
प्रिया मिश्रा
प्रिया को पिछले 4 सालों से हेल्थ और लाइफस्टाइल विषयों पर लिखने का अनुभव है। इन्हें हेल्थ और ... Read More
Written By: priya mishra | Updated : September 3, 2024 4:01 PM IST
Glaucoma Ayurvedic Treatment: ग्लूकोमा या काला मोतिया आंखों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है। यह स्थिति तब विकसित होती है, जब आंखों का इंट्राऑकुलर दबाव बढ़ जाता है। ग्लूकोमा से पीड़ित व्यक्ति की आंखों में तरल पदार्थ जमा भर जाता है, जिससे ऑप्टिक नर्व क्षतिग्रस्त हो जाती है। इसकी वजह से दृष्टि धुंधली होने लगती है। इसके इलाज में लापरवाही बरतने पर आंखों की रोशनी तक जा सकती है। ग्लूकोमा विश्व स्तर पर अंधेपन का दूसरा प्रमुख कारण है। हालांकि, सही समय पर पता लगाकर इसका इलाज होने पर मरीज पूरी तरह से ठीक हो सकता है। ग्लूकोमा से बचाव के लिए नियमित रूप से आंखों की जांच करवाते रहना जरूरी है। इसके अलावा, ग्लूकोमा की समस्या में आप कुछ आयुर्वेदिक उपायों को भी आजमा सकते हैं। आइए, डॉ बासु आई हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ मनदीप सिंह बासु से जानते हैं ग्लूकोमा के लिए आयुर्वेदिक उपाय (Ayurvedic remedies for glaucoma in hindi) -
ग्लूकोमा की समस्या में त्रिफला काफी फायदेमंद होता है। आयुर्वेद में इसका उपयोग आंखों से जुड़ी समस्याओं के इलाज के लिए सदियों से किया जा रहा है ग्लूकोमा की समस्या में आप रात को सोने से पहले एक चम्मच त्रिफला चूर्ण को एक गिलास पानी के साथ ले सकते हैं। इसके अलावा, आप चाहें तो त्रिफला चूर्ण को एक गिलास पानी में रात भर भिगोकर रख दें। सुबह इस पानी को छानकर इससे आंखों को धोएं। इसके नियमित इस्तेमाल से ग्लूकोमा से जुड़े आंखों के तनाव, लालिमा और सूजन से राहत मिल सकती है।
अरंडी का तेल आंखों के लिए फायदेमंद होता है। अरंडी के तेल की एक बूंद आंखों में लगाने के साथ-साथ पैरों के तलवों पर तेल से मालिश करने से ग्लूकोमा की प्रगति को कम करने और आंखों की क्षति को रोकने में मदद मिल सकती है। आप इसे दिन में कई बार इस्तेमाल किया जा सकता है
पुनर्नवा की जड़ें और पत्तियां नेत्र विकारों के इलाज में प्रभावी होती है। ग्लूकोमा की समस्या में आप डॉक्टर की सलाह से पुनर्नवा का पाउडर का सेवन कर सकते हैं। इससे ग्लूकोमा के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है।
यह एक आयुर्वेदिक थेरेपी है, जिसमें आंखों पर औषधीय घी डाला जाता है। इसमें आंखों के चारों ओर एक गोलाकार संरचना होती है, जो घी को छलकने से रोकती है। यह आटे की मदद से किया जाता है और फिर उस पर घी डाला जाता है। यह आंखों से विषाक्त पदार्थों को निकालने में मदद करता है और ग्लूकोमा के उपचार में सहायता करता है।
Disclaimer: हमारे लेखों में साझा की गई जानकारी केवल इंफॉर्मेशनल उद्देश्यों से शेयर की जा रही है इन्हें डॉक्टर की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। किसी भी बीमारी या विशिष्ट हेल्थ कंडीशन के लिए स्पेशलिस्ट से परामर्श लेना अनिवार्य होना चाहिए। डॉक्टर/एक्सपर्ट की सलाह के आधार पर ही इलाज की प्रक्रिया शुरु की जानी चाहिए।