दवाएं ले लेकर हो गई किडनी खराब? ये 5 आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां रखेंगी आपकी किडनी को स्वस्थ

Ayurvedic herb for kidney: जिन लोगों को पहले से किडनी से जुड़ी कोई पुरानी बीमारी है, उनके लिए किसी भी बीमारी से जुड़ी दवाएं लेना थोड़ा मुश्किल हो जाता है और ऐसे में कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां आपके काफी काम आ सकती है।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : May 10, 2023 10:10 AM IST

किडनी हमारे शरीर के सबसे ज्यादा हेल्दी अंगों में से एक है और इसका नियमित रूप से ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। जब भी हम बीमार पड़ते हैं, तो उसके लिए डॉक्टर हमें दवाएं देते हैं। हमारे द्वारा खाई जाने वाली ये दवाएं हमारे शरीर की बीमारी को ठीक करने में तो मदद करती हैं, लेकिन इन दवाओं को फिल्टर हमारी किडनी को करना पड़ता है। खासतौर पर जिन लोगों को पहले से किडनी से जुड़ी कोई पुरानी बीमारी है, तो उनके लिए किसी भी बीमारी से जुड़ी दवाएं लेना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। दवाओं का असर हमारी किडनी पर जरूर पड़ता है, चाहे वे दवाएं किडनी की किसी बीमारी का इलाज करने के लिए ही क्यों न तैयार की गई हों। ऐसे में कुछ आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स क्रोनिक किडनी डिजीज के मामलों में कुछ खास प्रकार की आयुर्वेदिक दवाओं को इस्तेमाल करने की सलाह देते हैं। हालांकि, ऐसा नहीं है कि सारी ही आयुर्वेदिक दवाएं आपकी किडनी के लिए सुरक्षित हैं। लेकिन कुछ आयुर्वेदिक उत्पाद आपकी किडनी के लिए सुरक्षित हो सकते हैं।

1. पुनर्नवा (Punarnava for kidney)

किडनी के लिए सुरक्षित जड़ी-बूटियों में किडनी पुनर्नवा का नाम भी आता है। आयुर्वेद के अनुसार नियमित रूप से और समय-समय पर पुनर्नवा का इस्तेमाल करना आपकी किडनी को सुरक्षित रखता है और यहां तक कि जिन्हें पहले से ही किडनी से जुड़ी बीमारियां हैं, उनके लिए पुनर्नवा फायदेमंद है। सिर्फ आयुर्वेद ही नहीं बल्कि एलोपैथी में भी पुनर्नवा को काफी फायदेमंद बताया गया है, जिनके अनुसार इसमें डाइयुरेटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं।

2. गोक्षुरा (Gokhru for kidney)

आयुर्वेद में गुर्दे से जुड़ी समस्याओं को दूर करने के लिए गोखरू का इस्तेमाल भी काफी माना गया है। किडनी के मरीजों को गोखरू चूर्ण लेने की सलाह दी जाती है। साथ ही कुछ अध्ययनों के अनुसार गोखरू में यूरिक एसिड, क्रिएटिनिन और किडनी स्टोन कम करने के गुण पाए जाते हैं, जो क्रोनिक किडनी डिजीज होने के खतरे को कम करते हैं।

3. वरुणा (Varuna for kidney)

आयुर्वेद में किडनी के मरीजों को वरुणा से बनी दवाएं दी जाती हैं। साथ ही वरुणा के पाउडर का सेवन क्रोनिक किडनी के मरीजों को दिया जाता है, ताकि उनके लक्षणों को कंट्रोल करके रखा जा सके। कुछ अध्ययनों में भी यह पाया गया है कि किडनी स्टोन को निकालने और उसे फिर से होने के खतरे को कम करने के लिए वरुणा काफी फायदेमंद हो सकती है।

4. गिलोय बेल (Giloy bel for kidney)

ग्रामीण भारत में घर-घर पाई जाने वाली गिलोय की बेल आयुर्वेद की सबसे प्रभावी जड़ी-बूटियों में से एक है। आयुर्वेद के अनुसार बुखार, गठिया और डेंगू जैसी बीमारियों में गिलोय बेल काफी फायदेमंद है। किडनी से जुड़ी बीमारियों का इलाज करने और किडनी की क्रोनिक बीमारियों को मैनेज करने के लिए भी आयुर्वेद में गिलोय बेल का इस्तेमाल किया जाता है।

5. चंदन (Sandalwood for kidney)

आयुर्वेद में स्किन से जुड़ी बीमारियों को दूर करने के लिए चंदन का काफी इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन क्या आपको पता है आयुर्वेद में चंदन की मदद से किडनी से जुड़ी कई बीमारियों का इलाज भी किया जाता है। दरअसल, चंदन भी एक डाइयुरेटिक की तरह काम करती है, जो किडनी से जुड़ी बीमारियों को दूर करने मे मदद करता है।

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