिससे दर्द, जकड़न और सूजन हो सकती है। आयुर्वेद में इसे वातज संधिवात कहा जाता है।
  2. कब्ज (Constipation)- वात दोष पाचन तंत्रिका को भी प्रभावित होता है। इससे आंतों में सूखापन बढ़ने से आंतों की गति धीमी हो जाती है, जिससे कब्ज की समस्या होती है।
  3. नसों से जुड़ी समस्याएं- आयुर्वेद के अनुसार, वात दोष बढ़ने पर साइटिका, नसों में दर्द, हाथ-पैरों में झनझनाहट की परेशानी भी देखी जाती है। वात नसों को नियंत्रित करता है। इसलिए वात दोष में कुछ भी गड़बड़ी होती है तो ये सीधे तौर पर नसों को प्रभावित करती है।
  4. नींद से जुड़ी परेशानी- आयुर्वेदाचार्य बताती हैं कि वात बढ़ने पर मन अधिक सक्रिय हो जाता है, जिससे नींद नहीं आती या रात को सोते समय बार-बार नींद खुलती है। अगर आपको रात में नींद की परेशानी हो रही है, तो इस बारे में डॉक्टर या आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से बात करें।
  5. स्किन का ड्राई होना- वात दोष बढ़ने पर स्किन और बालों से जुड़ी परेशानी भी देखी जाती है। ड्राई स्किन, फटी एड़ियां, बालों का झड़ना- ये सभी वात असंतुलन के संकेत हो सकते हैं।
  6. वजन कम होना- जो लोग पर्याप्त मात्रा में खाना खाते हैं और इसके बावजूद दुबले- पतले शरीर से परेशान रहते हैं, यह भी वात दोष बढ़ने के कारण होता है। डॉ. चंचल शर्मा का कहना है कि वात दोष बढ़ने पर अचानक से वजन कम होने लगता है या फिर वजन हमेशा ही कम रहता है।

वात दोष को कैसे मैनेज करें?

आयुर्वेद के अनुसार, वात दोष को मैनेज करने के लिए आप नीचे बताए गए उपायों को अपना सकते हैं।

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S.NOक्या करेंक्या फायदा मिलेगा
1नियमित लाइफस्टाइलवात को संतुलित रखने के लिए नियमित लाइफस्टाइल बहुत जरूरी है। इसके लिए समय पर खाना खाएं और जागे। रोजाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज जरूर करें।
2ताजा खाना ही खाएंवात दोष को शांत रखने के लिए हमेशा गर्म, ताजा और हल्का पका हुआ खाना खाए। खाने में घी और तिल का तेल सीमित मात्रा में इस्तेमाल करें।
3 ज्यादा सूखे खाने से दूरी रखेंवात दोष को कम करने के लिए ठंडा खाना खाने से बचें। ज्यादा सूखा भोजन (पापड़, चिप्स), अत्यधिक कैफीन का सेवन करने से बचें।

Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।