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बच्चों की मेमोरी और फोकस बढ़ाने वाले आयुर्वेदिक तरीके क्या हैं?

बढ़ते बच्चों के लिए मानसिक विकास और एकाग्रता बेहद जरूरी है। आयुर्वेद में इस समस्या को दूर करने के लिए कई अलग-अलग उपाय बताए गए हैं, जिनके बारे में इस लेख में हम आयुर्वेद एक्सपर्ट से जानेंगे।

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Written By: Mukesh Sharma | Published : July 14, 2026 9:04 PM IST

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Medically Verified By: Dr. Chanchal Sharma

अगर आपका बच्चा जल्दी डिस्ट्रक्ट हो जाता है, या उसका फोकस ज्यादा देर तक एक जगह नहीं रह पाता तो ये जान लें कि ये बिल्कुल नॉर्मल है। अगर आप ये सोचते हैं कि आपके बच्चे में किसी तरह की कोई कमी है या वो अस्थिर है, तो आप बिल्कुल गलत हैं। आजकल सभी बच्चों में आगे बढ़ने का इतना तनाव है कि वो खुद के लिए भी समय नहीं निकाल पाते। हर क्षेत्र में कॉम्पिटिशन बढ़ गया है, और उसी कॉम्पिटिशन के कारण आपके बच्चे को औरों से पीछे रह जाने का डर हमेशा लगा रहता है। ऐसे में उससे आपके सपोर्ट कि सबसे ज्यादा जरूरत है। आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर डॉ. चंचल शर्मा ने इस बारे में कई पूर्ण जानकारियां दी जिनके बारे में हम इस लेख में जानेंगे। चलिए पहले जानेंगे बच्चों में फोकस क्यों कम होता जा रहा है?

आसपास ध्यान भटकाने वाली चीजें होना

बच्चों का स्वभाव बेहद जुज्ञासु होता है और इशलिए उनका मन ऐसी कई चीजों से भटक जाता है जैसे टीवी, वीडियो गेम और मोबाइल फोन आदि। इसलिए जरूरी है कि पढ़ाई करने, टीवी देखने और खेलने के लिए एक टाइम-टेबल बनाएं और सुनिश्चित करें कि वे इसे लगातार फॉलो किया जा रहा है। धीरे-धीरे, आपका बच्चा समझ जाएगा कि पढ़ाई के समय उसे सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना है और दूसरी गतिविधियों के लिए भी समय मिलेगा।

मुश्किल कामों से ऊब जाते हैं बच्चे

बच्चों का किसी चीज में मन जितना जल्दी लगता है वे किसी चीज से उतना ही जल्दी ऊब भी जाते हैं और इसलिए कभी-कभी बच्चों को दिया गया कोई सवाल या काम बहुत मुश्किल या चुनौतीपूर्ण लग सकता है। ऐसे में, उनका ध्यान बनाए रखना मुश्किल हो सकता है और वे दिलचस्पी खो सकते हैं। ऐसे में पेरेंट्स को बड़े कामों को छोटे और आसान कामों में बांट देना चाहिए जो उनकी उम्र के हिसाब से सही हों। अपने बच्चे को हर छोटे काम को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करना भी बेहद जरूरी है।

बच्चे अक्सर पूरी नींद नहीं लेते

कई ऐसी रिसर्च मौजूद हैं, जो बताती हैं कि आज के डिजीटल जमाने में बच्चे पूरी नहीं नहीं लेते हैं और यह भी उनमें फोकस की कमी होने का एक प्रमुख कारण हो सकता है। इसका सीधा असर उनके ध्यान, व्यवहार, सीखने की क्षमता, याददाश्त और यहां तक कि उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य में पर भी पड़ सकता है। बच्चे के दिमाग का एक बड़ा हिस्सा नींद के दौरान ही विकसित होता है। बच्चे के दिमाग के सही विकास के लिए हर रात कम से कम आठ से बारह घंटे की नींद लेना बहुत जरूरी है।

प्रेरणा या दिलचस्पी की कमी

बच्चों को समय-समय पर प्रोत्साहित करना भी बेहद जरूरी होता है और अगर किसी खास विषय या गतिविधि में दिलचस्पी या प्रेरणा की कमी है तो बच्चा उसपर ध्यान ठीक से नहीं लग पाता है। यह भी अक्सर देखा गया है कि अगर किसी बच्चे का IQ औसत से ज्यादा है, तो उनमें दिलचस्पी या प्रेरणा की कमी से जुड़ी परेशानियां होने की संभावना ज्यदा होती है। ऐसा इसलिए क्योंकि वे चीजों को ज्यादा गहराई से सोच लेते हैं और अक्सर उनके पेरेंट्स या टीचर के द्वारा कही गई कुछ बातों पर विश्वास न करके खुद उससपर अपने विचार अपनाते हैं।

कैसे बढ़ाएं बच्चों में फोकस

ऊपर बताई गई बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है और इसके साथ-साथ कुछ खास आयुर्वेदिक जड़ी बूटियां भी हैं जो बच्चे में दिमागी विकास करने में मदद कर सकती हैं जैसे -

  • ब्राह्मी - इसे दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाने और याददाश्त तेज करने के लिए सबसे असरदार जड़ी-बूटी माना जाता है। दूध या पानी में ब्राह्मी पाउडर मिलाकर लेने से बच्चों का ध्यान (कॉन्सेंट्रेशन) बेहतर होता है।
  • शंखपुष्पी - यह तनाव कम करती है और मानसिक शांति देती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान लगाने की क्षमता बेहतर होती है।
  • अश्वगंधा - यह एक एडाप्टोजेन है जो मानसिक तनाव और एंग्जायटी (बेचैनी) को कम करने में मदद करता है, जिससे बच्चे बेहतर ध्यान और याददाश्त के साथ सीख पाते हैं।
  • गोटू कोला - यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ने और याददाश्त तेज करने में मदद करता है, जिससे सीखने की क्षमता बढ़ती है।

हालांकि, इन जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल बच्चे की उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार अलग-अलग मात्रा में किया जाता है और जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल कई बार नुकसान भी दे सकता है। इसलिए किसी भी आयुर्वेदिक नुस्खे को अपनाने से पहले किसी आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह जरूर लेनी चाहिए।

अन्य बातों का रखें ध्यान

डॉ. चंचल शर्मा ने बताया कि ये जड़ी-बूटियां भी प्रमुख रूप से सिर्फ तब ही काम कर पाती हैं, जो स्वास्थ्य व खानपान से जुड़ी सामान्य चीजों का ध्यान रखा जाए जैसे -

  • बच्चे की डाइट में सुधार लाएं
  • डिजीटल स्क्रीन से दूर रखें
  • नियमित व्यायाम व खेल-कूद कराएं
  • सुनिश्चित करें की बच्चा नींद पूरी ले रहा है
  • बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखें

डिसक्लेमर: इस लेख का उद्देश्य बच्चों में फोकस की कमी से जुड़ी समस्याएं और आयुर्वेद के अनुसार उन्हें दूर करने में क्या उपाय मदद कर सकते हैं आदि के बारे में जानकारी देता है। हालांकि, यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए दिया गया है और इसका इस्तेमाल किसी भी समस्या के इलाज के लिए नहीं है। उसके लिए आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।