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Natural Herbs For Lung Cleansing: हर साल अक्टूबर-नवंबर के माह में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन इस साल दिवाली से पहले ही दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी खराब स्तर पर पहुंच चुका है। सुबह-शाम आसमान में स्मॉग की मोटी परत दिखाई देती है और हवा जहरीली होती जा रही है। इसकी वजह से लोगों को सांस लेने में तकलीफ, जलन और सिरदर्द जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। हवा में फैले प्रदूषण का सीधा असर हमारे फेफड़ों पर पड़ता है। इसकी वजह से अस्थमा, सीओपीडी, निमोनिया और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में, फेफड़ों को स्वस्थ रखना बेहद अहम हो जाता है। फेफड़ो को स्वस्थ और मजबूत रखने के लिए आयुर्वेद में कई उपाय बताए गए हैं। आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी आयुर्वेदिक हर्ब्स के बारे में बता रहे हैं, जो फेफड़ों में जमा गंदगी को बाहर निकालने में मददगार साबित हो सकती हैं। इनके नियमित इस्तेमाल से आपको सांस से जुड़ी परेशानियों से छुटकारा मिल सकता है।
त्रिफला तीन आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों आंवला, हरीतकी और विभतकी का मिश्रण है। आयुर्वेद में इसका इस्तेमाल कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। फेफड़ों की गंदगी को साफ करने के लिए त्रिफला काफी फायदेमंद माना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो फेफड़ों को संक्रमण से सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। इसके सेवन से फेफड़ों की सूजन कम होती है और सांस संबंधी समस्याओं से राहत मिल सकती है। इसके इस्तेमाल करने के लिए आप एक चम्मच त्रिफला पाउडर का सेवन एक गिलास गर्म पानी के साथ कर सकते हैं।
तुलसी भी फेफड़ों में जमा गंदगी को साफ करने के लिए एक बेहतरीन औषधि है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-वायरल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण मौजूद होते हैं, जो फेफड़ों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से श्वसन स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है और फेफड़ों में जमा कफ साफ हो जाता है। इसके लिए आप तुलसी के पत्तों के रस में शहद मिलाकर इसका सेवन करें। इससे सर्दी-जुकाम, खांसी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस की समस्या से राहत मिल सकती है।
भारतीय रसोई में दालचीनी का इस्तेमाल मसाले के रूप में किया जाता है। यह फेफड़ों के स्वास्थ्य और श्वसनप्रणाली के लिए बेतरीन औषधि है। यह फेफड़ों में मौजूद गंदगी को बाहर कर सकती है। दालचीनी की चाय बनाकर पीने से शरीर की कई परेशानियां दूर हो सकती हैं। इसके लिए एक गिलास पानी में दालचीनी का टुकड़ा डालकर अच्छी तरह से उबाल लें। इसके बाद घूंट-घूंट करके इसका सेवन करें। इसके नियमित सेवन से फेफड़े स्वस्थ और मजबूत बनेंगे।
पिप्पली फेफड़ों में जमा गंदगी को साफ करने में बेहद असरदार साबित हो सकती है। इसमें मौजूद औषधीय गुण अस्थमा समेत कई गंभीर बीमारियों के इलाज में फायदेमंद होते हैं। यह फेफड़ों में जमा कफ और खांसी को दूर करने में भी प्रभावी होती है। इसका सेवन गर्म दूध के साथ करने से सेहत को कई लाभ हो सकते हैं।