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गर्मियों में Acidity की प्रॉब्लम होती है बार-बार तो इन आयुर्वेदिक नुस्खों को करें ट्राई, हमेशा से रही है लोगों की पसंद

एसिडिटी एक ऐसी समस्या है जिससे बचने के प्रयास करना ही इसका सबसे अच्छा उपचार हो सकता है।

गर्मियों में Acidity की प्रॉब्लम होती है बार-बार तो इन आयुर्वेदिक नुस्खों को करें ट्राई, हमेशा से रही है लोगों की पसंद

Written by Sadhna Tiwari |Updated : June 12, 2022 8:08 PM IST

Ayurvedic Home Remedy For Acidity: एसिडिटी या पेट में तेजाब बनने, खट्टी डकारें और अपच जैसी समस्याएं छोटी-मोटी मालूम पड़ती हैं लेकिन, कुछ लोगों को इस तरह की परेशानियां बार-बार और अक्सर होती हैं।  एसिडिटी होने पर लोगों को सीने में जलन, खट्टी डकारें, बेचैनी और परेशानी होती है। एसिडिटी की समस्या के कारण हो सकते हैं जिसमें अनहेल्दी इटिंग, गलत समय पर खाना खाने की आदत, तनाव और भागदौड़भरी ज़िंदगी (stressful lifestyle) जैसी कई स्थितियां शामिल हैं। हालांकि, डाइट और लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करते हुए एसिडिटी की परेशानी से बचने (ways to prevent acidity) में मदद हो सकती है।

एसिडिटी एक ऐसी समस्या है जिससे बचने के प्रयास करना ही इसका सबसे अच्छा उपचार हो सकता है। इसी तरह कुछ नेचुरल चीजों के सेवन से भी एसिडिटी की परेशानी से आराम मिल सकता है।  आयुर्वेद की मदद से एसिडिटी की समस्या से राहत पाने के कुछ उपायों (Ayurvedic Home Remedy For Acidity In Hindi) के बारे में पढ़ें यहां साथ ही जानें एसिडिटी के विभिन्न कारणों के बारे में।

एसिडिटी होने के कारण क्या हैं? (Causes of Acidity)

  • अधिक तीखा और मसालेदार खाना
  • भूख ना लगने पर भी खाना लेना
  • खट्टे स्वाद वाले फूड्स का अधिक सेवन
  • नींद की कमी
  • भूख लगने पर भोजन ना करने की आदत
  • दवाइयों के साइड-इफेक्ट्स
  • बहुत अधिक चाय-कॉफी पीना
  • खाना खाने के तुरंत बाद सोने की आदत

एसिडिटी से आराम दिला सकते हैं ये उपाय

खाने के बाद खाएं थोड़ा-सा गुड़

गुड़ खाने से भी पाचनशक्ति बढ़ती है और इससे पेट की गैस, इनडाइजेशन और एसिडिटी जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं। दरअसल, गुड़ में अल्कलाइन गुण होते हैं हैं जो डाइजेस्टिव पॉवर बढ़ती है और पेट में एसिड की मात्रा संतुलित होती है और एसिडिटी की समस्या कम होती है।

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केला खाएं

पका हुआ केला खाने से भी एसिडिटी की समस्या कम होती है। रोज नाश्ते में एक केला खा सकते हैं। इसी तरह खाना खाने के बाद आधा पका हुआ केला खा (Health benefits of Banana) सकते हैं।

जीरा-अजवाइन की चाय

रोजमर्रा के भोजन में इस्तेमाल किए जाने वाले कुछ मसाले जैसे जीरा, अजवाइन और सौंफ पाचन शक्ति को बढ़ाने का काम करते हैं। जिन लोगों को एसिडिटी की समस्या अक्सर होती है उनके लिए जीरा-अजवाइन और सौंफ के बीजों का सेवन कर सकते हैं। एसिडिटी की परेशानी में इस तरह इन 3 मसालों का सेवन किया जा सकता है-

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  • चम्मचभर जीरा लें और इसमें समान मात्रा में सौंफ के बीज और अजवायन के बीज मिलाएं।
  • सभी मसालों को एकसाथ मिक्स करें और तवे पर 5-6 मिनट के लिए भून लें।
  • फिर, भूने हुए मसालों को आंच से उतार लें और उन्हें ठंडा होने के लिए एक तरफ रख दें।
  • जब, सभी मसाले अच्छी तरह ठंडे हो जाएं तो उन्हें साबुत या पीस कर पाउडर बना लें और किसी बोतल में भरकर रख लें।
  • रोज सुबह इस मिश्रण के 2 चम्मच लेकर एक कप पानी के साथ उबालें। 8-10 मिनट उबालने के बाद इस मिश्रण को छान लें और पीएं।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गयीं सभी जानकारियां और आयुर्वेदिक नुस्खे सूचनात्मक उद्देश्य से लिखे गये है। एसिडिटी की समस्या से राहत पाने के लिए लोग इन्हें घरेलू उपायों के तौर पर इस्तेमाल करने से पहले अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें। एसिडिटी की समस्या के मूल कारणों और उसकी गम्भीरता के आधार पर इन घरेलू उपायों का प्रयोग बिना डॉक्टरी परामर्श के ना करें।)