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Ayurvedic Diet Plan For Fatty Liver: आजकल के गलत खानपान और खराब जीवनशैली के कारण फैटी लिवर की समस्या आम हो गई है। जब लिवर की कोशिकाओं में ज्यादा मात्रा में फैट इकट्ठा होने लगता है, तो इसे फैटी लिवर कहते हैं। जो लोग शराब का बहुत अधिक सेवन करते हैं, उन्हें यह बीमारी ज्यादा होती है। हालांकि, जो लोग शराब नहीं पीते हैं, उन्हें भी फैटी लिवर की समस्या हो सकती है। फैटी लिवर होने पर पेट में दर्द, सूजन, भूख न लगना, थकान और वजन कम होना जैसे लक्षण देखने को मिलते हैं। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो लिवर सिरोसिस, लिवर डैमेज और लिवर कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। फैटी लिवर की समस्या से छुटकारा पाने के ली आप आयुर्वेद का सहारा ले सकते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, लिवर का स्वास्थ्य पाचन तंत्र और अग्नि (पाचन अग्नि) पर निर्भर करता है। ऐसे में, सही खानपान और जीवनशैली में बदलाव से फैटी लिवर की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है। आइए, इस लेख में आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ रितु चड्ढा से जानते हैं कि फैटी लिवर के मरीजों को क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए।
डॉ रितु चड्ढा के मुताबिक, लिवर के विकार पित्त दोष और कफ दोष के असंतुलन के कारण होते हैं। ऐसे में, पित्त को शांत और कफ नियंत्रित करने वाले आहार का सेवन करें। फैटी लिवर की समस्या में हल्का, पचने में आसान और पौष्टिक आहार लें। तले-भुने और अधिक मसालेदार भोजन से बचें।
फैटी लिवर के मरीजों को अपनी डाइट में ताजे फल और सब्जियां शामिल करने चाहिए। साथ ही, अंकुरित अनाज और साबुत अनाज, जैसे जौ, बाजरा, क्विनोआ और रागी का सेवन करें।इसके अलावा, फैटी लिवर की समस्या में अखरोट, ग्रीन टी, मछली और डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है। हल्दी, आंवला, गिलोय, और अश्वगंधा जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां लिवर की कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकती हैं।
फैटी लिवर के मरीजों को ज्यादा मिर्च-मसालेदार, तैलीय भोजन, रेड मीट, पास्ता, मीठी चीजें और अल्कोहल का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। इसके अलावा, शराब और अधिक चाय-कॉफी का सेवन पूरी तरह बंद करें।
फैटी लिवर के मरीजों को सुबह खाली पेट एक गिलास नींबू पानी, मेथी का पानी, एलोवेरा या आंवले का रस पीना चाहिए। इससे शरीर में मौजूद विषाक्त पदार्थ आसानी से बाहर निकल जाते हैं और बॉडी डिटॉक्स होती है।
सुबह नाश्ते में आप दलिया, ओट्स, उपमा या इडली का सेवन कर सकते हैं। ब्रेकफास्ट में चाय, बिस्कुट, व्हाइट ब्रेड या बेसन से बनी चीजें खाने से परहेज करें।
आप मिड-मॉर्निंग स्नैक्स में नारियल पानी, छाछ, सत्तू या हर्बल चाय का सेवन कर सकते हैं।
दोपहर के खाने में आप 1 कटोरी हरी सब्जी + 1 कटोरी मूंग दाल + 1 रोटी+1 कटोरी दही (लो-फैट) का सेवन कर सकते हैं।
शाम को स्नैक्स में आप हर्बल टी या ग्रीन टी का सेवन करें। इसके साथ आप मखाने या चने खा सकते हैं।
रात्रि का भोजन आपको 8 बजे से पहले कर लेना चाहिए। डिनर में वेजिटेबल सूप / वेजिटेबल दलिया/ खिचड़ी या सॉटेड वेजिटेबल खा सकते हैं।
रात को 1 गिलास गुनगुना हल्दी वाला दूध पिएं।
रोजाना कम से कम 30 मिनट योग और प्राणायाम करें।
भोजन समय पर करें और खाने के तुरंत बाद न सोएं।
शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए भरपूर मात्रा में पानी पिएं।
तनाव से बचें और खुश रहने की कोशिश करें।
सिगरेट, तंबाकू और शराब जैसे नशीले पदार्थों से दूर रहें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।