Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें जीका वायरस से बचाव के उपाय, साथ ही जानें जल्द रिकवरी के लिए सही डाइट और सावधानियां

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स से जानें कि जीका वायरस के उपचार के आयुर्वेदिक उपाय और जीका वायरस से बचाव से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां। (Ayurvedic Treatment For Zika Virus Infection)

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से जानें जीका वायरस से बचाव के उपाय, साथ ही जानें जल्द रिकवरी के लिए सही डाइट और सावधानियां

Written by Sadhna Tiwari |Updated : November 8, 2021 10:24 AM IST

Ayurvedic Treatment For Zika Virus Infection: भारत में जीका वायरस के मामले सामने आने के बाद हेल्थ एक्पसर्ट्स की चिंता बढ़ गयी है। उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीका वायरस ( Zika virus cases in Uttar Pradesh) के मामले सामने आए हैं। इसके बाद राज्य का स्वास्थ्य विभाग इसके प्रसार को रोकने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। वहीं, इससे पहले केरल (Kerala), महाराष्ट्र (Maharashtra) और राजस्थान (Rajasthan) राज्यों से भी जीका वायरस के मामलों की पुष्टि हुई थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार जीका वायरस एक वेक्टर बॉर्न बीमारी (Vector-borne disease) है और यह डेंगू फैलाने वाले एडिस मच्छरों (Aedes mosquitoes) से फैलती है।

इस लेख में आप पढ़ सकते हैं जीका वायरस के कारण, लक्षण और गम्भीरता के बारे में। साथ ही आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स से जानें कि आयुर्वेद (ayurveda) की मदद से जीका वायरस बुखार का उपचार और इससे बचाव के लिए किस तरह के उपाय सुझाए जाते हैं। साथ ही जानें इससे संक्रमित व्यक्ति को ठीक होने के बाद किस तरह रखना चाहिए अपना खान-पान (diet of zika virus patients) और किस प्रकार की अन्य सावधानियां बरतनी चाहिए। जीका वायरस से जुड़ी ये सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं आशा आयुर्वेदा की आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा ने । (Ayurvedic Treatment For Zika Virus Infection In Hindi.)

क्यों और कैसे फैलता है जीका वायरस ?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) और एक्सपर्ट्स के अनुसार, जीका वायरस फैलने (Transmission of zika virus) की मुख्य वजह है एडीज प्रजाति के मच्छर। जब संक्रमित एडिज मच्छर किसी स्वस्थ व्यक्ति को काटते हैं तो उस व्यक्ति को जीका वायरस संक्रमण हो सकता है। हालांकि, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक जीका वायरस के प्रसार की संभावना फिजिकल इंटिमेसी  जैसी स्थितियों में ही बढ़ती है। इसी तरह गर्भ में पल रहे बच्चे तक संक्रमित मां से जीका वायरस संक्रमण (Zika virus transmission from mother to unborn baby) के फैलने की संभावना भी अधिक होती है। अभी तक जीका वायरस की रोकथाम के लिए किसी वैक्सीन या पूर्ण इलाज (treatment of zika virus) की खोज नहीं की जा सकी है। इसीलिए, इस संक्रमण से बचाव से जुड़ी सावधानियां बरतना (precautions for zika virus infection) महत्वपूर्ण बताया जाता है।

Also Read

More News

ये समस्याएं हो सकती हैं जीका वायरस संक्रमण के लक्षण?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, जीका वायरस से संक्रमित व्यक्ति में फ्लू जैसे बुखार (flu like fever) से मिलते-जुलते लक्षण दिखायी दे सकते हैं। इसके अलावा जीका वायरस में इस तरह के लक्षण (symptoms of Zika Virus Fever ) दिखायी दे सकते हैं-

  • त्वचा पर रैशेज़ (Skin Rashes)
  • तेज़ सिर दर्द (headache)
  • जॉइंट पेन या जोड़ों का दर्द (Joint Pain)
  • मांसपेशियों या मसल्स में दर्द (Muscles pain)
  • आंखों का रंग लाल (Redness in eyes) होना और,
  • कंजक्टिवाइटिस (Conjuctivities)

 क्या जानलेवा है जीका वायरस ?

मच्छर जनित अन्य बीमारियों जैसे मलेरिया (Malaria), चिकनगुनिया (Chikungunya) और डेंगू (Dengue) की तरह जीका वायरस संक्रमित व्यक्ति में मृत्यु का खतरा कितना है यह लोगों के लिए उत्सुकता का विषय है। अमेरिका स्थित सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, जीका वायरस के कारण मृत्यु की संभावना काफी कम और दुर्लभ हो सकता है। सीडीसी के अनुसार, सामान्यत: जीका वायरस में लक्षण काफी हल्के (Symptoms of Zika Virus) दिखायी देते हैं और अस्पताल जाने की नौबत तभी आती है जब संक्रमित व्यक्ति की स्थिति गम्भीर हो जाए।

जीका वायरस से उबरने के बाद क्या करना चाहिए?

कोविड संक्रमण के बाद अब जीका वायरस का प्रवेश हमारे जीवन में हो चुका है। बीते कुछ दिनों के अंतर्गत देश के अधिकांश राज्यों में जीका वायरस की पुष्टि हो चुकी है। जीका वायरस का फैलाव एडीज मच्छरों के काटने से होता है। ऐसे में यदि आप जीका वायरस से संक्रमित हो चुके हैै। तो कुछ सावधानियों को अपनाकर आप बहुत ही जल्द स्वस्थ हो सकते है।आयुर्वेद में हमेशा से ही डाइट और लाइफ स्टाइल पर लोगों का ध्यान केन्द्रित किया है। यह तो सामान्य सी बात है कि यदि आपको किसी भी प्रकार का संक्रमण हो जाता है तो शरीर की इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। ऐसे में हमें इम्युनिटी बुस्टर डाइट (Immunity booster diet) और लाइफ स्टाइल में सुधार करने की जरुरत होती है।

जीका वायरस के संक्रमण जल्द रिकवर होने के लिए कैसी डाइट लेनी चाहिए?

आशा आयुर्वेदा की आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. चंचल शर्मा (Dr. Chanchal Sharma, Ayurvedic Expert, Asha Ayurveda) ने एक बात चीत के दौरान जीका वायरस के संक्रमितों के लिए  कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। डॉ. चंचल शर्मा  का कहना है कि, एक अच्छी और संतुलित डाइट का हमारे जीवन में बहुत बड़ा योगदान होता है। प्रोपर डाइट की मदद से शरीर को जल्दी से रिकवर होने में सहायता मिलती है। पौष्टिक भोजन के द्वारा हम वायरस के संक्रमण को जल्दी से दूर कर सकते है। हेल्दी डाइट से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और रोगों से लड़ने में मदद मिलती है।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

  • जीका वायरस से संक्रमित रोगियों को रिकवरी के बचा हुआ या बासी भोजन बिल्कुल भी नही करना चाहिए
  • आपकी डाइट में पूर्ण रुप से कार्बोहाइडेट, हैल्दी फैट, प्रोटीन और अंकुरित अनाज होना चाहिए।
  • ऐसी डाइट लेनी चाहिए, जिससे आपकी मांसपेशियों में ऊर्जा का संचार हो और शरीर को मजबूती मिल सके।
  • ड्राई फ्रूड्स के अंतर्गत आप काजू, बादाम, सोया, बीज खा सकते है । इससे आपकी इम्युनिटी में जल्दी सुधार होगा।
  • डाइट में फल और सब्जियों को पूरी तरह से शामिल करें। रात को सोने से पूर्व हल्दी वाला गुनगुना दूध अवश्य पीएं।

जीका वायरस से बचने के लिए क्या करना चाहिए

  1. नियमित रुप से अपने कमरे में कपूर (camphor) और नीम की पत्तियों या लकड़ी को जलाकर उसका धूनी दे सकते हैं।
  2. नींबू का रस (Lemon Juice) और नीलगिरी के तेल (eucalyptus oil) का मिश्रण तैयार करें और  रात में सोने से पहले इस मिश्रित तेल से अपने शरीर की मालिश कर सकते हैं।
  3. इसी तरह मच्छरों के आने के समय जैसे सुबह और शाम को अपने पूरे घर में लोहबान (Loban or  Frankincense) का धुंआ कर सकते हैं।
  4. आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों गिलोय और सूखी नीम की पत्तियां (Neem Leaves) लें और इन दोनों को हर दिन शाम के समय जलाएं। इसके धुएं को घर भर में फैलने दें। इस तरह से घर में किसी भी प्रकार के मच्छर के प्रवेश और उनके पनपने की स्थिति से बचाव हो सकता है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई बीमारी से जुड़ी सभी जानकारियां सूचनात्मक उद्देश्य से लिखी गयी है। किसी बीमारी की चिकित्सा से जुड़े किसी भी निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए कृपया अपने चिकित्सक का परामर्श ज़रूर लें।)