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Written By: Pallavi Kumari | Published : June 24, 2022 10:57 AM IST
बरसात के मौसम में स्किन से जुड़ी कई समस्याएं होती हैं। इसके पीछे दो कारण हो सकते हैं पहला खून में बहुत ज्यादा अशुद्धियां होना और दूसरा इंफेक्शन के कारण। दरअसल, बरसात के मौसम में नमी के कारण स्किन पर कीड़े-मकोड़े कई बार अनजाने में चिपक जाते हैं और घाव का कारण बनते हैं। साथ ही खून में बहुत ज्यादा अशुद्धियां शरीर पर फोड़े, फूंसी और दाने के रूप में निकलते हैं। ऐसे में आप इन बरसाती घावों के लिए डॉक्टरी इलाज के साथ कुछ आयुर्वेदिक इलाज (barsati ghav ka ilaj) की भी मदद ले सकते हैं। तो, आइए जानते हैं बरसाती घाव का घरेलू उपचार।
ममीरा को कुछ क्षेत्रो में पियारांगा पीलाजड़ी (piyaraanga ya pilajadi) भी कहते हैं। इसके पत्तों में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं जो कि कफ और वात रोगों को कम कर सकता है। बरसाती घाव होने पर आप इसके पत्तों को पीस कर घाव पर लेप की तरह लगा सकते हैं। इसके अलावा इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कि घाव की रेडनेस और सूजन को कम करता है। इसके लिए ममीरा या पीलाजड़ी के पत्ते को धो कर उबाल कर इसका पानी निकाल कर रख लें। फिर इसे पानी से कुछ दिनों तक लगातार घाव धोएं। ये धीमे-धीमे आपके घाव को घायब कर देगा।
कड़ी पत्ता कई औषधीय गुणों की भरमार है। ये जहां एंटीडायबिटीज है वहीं ये बरसात में निकलने वाले फोड़े-फूंसी को भी ठीक कर सकता है। दरअसल, कड़ी पत्ते में एंटीएलर्जिक, एंटीबैक्टीरियल और एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। साथ ही ये घाव के जलन को कम कर सकती है और इसे ठीक करने में मदद कर सकती है। इसके लिए कड़ी के कुछ पत्तों को रोज सुबह चबा-चबा कर खाएं। इसके अलावा कड़ी पत्ते में लौंग पीस कर और नारियल तेल मिलाएं। अब इस लेप को अपने घाव पर लगाएं। दिन भर में कई बार लगाएं, ये आसानी से घाव को कम करने में मदद करेगी।
कदम के पत्तों या छाल बड़े ही काम की चीज है। इसे आप अपने सूजन पर लगा सकते हैं। आप इसे अपने मोच पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन बरसाती घाव में ये बहुत ही कारगर तरीके से काम करते हैं। दरअसल कदम के पत्तों या छाल के अर्क में एंटीबैक्टीरियल और हीलिंग गुण होता है। ये पहले तो घाव के बैक्टीरिया को मार कर इसे फैलने से रोकता है उसके बाद घाव को ठीक करने में मदद करता है। इसके लिए पहले तो कदम के पत्तों या छाल को पीस कर उसका अर्क निकाल लें और इसे अपने घाव पर तीन पर लगाएं।
सेमल के फूल और कांटों के कई फायदे हैं। दरअसल, अगर आप इन दोनों का अर्क निकाल कर रख लें तो ये आपके बहुत काम आ सकती है। इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कि शरीर का सूजन दूर करते हैं और इसका एंटीबैक्टीरियल गुण घाव के बैक्टीरिया को मारता है और घाव को फैलने से रोकता है। साथ ही इसका अर्क घाव की खुजली और जलन को भी कम करने में मददगार है।
नीम की पत्तियांबरसाती घाव का सस्ता इलाज है। ये एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर है जो कि घाव को ठीक करता है। इसके अलावा ये हीलिंग गुणों से भरपूर है जो कि घाव को जल्दी ठीक करने में मदद करता है। इसके लिए नीम की पत्तियों का लेप बना कर घावों पर लगाएं। साथ ही अगर आप इस समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो रोजाना सुबह खाली पेट कुछ नीम की पत्तियों का सेवन करें।