
... Read More
Written By: Pallavi | Published : November 24, 2022 10:16 AM IST
इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (Irritable bowel syndrome) एक आम विकार है जो पेट और आंतों को प्रभावित करता है, जिसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट भी कहा जाता है। इसके लक्षणों में आपके पेट में ऐंठन, पेट में दर्द, सूजन, गैस, और दस्त या कब्ज या दोनों शामिल हो सकते हैं। ये इंफेक्शन को कम करने, नवर्स सिस्टम से जुड़ी गड़बड़ियों, स्ट्रेस और पेट में बैक्टीरिया बढ़ने के कारण हो सकता है। लेकिन इस दौरान अगर कुछ हर्ब्स का सेवन करें तो, इस समस्या से बच सकते हैं।
अदरक का सेवन आपको इस समस्या से बचने में मदद कर सकता है। एक पौधा गैस और सूजन को कम कर सकता है। साथ ही इसमें जिंजरोल होता है जो कि एंटीबैक्टीरियल और एंटीमैटिक हैं जो दर्द को कम कर सकते हैं और आंत के काम काज को बढ़ावा दे सकता है। साथ ही ऐंठन और गैस और अपच की समस्या में भी कारगर है।
आईबीएस के इलाज के लिए अमेरिकन कॉलेज ऑफ गैस्ट्रोएंटरोलॉजी द्वारा अनुमोदित पहली जड़ी बूटी है। माना जाता है कि पुदीना आंत की मांसपेशियों को आराम देता है। अध्ययनों से पता चलता है कि ये जड़ी बूटी एंटीस्पास्मोडिक है जो पेट और आंतों की कई समस्याओं को दूर करने में मदद कर सकता है।
एलोवेरा डायरिया और कब्ज के लक्षणों का इलाज करने के लिए काफी कारगर माना जाता है। एलोवेरा में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो कि आंत में सूजन को कम करने के लिए जाने जाते हैं। साथ ही ये पेट के ऐंठन को भी कम करता है, बॉडी को रिलैक्ल करता है और आपको बेहतर महसूस करवाता है।
त्रिफला कब्ज, पेट दर्द और सूजन को कम करने के लिए जाना जाता है। कई बार इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम में ये समस्या कई बार परेशान करती है। आईबीएस में त्रिफला को छाछ में मिला कर पी लें। ये आपके लिए लैक्सटेसिव तरीके से काम करेगा, पेट साफ करेगा और शरीर की कई समस्याओं को दूर करेगा।
कैमोमाइल, डेज़ी जैसे पौधे से आता है और इसे चाय में या कैप्सूल के रूप में सेवन किया जा सकता है। एक छोटे से अध्ययन के अनुसार, ऐसा माना जाता है कि यह पेट में दर्द पैदा करने वाली ऐंठन को कम करता है। तो, अगर आपको इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम की समस्या है तो आपको इन हर्ब्स की भी मदद ले सकते हैं।