Ayurvedic Rules For Gut Health: गट हेल्‍थ को स्‍ट्रॉन्‍ग रखने के लिए ये हैं 9 आयुर्वेदिक रूल्‍स, इन्‍हें फॉलो किया तो जिंदगी बदल जाएगी

90% बीमारियां पेट के कारण होती है। अगर आपकी गट हेल्‍थ (Gut Health) सही नहीं है तो आप मामूली से लेकर क्रोनिक डिजीज तक का शिकार हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आपकी गट हेल्‍थ एकदम रही रहे।

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Written By: Rashmi Upadhyay | Published : July 6, 2021 12:14 PM IST

Ayurvedic Tips For Gut Health: आयुर्वेद में बहुत शक्ति होती है। यही कारण है कि बड़े से बड़े नेता अभिनेता भी आयुर्वेद को फॉलो करते हैं। चाहे शारीरिक संतुलन की बात हो या मानसिक संतुलन की आयुर्वेदिक रूल्‍स को फॉलो कर आप अपने जीवन में वो चीज पा सकते हैं जो आप सिर्फ सोचते हैं। बॉलीवुड के सबसे फिट एक्‍टर की लिस्‍ट में शुमार अक्षय कुमार, शिल्‍पा शेट्टी, मलाइका अरोड़ा, अनिल कपूर और काजोल जैसे एक्‍टर की फिटनेस और जवान रहने का सीक्रेट आयुर्वेद ही है। 90% बीमारियां पेट के कारण होती है। अगर आपकी गट हेल्‍थ (Gut Health) सही नहीं है तो आप मामूली से लेकर क्रोनिक डिजीज तक का शिकार हो सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि आपकी गट हेल्‍थ एकदम रही रहे। अगर आप आयुर्वेद की मदद से खुद को हेल्‍दी रखना चाहते हैं तो आज हम आपको 9 ऐसे रूल्‍स बता रहे हैं जो आपकी जिंदगी को बदलकर रख देंगे।

आयुर्वेद का बेसिक नियम क्‍या है? (Basic Principle of Ayurveda)

आयुर्वेद का मानना ​​है कि पांच मूल तत्व पंचमहाभूत (अंतरिक्ष, वायु, अग्नि, जल और पृथ्वी) और त्रिदोस (वात, पित्त और कफ) मानव शरीर में जरूर होने चाहिए। क्‍योंकि ये शारीरिक ऊतकों के निर्माण, उनके रखरखाव और उन्मूलन को नियंत्रित करते हैं। अगर पंचमहाभूत में किसी एक भी कमी हो तो शरीर को अपना काम करने में दिक्‍कत आने लगती है।

गट हेल्‍थ के लिए आयुर्वेद रूल्‍स (Ayurvedic Rules For Gut Health)

  • खाना केवल तब खाएं जब आपको वाकई भूख लगी हो। क्‍योंकि हमें भूख तभी लगती है जब पहले वाली मील डाइजेस्‍ट हो जाती है। कभी कभी केवल डिहाइड्रेशन के कारण ऐसा लगता है कि हमें भूख लगी है। अगर आप जबरदस्‍ती खाना खाएंगे तो डाइजेस्टिव प्रॉब्‍लम्‍स हो सकती हैं।
  • हमेशा किसी कम्‍फरटेबल जगह पर बैठकर खाना खाएं। खाना हमेशा छोटे छोटे टुकड़ों में खाएं। खाते वक्‍त टीवी देखना, बुक पढ़ना, फोन चलाना या लैपटॉप आदि का यूज न करें।
  • अपनी भूख और बॉडी नीड के हिसाब से ही खाएं। खाना खाते वक्‍त खुद की दूसरों से तुलना न करें।
  • कोशिश करें कि ताजा और हल्‍का गर्म खाना खाएं।
  • ऐसा खाना खाएं जिसमें रस हो और हल्‍का ऑयल हो। इससे खाना पचाने में आसानी होती है और न्‍यूट्रीशंस भी शरीर में जा पाते हैं। ज्‍यादा ड्राई चीजें खाने से बचें।
  • ऐसी चीजों को साथ में न खाएं जो आपको पेट संबंधी दिक्‍कतों का शिकार बना सकते हैं। जैसे कि फल-दूध, मछली-दूध आदि।
  • जब खाना खाएं तो शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी उपस्थित रहें। खाते वक्‍त अपने टेस्‍ट को फील करें, अपनी प्‍लेट को देखें और अपने फूड को इन्‍ज्‍वॉय करें।
  • जल्‍दबाजी में बिल्‍कुल न खाएं। छोटे छोटे टुकड़ों में खाएं और अच्‍छी तरह से चबाएं। इससे डाइजेशन में दिक्‍कत नहीं आएगी।
  • सही समय पर खाना खाएं। कोई भी मील न छोड़ें।
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