धुंधली नजर और आंखों से पानी बहना हो सकते हैं ग्लूकोमा के लक्षण, इन आयुर्वेदिक तरीकों से किया जाता है ग्लूकोमा का इलाज

आंकड़ों के अनुसार, ग्लूकोमा या काला मोतिया नजर कमजोर होने और अंधेपन का दूसरा सबसे बड़ा कारण है।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 22, 2022 4:51 PM IST

ग्लूकोमा आंखों से जुड़ी एक कॉमन बीमारी है जिसमें आंखों से जुड़ी कई प्रकार की समस्याएं हो सकती है। आंखों के स्वस्थ रहने से जहां आंखों से जुड़ी बीमारियां कम हो सकती हैं। ग्लूकोमा में पीड़ित व्यक्ति की ऑप्टिक नर्व पर दबाव पड़ता है। ग्लूकोमा जब गम्भीर हो जाए तो इससे आंखों की रोशनी जाने का भी खतरा उत्पन्न हो सकता है। आंकड़ों के अनुसार, ग्लूकोमा या काला मोतिया नजर कमजोर होने और अंधेपन का दूसरा सबसे बड़ा कारण है और ग्लूकोमा के कारण हर साल दुनियाभर में बहुत-से लोगों को दिखायी देना बंद हो जाता है।

ग्लूकोमा के लक्षण क्या हैं?

अक्सर लोग ग्लूकोमा के लक्षणों को मामूली समझकर उसे नजरअंदाज करते हैं और इसी वजह से ग्लूकोमा के इलाज में देर हो जाती है। जब स्थिति गम्भीर हो जाती है तो ग्लूकोमा के इलाज के लिए सर्जरी कराने की जरूरत पड़ती हैं। यहां हम लिख रहे हैं कुछ ऐसी समस्याओं के बारे में जो ग्लूकोमा के महत्वपूर्ण लक्षण हो सकती हैं। जैसे-

  • हवा में धब्बे या छल्ले दिखायी देना
  • आंखों में दर्द
  • गम्भीर सिरदर्द
  • उल्टी और मतली
  • नजर का धुंधलापन
  • आंखों के आसपास छल्ले नजर आना
  • आंखों में लाली

ग्लूकोमा के आयुर्वेदिक उपचार क्या हैं ?

एक्सपर्ट्स के अनुसार ग्लूकोमा के लक्षणों की पहचान जितनी जल्द हो जाती है इस बीमारी के इलाज में उतनी आसानी हो सकती है। ग्लूकोमा के इलाज के लिए आयुर्वेद में कई तरह के नुस्खे हैं जो आंखों के कार्य को सुधारने में मदद करते हैं। ऐसे ही कुछ नुस्खों के बारे में हम लिख रहे हैं-

नेत्र बस्ती

आयुर्वेद में महत्व पाने वाले देसी घी से की मदद से यह आयुर्वेदिक तरीका ग्लूकोमा के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। जिसमें घी को आंखों में गिराया जाता है। इस विशेष तकनीक में आटे की लोई की मदद से घी आंखों में लगाया जाता है। इससे आंखों में जमा गंदगी और विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं और ग्लूकोमा के लक्षणों से आराम मिलता है।

पानी की छीटें मारना

जब ग्लूकोमा के लक्षण दिखायी दें तो ऐसे में आंखों की नियमित सफाई करने की सलाह दी जाती है। आयुर्वेद के अनुसार, पानी से आंखों की सफाई करने से ग्लूकोमा की समस्या कम हो सकती है। इसके लिए सुबह उठने के बाद एक गिलास पानी लें और इसे  अपने मुंह में रखें। अब, अपनी आंखों पर पानी की छीटें मारें। ध्यान रखें कि पानी सादा हो। क्योंकि,बहुत गर्म या बहुत ठंडा पानी आंखों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। वहीं, पसंद के अनुसार कुछ लोग पानी में गुलाब जल भी मिलाते हैं क्योंकि, गुलाब जल आंखों को ठंडक देने का काम करता हा।

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