आयुर्वेद के इन हर्ब्स से यूरिक एसिड को कर सकते हैं कंट्रोल, रोजाना की डाइट में इस तरह करें शामिल 

Ayurvedic herbs for uric acid :  शरीर में बढ़ते यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए आप कई तरह के आयुर्वेदिक हर्ब्स का प्रयोग कर सकते हैं। आइए जानते हैं इन आयुर्वेदिक हर्ब्स के बारे में-

WrittenBy

Written By: Kishori Mishra | Updated : September 11, 2023 12:54 PM IST

Ayurvedic herbs for uric acid : शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने की स्थिति को हाइपरयूरिसीमिया (What is Hyperuricemia) कहा जाता है। इसके परिणामस्वरूप गाउट का विकास हो सकता है। गाउट एक ऐसी स्थिति है, जो जोड़ों में मुख्य रूप से अंगूठे के जोड़ों में दर्द और सूजन का कारण बनती है। इसकी वजह से मरीजों को चलने-फिरने, उठने-बैठने तक में परेशानी ( Symptoms of Uric Acid ) होती है। इसे कंट्रोल करने के लिए आप कुछ प्रभावी हर्बल का इस्तेमाल कर सकते हैं। आयुर्वेद में मौजूद हर्ब्स आपके शरीर की कई तरह की समस्याओं को दूर कर सकता है। इसके साथ ही यह यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में प्रभावी हो सकता है। हालांकि, इस बात का भी ध्यान रखना है कि यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए हर्ब्स के साथ-साथ आपको अपने लाइफस्टाइल पर भी ध्यान देने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं यूरिक एसिड को कंट्रोल करने वाले आयुर्वेदिक (uric acid control karne ke upay) हर्ब्स-

त्रिफला - Triphala for uric acid

त्रिफला एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है "तीन फलों का मिश्रण" है। यह एक हर्बल ट्रीटमेंट है, इसमें  बिभीतकी, अमलाकी और हरीतकी शामिल होता है। यह तीनों की हर्ब्स आपके शरीर की कई परेशानियों को दूर कर सकता है। कुछ रिसर्च में पाया गया है कि त्रिफला में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होता है, जो शरीर की सूजन को कम कर सकता है। इससे आप काफी हद तक गाउट को प्रभावी ढंग से दूर कर सकते हैं। त्रिफला को आप डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से गर्म पानी के साथ ले सकते हैं।

गिलोय - Giloy juice benefits in uric acid

आयुर्वेद में गिलोय का इस्तेमाल काफी लंबे समय से किया जा रहा है। कुछ रिसर्च में इस बात को शामिस किया गया है कि अगर आप नियमित रूप से गिलोय के तने से निकले हुए जूस का सेवन करते हैं, तो इससे काफी हद तक यूरिक एसिड के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है। इस रस में सूजन-रोधी और दर्द-निवारक गुण होता है, जो यूरिक एसिड बढ़ने पर होने वाली सूजन और दर्द की समस्याओं को कम कर सकता है। 

नीम - Neem for uric acid

नीम का उपयोग आयुर्वेद में सूजन की परेशानी को कम करने के लिए किया जाता है। यह गठिया में होने वाली सूजन और जलन की समस्या को दूर कर सकता है। अगर आप नियमित रूप से इसके पेस्ट को प्रभावित हिस्से पर लगाते हैं, तो इससे सूजन और दर्द को शांत करने में मदद मिल सकती है। 

हल्दी - Turmeric Control Uric Acid

हल्दी का इस्तेमाल लगभग हर भारतीय किचन में होता है। वहीं, आयुर्वेद में भी यह औषधि के रूप में कार्य करता है। इसमें एक्टिव घटक के रूप में करक्यूमिन होता है, जो आपके गाउट की समस्या को दूर कर सकता है। नियमित रूप से हल्दी के प्रयोग से आप सूजन, दर्द और जलन की परेशानी को कम कर सकते हैं।

अदरक - Ginger for Gout Treatment

अदरक कई तरह के गुणों का भंडार होता है। इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीऑक्सीडेंट्स गुण भरपूर रूप से होते हैं, जो गठिया में होने वाले दर्द को कम कर सकते हैं। अगर आप नियमित रूप से हल्दी का प्रयोग करते हैं, तो इससे काफी हद तक सूजन और दर्द को कम करने में मदद मिल सकती है। 

शरीर में बढ़ते यूरिक एसिड के स्तर को कंट्रोल करने के लिए आप इन हर्ब्स का प्रयोग कर सकते हैं। हालांकि, ध्यान रखें कि अगर आपकी परेशानी काफी ज्यादा बढ़ रही है, तो ऐसी स्थिति में अपने हेल्थ एक्सपर्ट की मदद जरूर लें।

Add The Health Site as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source