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पीरियड्स समय पर ना आना हो सकता है PCOS का लक्षण, ये 5 जड़ी-बूटियां हैं इस गम्भीर बीमारी का नेचुरल इलाज

कुछ आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां पीसीओएस से परेशान महिलाओं के काम आ सकती हैं। यहां पढ़ें उन्ही हर्ब्स के सेवन के सही तरीकों और फायदों के बारे में।

पीरियड्स समय पर ना आना हो सकता है PCOS का लक्षण, ये 5 जड़ी-बूटियां हैं इस गम्भीर बीमारी का नेचुरल इलाज

Written by Sadhna Tiwari |Updated : April 20, 2023 3:59 PM IST

Ayurvedic Herbs For PCOS: पीसीओएस या पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (Poly Cystic Ovary Syndrome) महिलाओं में होने वाली एक हार्मोनल प्रॉब्लम है और तेजी से पूरी दुनिया में फैल भी रही है। पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं में पीरियड्स से जुड़ी समस्याएं जैसे पीरियड्स समय पर ना आना ( irregular menstrual cycle) या हेवी फ्लो या बहुत कम फ्लो होने, गर्भधारण या फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याएं (fertility problems) होने लगती हैं। पीसीओएस में महिलाओं के शरीर में एंड्रोजेन्स ( androgens) का स्तर बहुत अधिक बढ़ जाता जिसकी वजह से महिलाओं को अलग-अलग तरह की समस्याएं हो सकती हैं।

पीसीओएस के लक्षणों ( PCOS symptoms) से राहत पाने के लिए लाइफस्टाइल से जुड़े कुछ बदलाव करने से मदद हो सकती है। जैसे- हेल्दी डाइट खाने, रोजाना एक्सरसाइज करें और स्ट्रेस जैसी समस्याओं को कंट्रोल करने से पीसीओएस की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। वहीं महिलाओं की समस्याओं से आराम पाने के लिए आयुर्वेद में कुछ जड़ी-बूटियों के बारे में बताया गया है। न्यूट्रिशनिस्ट लवनीत बत्रा (Nutritionist Lovneet Batra) ने कुछ ऐसी ही जड़ी-बूटियों के बारे में बात की पीसीओएस से परेशान महिलाओं के काम आ सकती हैं। यहां पढ़ें उन्ही हर्ब्स के सेवन के सही तरीकों और फायदों के बारे में। (Ayurvedic Herbs For PCOS control in Hindi.)

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पीसीओएस से जुड़ी समस्याओं से आराम पाने के लिए करें इन नेचुरल चीजों का सेवन (Ayurvedic Herbs For PCOS)

दालचीनी (Cinnamon)

न्यूट्रिशनिस्ट के अनुसार दालचीनी का रस इंसुलिन सिलेक्टिविटी बढ़ाता है जिससे पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं को मदद होती है। दालचीनी में पाए जाने वाले तत्व इंसुलिन को काम करने में मदद करते हैं। इसीलिए, रोजाना दालचीनी का सेवन करने से मेंस्ट्रुएल साइकिल रेग्यूलर होने लगता है और धीरे-धीरे पीसीओएस की समस्या भी कम होने लगती है।

केसर (Saffron)

स्ट्रेस को कम करने वाली नेचुरल औषधियों में केसर भी एक महत्वपूर्ण हर्ब है। यह एंग्जायटी को कम करता है और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से आराम दिलाता है। इसी तरह केसर का सेवन करने से टेस्टोस्टेरोन लेवल (testosterone levels) भी कम होता है, जिससे इंफर्टिलिटी की समस्या को मैनेज करने में मदद होती है।

शतावरी (Shatavari)

यह गुणकारी औषधी मेंस्ट्रुअल साइकिल को नियमित करने और महिलाओं की प्रजनन शक्ति बढ़ाती है। शतावरी में प्लांट-बेस्ट एस्ट्रोजेन पाए जाते हैं जो पीसीओएस से जुड़े कई लक्षणों को कम करते हैं।

पिप्पली (Pippali)

यह एक तनाव कम करने वाली औषधी है जो एंटीऑक्सीडेंट्स (antioxidant) भरपूर होती है। यह फ्री-रैडिकल डैमेज (free radical damage) और ऑक्सीडेशन से सुरक्षा देती है और हेल्दी सेल्स को बनने में मदद करती है। इन सबके साथ ही पिप्पली का सेवन करने से ये फायदे भी होते हैं-

  • वजन कम होता है और मोटापा कंट्रोल करने में मदद होती है।
  • इंसुलिन रेजिस्टेंस की समस्या कम होती है।
  • शरीर में हार्मोन्स का स्तर (herbs to balance hormone level in body) सुधरता है।

अश्वगंधा (Ashwagandha)

तनाव कम करने और फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए अश्वगंधा का सेवन लाभकारी माना जाता है। इसके साथ ही पीसीओएस से पीड़ित महिलाओं के लिए भी अश्वगंधा का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है। यह शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन्स कॉर्टिसोल का स्तर (Herbs to balance cortisol levels ) कम रखता है और पीसीओएस के लक्षणों ( PCOS symptoms) से भी राहत दिलाता है।

अधिक जानकारी के लिए देखें ये वीडियो पोस्ट-

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