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मसूड़ों से खून आने पर आज़माएं ये आयुर्वेदिक उपाय, मिलेगा दर्द और सूजन से भी आराम
Bleeding Gums: मसूड़ों से खून आना मुंह की साफ-सफाई की कमी का एक संकेत हो सकता है। इसके अलावा कई बार यह किसी हेल्थ प्रॉब्लम की वजह से भी हो सकती है। आमतौर पर ब्रश करते समय अधिक प्रेशर लगाने या चोट लगने, किसी कठोर खाद्य पदार्थ के सेवन से मसूड़ों से खून बहने लगता है। वहीं कई बार, यह शरीर में किसी पोषक तत्व की कमी या लीवर से जुड़ी बीमारियों का एक संकेत भी हो सकता है। (Ayurvedic Remedies for Bleeding Gums)
मसूड़ों से खून आना भले ही साधारण-सी बात मालूम होती है। लेकिन, जब यह समस्या बार-बार होने लगे तो इसे नज़रअंदाज़ करना ठीक नहीं होता। हेल्दी गम्स अच्छी ओरल हेल्थ के लिए ज़रूरी हैं। आयुर्वेद में मसूड़ों, दांतों और पूरे मुंह की सेहत के लिए कई फलों, हर्ब्स और मसालों का ज़िक्र किया गया है। जब, मसूड़ों से खून रिसने की समस्या हो तो आप इन आयुर्वेदिक नुस्खों का प्रयोग कर सकते हैं। (Bleeding Gums Problem and Ayurveda)
सांसों की बदबू खत्म करने के लिए हर्बल टी (herbal tea for oral health) पीएं। ग्रीन टी, फेनल सीड्स की चाय जैसी हर्बल चाय, दांतों की कैविटीज़, सांसों की बदबू और बैक्टेरिया से राहत दिलाता है।
इस शक्तिशाली नैचुरल ऑयल में एंटीबैक्टीरियल, एंटीइंफ्लेमेटरी और दर्द निवारक तत्व होते हैं। इसीलिए, लौंग का इस्तेमाल करने से दांतों के दर्द से ना केवल राहत मिलती है। बल्कि, दांतों की सड़न और बैक्टेरिया को भी कम करने में मदद होती है। लौंग के दाने चबाने से और लौंग के तेल (clove oil benefits) में भीगी रूई अपनी कैविटी या दर्द वाले दांत पर रखें। इससे, आराम मिलेगा।
सौंफ के बीज (fennel seeds) ना केवल सांसों की बदबू खत्म करता है। इससे, मुंह में लार यानि सलाइवा का उत्पादन बढाता है। जैसा कि लार में कीटाणु और बैक्टेरिया खत्म करने वाले तत्व होता है। जिससे, मुंह का वातावरण हेल्दी बनने में मदद होती है। (Natural Ingredients for Oral Health)