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Ayurvedic tips to avoid covid-19 : दुनिया भर में कोरोनावायरस (covid-19) कहर बरपा रहा है। अब तक इस वायरस से बचाव के लिए कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। लोगों में कोविड-19 को लेकर खौफ बढ़ता जा रहा है। फिलहाल, इसका एक मात्र बचाव है सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना। इसके अलावा आप कुछ आयुर्वेदिक नुस्खों को अपनाकर भी कोरोना से संक्रमित होने से बचे रह सकते हैं। आयुर्वेद में भी कई ऐसी चिकित्सा पद्धतियां (Ayurvedic tips to avoid covid-19) हैं, जिन्हें अपनाकर कोरोना से बचाव संभव है।
राज्य आयुर्वेद कॉलेज एवं अस्पताल के सहायक प्रोफेसर डॉ. मनदीप जयसवाल का कहना है कि आयुर्वेद में बहुत सी ऐसी असरकारी दवाएं हैं, जो हजारों वर्षों से कई तरह की बीमारी में अचूक असर कर रही हैं। आज हम जिस कोविड-19 रोग से लड़ रहे हैं, उसका पहला कदम बचाव करना है। इसके लिए सबसे पहले स्वच्छता को अपनाना होगा। अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना होगा। जिन लोगों में रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, उनके संक्रमित होने का खतरा सबसे कम होता है। आयुर्वेद में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाली विभिन्न औषधि, योग एवं आहार (खानपान) और विहार (दिनचर्या ) बताए गए हैं।
अपने भोजन में अधिक से अधिक मौसमी फलों को शामिल करें। दूध और घी का नियमित रूप से सेवन करें। दही का सेवन दिन में कम मात्रा में करें। आप दही में मिश्री और आंवले का चूर्ण मिलाकर करेंगे तो फायदा होगा। ताजे बने मट्ठे का सेवन हमेशा लाभकारी होता है।
आधे पेट ही भोजन करें शेष आधा भाग खाली रखें। ऐसा करेंगे तो पेट कभी खराब नहीं होगा। भोजन भी अच्छी तरह से पच जाता है। भोजन में मौजूद सभी पोषक तत्व शरीर को रोगों से लड़ने की शक्ति देता है। खाने के आधे घंटे बाद गुनगुना या सादा पानी पिएं। आजकल बाहर तो जा नहीं सकते, ऐसे में घर के अंदर या छत पर खुले में सुबह और शाम आधे घंटे के लिए योग का अभ्यास जरूर करें।
नियमित दिनचर्या से ही स्वास्थ्य की रक्षा की जा सकती है। सामान्य सर्दी-खांसी में सितोपलादि चूर्ण 3-5 ग्राम, शहद और देसी घी के साथ दिन में 3-4 बार लें। यदि कफ ज्यादा बन रहा हो, तो इसमें 500 मिग्रा शुद्ध टंकण और 500 मिग्रा पिप्पली चूर्ण के साथ ले सकते हैं। सामान्य बुखार में सुदर्शन घन वटी-महा सुदर्शन चूर्ण का सेवन करें। मधुमेह के रोगी नियमित हल्दी और आमलकी चूर्ण का सेवन करें। कब्ज से परेशान हैं, तो हिंगवस्टक चूर्ण का नियमित सेवन करें। अनिद्रा रोगी अश्वगंधा, मुलेठी और शतावरी चूर्ण का सेवन करें।
आयुर्वेद में कई तरह की दवाइयां हैं, जो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करने का काम करेंगी। इम्यूनिटी मजबूत होने से वायरस, बैक्टीरिया के शरीर में जाने से भी शरीर में संक्रमण नहीं हो सकता है। आप किसी अच्छे आयुर्वेदाचार्य से फोन पर सलाह लेकर भी इन दवाओं का सेवन कर सकते हैं। केंद्रीय आयुष मंत्रालय के अनुसार, इस वायरस से बचाव का तरीका है इम्यूनिटी को मजबूत बनाना। ऐसे में आयुर्वेद पद्धति जरूर आजमाकर देखें। फीफाट्रोल भी एक बेहतर दवा है, इसमें संजीवनी बूटी, तुलसी, गिलोय, मृत्युंजय रासा जैसी औषधियां होती हैं, जो संक्रमण से बचाने के लिए शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाती है।
1 आप घर पर हैं, तो ठंडा पानी पीने की बजाय गुनगुना पानी पिएं।
2 हल्दी, लहसुन, अदरक आदि का अधिक इस्तेमाल करें। गर्म दूध हल्दी पिएं।
3 गले में खराश हो, तो लौंग चबाएं। इसके पाउडर को शहद के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं।
4 तुलसी का काढ़ा पिएं। इसमें आप काली मिर्च, अदरक, दालचीनी भी डाल सकते हैं। इम्यूनिटी बूस्ट करने का बेजोड़ उपाय है।
5 आंवला, नींबू, एलोवेरा, गिलोय आदि का जूस भी पीते रहने से इम्यूनिटी मजबूत होती है।
इनपुट: (आईएएनएस हिंदी)