बच्चों के पेट में कीड़े होने पर अपनाएं ये 5 आयुर्वेदिक उपचार, पहले ही दिन दिखेगा असर

क्या आप जानते हैं कि वयस्कों की तुलना में जब बच्चों के पेट के कीड़े होते हैं तो कुछ अलग प्रकार के लक्षण दिखते हैं। पतंजलि आयुर्वेद और योग गुरु के संस्थापक, बाबा रामदेव, दूध सहित मूल भोजन को पचाने में कठिनाई होने के अलावा बताते हैं कि “शिशुओं के गाल पर सफेद धब्बे पड़ना पेट में कीड़े होने का एक लक्षण हो सकता है। साथ ही जब बच्चों के पेट के पेड़ में कीड़े पड़ते हैं तो वह रात को सोते वक्त अपने दांतों को पीसकर सोते हैं और उनके मुंह से अतिरिक्त लार भी निकलती है। इसके साथ ही बच्चों का हीमोग्लोबिन स्तर कम होना निरंतर थकान और ज्यादा भूख लगना शामिल है।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Updated : August 22, 2020 4:04 PM IST

क्या आप जानते हैं कि वयस्कों की तुलना में जब बच्चों के पेट के कीड़े होते हैं तो कुछ अलग प्रकार के लक्षण दिखते हैं। पतंजलि आयुर्वेद और योग गुरु के संस्थापक, बाबा रामदेव, दूध सहित मूल भोजन को पचाने में कठिनाई होने के अलावा बताते हैं कि “शिशुओं के गाल पर सफेद धब्बे पड़ना पेट में कीड़े होने का एक लक्षण हो सकता है। साथ ही जब बच्चों के पेट के पेड़ में कीड़े पड़ते हैं तो वह रात को सोते वक्त अपने दांतों को पीसकर सोते हैं और उनके मुंह से अतिरिक्त लार भी निकलती है। इसके साथ ही बच्चों का हीमोग्लोबिन स्तर कम होना निरंतर थकान और ज्यादा भूख लगना शामिल है।

पेट में कीड़े होने के लक्षण

बिना एक्सरसाइज या वर्कआउट किए वजन तेजी से कम होना

मतली और उल्टी होना

हर समय थकान महसूस होना

निचले पेट में हल्का दर्द होना

हर समय गैस

Indigestion

पेट में कीड़े होने के कारण

पेट के कीड़े किसी के भी हो सकते हैं। आपको यह भी समझना पड़ेगा कि पेट में कीड़े होने के कई कारण हो सकते हैं। पेट के कीड़ों को आंतों के कीड़े के रूप में भी जाना जाता है, ये टेपवर्म और राउंडवॉर्म सहित कई रूपों में होते हैं। यह मुख्य रूप से बिना पकी और कच्ची सब्जियों और मांस के सेवन के कारण होते हैं। इसके अलावा अस्वच्छ परिवेश, स्वच्छता की गुणवत्ता में कमी और दूषित मिट्टी जैसी चीजें भी शामिल हैं। जब एक बार पेट में कीड़े पड़ जाते हैं तो अंदर अंदर ही बढ़ते रहते हैं।

कीड़े होने पर अपनाएं ये आयुर्वेदिक उपचार

1. आड़ू के पत्ते, जैसा कि आयुर्वेद द्वारा सुझाया गया है कि आड़ू के फलों के पत्तों के विभिन्न स्वास्थ्य लाभ हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में विटामिन सी और ई तो होता ही है साथ ही इस लो कैलोरी फूड में मैग्नीशियम, पोटेशियम और जिंक जैसे तत्व भी होते हैं। यह फल उन लोगों के लिए अत्यधिक लाभकारी है जिन्हें मधुमेह है। इन सब लाभों के इतर आड़ू के पत्ते पेट के कीड़े मारने में भी बहुत लाभकारी है। इसके पत्तों का रस पीने से बच्चों में पाचन संबंधी विभिन्न बीमारियां भी दूर होती है।

Cellulite diet

2. पपीता और पपीते के पत्ते सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। पपीता के कच्चे फलों से निकलने वाले दूध को बच्चों को देने से भी पेट के कीड़े मरते हैं। इस रस को नियमित रूप से बच्चों को आधा चम्मच दें। ऐसा तीन दिन तक करना है। पेट के कीड़े काफी हद तक मर जाएंगे।

3. बेल एक ऐसा फल है जिसमें कई गुण होते हैं। बेल का गूदा अपच, गैस, कब्ज, ब्लोटिंग समेत पेट की अन्य बीमारियों को तो दूर करता ही है साथ ही यह पेट के कीड़े मारने में भी सक्षम है। बेल के जूस को हफ्तेभर तक पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

4.गोरखमुंडी के बीज भी बच्चों के पेट के कीड़े मारने के लिए प्रसिद्ध है। इसके सूखे फ़ूल को पीसकर चूर्ण तैयार कर लें और फिर बच्चों को दें। इससे पेट के कीड़े मल के साथ बाहर निकल जाते हैं।

5. तेज पत्ता भी पेट के कीड़े मारने का एक अचूक तरीका है। तेजपात की पत्तियों में कृमिनाशक गुण पाए जाते हैं। रात को सोने से पहले तेजपत्ते का चूर्ण बनाकर बच्चों को गुनगुने पानी के साथ दें। कीड़े मल के साथ बाहर निकल जाएंगे।

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