हेयर ग्रोथ के लिए आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों वाले उपाय आएंगे काम, कम होगी हेयर फॉल की भी समस्या

आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है जो हेयर फॉल की समस्या को कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं।

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Written By: Sadhna Tiwari | Updated : June 28, 2022, 9:00 PM

बालों का झड़ना या हेयर फॉल एक ऐसी हेयर प्रॉब्लम है जिससे महिलाएं ही नहीं दुनियाभर के पुरुष भी परेशान हैं। विभिन्न कारणों के चलते लोगों का बहुत कम उम्र मेंभी हेयर फॉल होने लगता है। इन दिनों की अनहेल्दी लाइफस्टाइल, पोषक तत्वों की कमी, तनाव और प्रदूषण के अलावा कई लोगों के लिए अनुवांशिकी से जुड़े कारण समय से पहले बालों के सफेद होने, हेयर लॉस या बालों के झड़ने जैसी समस्याओं की वजह बनते हैं। वहीं, थायरॉइड जैसी कुछ बीमारियों के कारण भी लोगों को हेयर फॉल (Hair Fall Problem) की समस्या हो सकती है।

बालों से जुड़ी इन समस्याओं से बचने के लिए लोगों को अपने खान-पान और दिनचर्या में जहां  बदलाव करने की आवश्यकता पड़ती है वहीं उन्हें तनाव को कंट्रोल करना भी सिखना पड़ेगा। आयुर्वेद में भी कई ऐसी जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल किया जाता है जो हेयर फॉल की समस्या को कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं। वहीं, विभिन्न स्टडीज में भी इन आयुर्वेदिक हर्ब्स को हेयर ग्रोथ (Ayurvedic herbs for hair growth)  के लिए उपयोगी पाया गया है। इनमें से अधिकांश जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल भारतीय घरों में दादी-नानी के नुस्खों (Dadi Nani Ke Nushkhe) में किया जाता रहा है। इस लेख में आप पढ़ सकेंगे कुछ ऐसी ही जड़ी-बूटियों के बारे में जो हेयर ग्रोथ के लिहाज से बहुत लाभकारी मानी जाती हैं। (Ayurvedic remedies for hair fall in Hindi)  साथ ही जानें उनके उपयोग के तरीके।

ब्राह्मी का पौधा बालों से जुड़ी कई समस्याओं से राहत दिलाने वाले गुणों से समृद्ध होता है।

आयुर्वेद में हेयर फॉल के लिए कौन-सी जड़ी-बूटियों की सलाह दी जाती है?

एक्सपर्ट्स के अनुसार,  लम्बे समय से भारत में इस्तेमाल होने वाली ब्राह्मी( Brahmi), शंखपुष्पी (Shankhapushpi), भृंगराज (Bhringraj), आंवला ( Amla), गुडुची ( Guduchi), Tapyadi lauh, यष्टिमधु ( Yashtimadhu) और शांख भष्म ( Shankhabhasma) जैसी जड़ी-बूटियां बालों से जुड़ी समस्याओं को कम करती हैं। इनके सेवन के अलावा इन्हें लेप,तेल और आयुर्वेदिक शैम्पू के तौर पर बालों में लगाया जाता है। इन जड़ी-बूटियों की सबसे अच्छी बात यह है कि ये शरीर के प्रकृति दोष (पित्त, वात और कफ) को संतुलित करनी हैं साथ ही धातुओं के स्तर को भी संतुलित करती हैं। इससे शरीर अंदर से स्वस्थ बनता है और रक्त का संचार (Blood circulation) बेहतर होता है। परिणामस्वरुप बालों की जड़ों (hair follicles) को मजबूती मिलती है और बालों का विकास होता है।  हालांकि, किस जड़ी-बूटी का सेवन कितनी मात्रा में करना है उसके लिए किसी एक्सपर्ट की सलाह लेना महत्वपूर्ण है।

जड़ी-बूटियों से यूं बनाएं हेयर ऑयल

सामग्री

  • 1 कटोरी नारियल का तेल  (Coconut Oil) या तिल का तेल (Sesame Oil)
  • मध्यम आकार की एक प्याज (Onion)
  • 1 कटोरी करी पत्ता (Curry leaves)
  • 2-3 चम्मच सूखे भृंगराज (Bhringraj) के टुकड़े
  • 4-5 सूखे आंवले (Amla)
  • 2 चम्मच त्रिफला पाउडर

तेल बनाने की विधि

  • हेयर ऑयल बनाने के लिए एक लोहे की कढ़ाही लें और उसमें तिल या नारियल का तेल गर्म होने के लिए रखें।
  • जब तेल हल्का गर्म हो जाए तो उसमें प्याज को काटकर डाल दें।
  • फिर, अन्य सभी चीजों को भी धीरे-धीरे तेल में डालते जाएं।
  • 15-20 मिनट तक धीमी आंच पर इस मिश्रण को पकने दें।
  • अब तेल को आंच से उतारें और 2-3 घंटों के लिए इसे ठंडा होने दें।
  • ठंडा होने के बाद तेल को छानकर किसी बोतल में भर लें।
  • शैम्पू करनेसे पहले इस तेल से सिर की मालिश करें।
  • उसके बाद बालों को सादे पानी और शैम्पू से धोएं।
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