इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से छुटकारा पाने के लिए आजमाएं ये 5 आयुर्वेदिक उपाय, दुरुस्त रहेगा पाचन-तंत्र

Irritable Bowel Syndrome: इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या से छुटकारा पाने के लिए आप कुछ आयुर्वेदिक उपायों की मदद ले सकते हैं।

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Written By: priya mishra | Published : August 14, 2023 4:17 PM IST

Irritable Bowel Syndrome: इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम या आईबीएस पाचन से जुड़ी एक आम समस्या है। आंतों में बैक्टीरिया का संतुलन बिगड़ने के कारण यह बीमारी हो सकती है। इस बीमारी में पीड़ित व्यक्ति को पेट में दर्द, गैस, सूजन, कब्ज और डायरिया जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कई लोग आईबीएस से छुटकारा पाने के लिए अंग्रेजी दवाओं का सेवन करते हैं। लेकिन इन दवाओं का शरीर पर साइड इफेक्ट भी हो सकता है। हालांकि, कुछ आयुर्वेदिक उपायों की मदद से इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम से छुटकारा (Ayurvedic remedies to treat irritable bowel syndrome In Hindi) पाया जा सकता है। तो आइए, इस लेख में जानते हैं ऐसे ही 5 आयुर्वेदिक उपायों के बारे में -

अदरक

अदरक का सेवन पाचन स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एनाल्जेसिक गुण मौजूद होते हैं, जो पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में मदद करते हैं। अदरक में जिंजरोल मौजूद होता है, जो पाचन क्रिया और बॉवेल मूवमेंट को बेहतर रखने में मदद करता है। अदरक का सेवन करने से गैस, अपच, कब्ज और पेट में ऐंठन जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है। इसके लिए आप अदरक की चाय का सेवन कर सकते हैं।

त्रिफला

त्रिफला 3 आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों आंवला, हरीतकी और  बिभीतकी को मिलाकर बनता है। आयुर्वेद में त्रिफला का इस्तेमाल शरीर की कई समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। पाचन से जुड़ी समस्याओं में त्रिफला का उपयोग काफी लाभकारी साबित हो सकता है। इसमें ऐसे कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। यह मल को सॉफ्ट बनाता है, जिससे पेट आसानी से साफ हो जाता है। आप रात में सोने से पहले त्रिफला चूर्ण का सेवन गुनगुने पानी के साथ कर सकते हैं। इससे आईबीएस के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।

घी के साथ गुड़

गाय के घी के साथ गुड़ का सेवन आईबीएस की समस्या में काफी लाभकारी साबित हो सकता है। घी एक नैचुरल लैक्सेटिव है, जो मल को नर्म बनाने का काम करता है। साथ ही, यह पेट की सूजन को कम करने में भी मदद करता है। इन दोनों का सेवन करने से बॉवेल मूवमेंट सही रहता है और पाचन संबंधी समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

हींग

हर भारतीय रसोई में हींग जरूर पाई जाती है। हींग न केवल भोजन के स्वाद और सुगंध को बढ़ाती है, बल्कि सेहत को भी कई लाभ पहुंचाती है। इसमें मौजूद औषधीय गुण पाचन अग्नि को बढ़ाने का काम करते हैं। इसके सेवन से गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। एक चुटकी हींग को अजवाइन और काले नमक के साथ मिलाकर खाने से आईबीएस की समस्या में काफी लाभ मिल सकता है।

इसबगोल

पाचन संबधी समस्याओं में इसबगोल की भूसी दवा का काम करती है। इसमें फाइबर और लैक्सेटिव गुण मौजूद होते हैं, जो मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाते हैं। इससे आपको कब्ज की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। इसके लिए आप रात में सोने से पहले ईसबगोल की भूसी का सेवन पानी या दूध के साथ कर सकते हैं।

ये सभी आयुर्वेदिक उपाय इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, अगर आप किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहे हैं, तो इनका उपयोग करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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