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Written By: Kishori Mishra | Published : September 9, 2020 11:03 AM IST
च्यवनप्राश पर हुए कोरोना ट्रायल को मिली सफलता, जानें इसके हैरान करने वाले फायदे
Coronavirus and Chyawanprash : कोरोनावायरस महामारी से बचने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक और डॉक्टर्स इलाज ढूंढने में लगे हुए हैं। एक ओर जहां अमेरिका, रूस, चीन और ब्रिटेन जैसे देशों में एडवांस तकनीकी अपनाकर इसका इलाज ढूंढने की कोशिश में लगे हुए हैं, तो वहीं दूसरी ओर भारत आयुर्वेदिक तरीके से इस बीमारी का इलाज ढूंढने की कोशिश में लगा हुआ है। भारत के लिए सबसे खुशी की बात ये है कि इसके कुछ सकारात्मक परिणाम भी मिल रहे (Coronavirus and Chyawanprash) हैं।
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (केजीएमयू) में जून से अगस्त महीने तक च्यवनप्राश का कोरोना ट्रायल हुआ, इस च्यवनप्राश संस्था द्वारा तैयार किया गया है। शोधकर्ताओं ने इस ट्रायल में अपने 200 कर्मचारियों को शामिल किया, जिसमें से आधे यानि 100 कर्मचारियों को च्यवनप्राश नहीं दी और 100 कर्मचारियों को च्यवनप्राश खाने के लिए दी। इसके बाद च्यवनप्राश खाने वाले और नहीं खाने वाले की इम्युनिटी परखी गई, जिसमें काफी सकारात्मक नतीजे सामने आए (Coronavirus and Chyawanprash) हैं।
इस रिपोर्ट्स के अनुसार, शोध में देखा गया है कि जिन लोगों को लगातार च्वनप्राश दिया गया, वे बीमार नहीं पड़े। ट्रायल के जांचकर्ता डॉ. एके. सोनकर ने कहा कि इसके परिणाम काफी अच्छे हैं। अभी इसका मूल्यांकन शुरू कर दिया गया है। वहीं, केजीएमयू की संक्रामक रोग यूनिट के नोडल प्रभारी डॉ. डी. हिमांशु का इस बारे में कहना है कि यह आगे के लिए काफी अच्छे संकेत हैं। इस ट्रायल के सभी पहलुओं का मूल्यांकन करने के बाद ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया को भेजा जाएगा।
कुछ महीने पहले आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने च्यवनप्राश खाने के फायदों के बारे में बताया था। उन्होंने कहा था, 'सर्दी हो या फिर गर्मी, च्यवनप्राश किसी भी मौसम में सेहत के लिए फायदेमंद होती है। च्यवनप्राश में मौजूद आंवला किसी भी मौसम में खाया जा सकता है। आप सुबह नाश्ते में च्यवनप्राश का सेवन कर सकते हैं, लेकिन दूध में मिलाकर च्यवनप्राश का सेवन नहीं करना चाहिए।' राजेश कोटेचा का कहना है कि जिस राज्य में च्यवनप्राश की बिक्री ज्यादा हुई है, वहां मृत्यु दर काफी कम हो गई है।
आपको बता दें कि च्यवनप्राश में कुछ ऐसे प्राकृतिक तत्व शामिल होते हैं, जो इम्यून सिस्टम को मजबूत रखने में आपकी मदद करते हैं। एक स्टडी में यह भी देखा गया कि च्यवनप्राश का सेवन करने वाले लोगों में इम्यूनिटी सेल्स की गतिविधि बढ़ जाती है। इसके सेवन से संक्रमण की संभावनाएं घट जाती हैं। इसके साथ ही सर्दी-खांसी की समस्या से भी निजात पाया जा सकता है।
अधिकतर च्यवनप्राश में ब्राह्मी, आंवला, बादाम तेल और अश्वगंधा जैसी आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों को मिलाया जाता है। च्यवनप्राश के बारे में कहा जाता है कि प्राचीन काल में च्यवनप्राश का निर्माण 20 से अधिक जड़ी-बूटियों को मिलाकर किया जाता है।
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