जीभ साफ करना क्यों जरुरी होता है, आयुर्वेद के अनुसार जानिए जीभ साफ करने के फायदे

Benefits of Ayurvedic Tongue Scraping: आयुर्वेद में हर रोज जीभ को साफ करने की सलाह देता है। ऐसा क्यों? क्या आपने इस बारे में पहले कभी सोचा है?

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Written By: Atul Modi | Published : January 9, 2023 5:24 PM IST

ऐसे कई लोग हैं, जो शारीरिक, मानसिक और इमोशनली हेल्थ को लेकर काफी सजक रहते हैं और उसपर ध्यान भी देते हैं। लेकिन इन सबके बीच ओरल हेल्थ की देखभाल को लेकर चूक जाते हैं। दांतों में दिन में दो बार ब्रश करना ही काफी नहीं होता, बल्कि अपनी जीभ को साफ़ रखना भी बेहद जरूरी है। आयुर्वेद की मानें तो, सुबह ब्रश करते वक्त स्टील या ताम्बे की यू आकार की जीभी से खुरचना पूरी ओरल हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकता है। अगर आप नियमित रूप स अपनी जीभ की सफाई करते हैं, तो इससे शरीर के जहरीले पदार्थों से छुटकारा पाने में मदद मिल सकती है। इतना ही नहीं ये ओरल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है।

आयुर्वेद के अनुसार जीभ साफ करने के फायदे

आयुर्वेद के मुताबिक टंग स्क्रेपिंग ओरल, शारीरिक और मानसिक हेल्थ को अच्छा बनाए रखने के लिए क्लीनिंग का प्रोसेस है। इससे मुंह की ताजगी भी बरकरार रहती है। हालांकि ऐसा सब जानते हैं कि, जीभ के जरिये बाहरी वातावरण हमारे शरीर के अंदर प्रवेश करता है। इसलिए इस महत्वपूर्ण अंग को हेल्दी बनाए रखना जरूरी है। जीभ की सफाई रखने से सांसों की बदबू दूर हो जाती है।

आयुर्वेद में जीभ का कनेक्शन आंतों है। जीभ में गंदगी शरीर में पनप रही किसी बिमारी की ओर संकेत हो सकता है। जीभ के विभिन्न हिस्सों का कनेक्शन शरीर के विभिन्न भागों से होता है। जीभ में गुड और बैड दोनों तरह के बैक्टीरिया होते हैं। अगर बैड बैक्टीरिया को समय पर साफ़ नहीं किया गया तो, वो बलगम की परत से ढंक जाते हैं, जिससे सांसों से बदबू आने लगती है।

कैसे करें जीभ की सफाई?

  • सुबह ब्रश करने के बाद स्क्रैपिंग जरूर करें।
  • मुंह धीरे से खोलकर जीभ को बाहर की ओर निकालें।
  • स्क्रैपिंग के लिए जीभ को पीछे की ओर दबाव दें।
  • स्क्रैपर से गंदगी को धो लें। कोशिश करें स्क्रैपिंग सॉफ्ट हो।
  • स्क्रैपिंग के तीन से चार राउंड के बाद मुंह धो लें।
  • स्क्रैपर को हर इस्तेमाल के बाद गर्म पानी में अच्छी से धोकर स्टोर करें।

क्या करना है?

  • आपको अपनी जीभ को साफ़ टंग स्क्रेपर से साफ करने की जरूरत है।
  • दो दिन में दो बार, एक बार सुबह उठकर और एक रात को सोने से पहले करना फायदेमंद होता है।
  • एक अच्छी क्वालिटी वाला स्क्रैपर ही खरीदें, जिसके किनारे नुकीले ना हों।
  • टंग स्क्रैपर का इस्तेमाल अपनी जीभ पर हमेशा हल्के से करें। जीभ को किसी तरह की चोट नहीं पहुंचनी चाहिए।

क्या नहीं करना है?

  • जीभ को स्क्रैप करते वक्त ज्यादा दबाव ना डालें।
  • जीभ पर दबाव डालने से उसके टेस्ट बड्स को नुकसान पहुंच सकता है।
  • अगर जीभ में छाले या सफ़ेद धब्बे नजर आएं तो स्क्रैपिंग ना करें।
  • जीभ स्क्रैप करने के लिए टूथब्रश का इस्तेमाल ना करें।

जीभ के जरिये ही हम स्वाद की बेहतर पहचान कर पाते हैं। इस तरह नमक, चीनी और मसालों का सेवन जितना कम होगा, आपकी हेल्थ उतनी ही अच्छी होगी। इसलिए जीभ की सफाई आपकी सफाई का महत्वपूर्ण हिस्सा होनी चाहिए।

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