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Written By: Atul Modi | Published : April 13, 2024 7:15 PM IST
यूरिक एसिड की समस्या अधिकांश पुरुषों को 45 की उम्र के बाद होने लगती है। शरीर के ज्वाइंट्स में जमने वाली यूरिक एसिड की गांठें दर्दनाक होती हैं। कई बार तो इनमें इतना दर्द होता है कि पीड़ित शख्स ठीक से चल भी नहीं पाता है। यूरिक एसिड के हाई लेवल को गाउट कहा जाता है। कई बार गाउट गठिया में भी बदल सकता है। ऐसे में जरूरी है कि आप समय रहते इस समस्या की ओर ध्यान दें। भारतीय आयुर्वेद में यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए कई असरदार और शानदार जड़ी-बूटियां उपलब्ध हैं, जिनका उपयोग करके आप इस परेशानी से बच सकते हैं। आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. दीक्सा भावसार सावलिया ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर यूरिक एसिड की समस्या से बचने के कुछ आसान उपाय शेयर किए हैं। डॉ. दीक्सा के अनुसार आयुर्वेद की ये जड़ी बूटियां सिर्फ यूरिक एसिड की परेशानी को ही दूर नहीं करती, बल्कि ये आपको हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी गंभीर जटिल बीमारियों से भी राहत दिलाती हैं।
शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे कई कारण हैं। जिनमें खराब मेटाबॉलिज्म प्रमुख है। इसका सीधा मतलब ये है कि आपकी आंतें पूरी तरह से सेहतमंद नहीं हैं। वहीं अगर आप कोई भी एक्सरसाइज या फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते हैं तो भी यह समस्या बढ़ सकती है। अत्यधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन और फैट का कम सेवन भी यूरिक एसिड बढ़ने का बड़ा कारण है। अगर आप रात के समय हैवी डिनर या नॉनवेज फूड ज्यादा खाते हैं तो भी आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं। डिनर का और सोने का समय तय रखें, इससे भी आप हेल्दी रहेंगे। कुछ लोग दिनभर में काफी कम पानी पीते हैं। यह भी यूरिक एसिड बढ़ने का एक कारण हो सकता है। किडनी की समस्या भी गाउट बढ़ा सकती है।
हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर आप यूरिक एसिड की परेशानी को काफी हद तक कम कर सकते हैं। हर दिन कम से कम 45 मिनट एक्सरसाइज करें। पर्याप्त पानी पियें। रात के खाने में दाल, बीन्स और गेहूं का सेवन न करें। डिनर हमेशा रात 8 बजे से पहले और हल्का करें। खट्टे फल जैसे आंवला, जामुन आदि का सेवन करें। मेटाबॉलिज्म सुधारने वाले फूड खाएं। टेंशन और स्ट्रेस कम लें, इससे मेटाबॉलिज्म बिगड़ता है। रात में पर्याप्त नींद लें।
यूरिक एसिड के लेवल को कम करने के लिए गिलोय अद्भुत और बेस्ट आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है। आप आसानी से इसे घर में ही यूज कर सकते हैं। सबसे पहले गिलोय की ताजी पत्तियां और तना लें। इन्हें रात भर भिगोएं। सुबह इन्हें पीस कर 1 गिलास पानी में तब तक उबालें, जब तक यह आधा न रह जाए। फिर इसे छान लें और पी लें। आप चाहें तो गिलोय पाउडर भी यूज कर सकते हैं। गिलोय के साथ ही कैशोर गुग्गुल, पुनर्नवा, आंवला और एलोवेरा भी यूरिक एसिड के लेवल को कंट्रोल करते हैं।