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होली में मिठाई-पकवान खाने से पड़ सकते हैं बीमार, एक्सपर्ट से जानिए होली में हेल्दी रहने के उपाय

होली की मौज-मस्ती और दावत में कई बार लोग बहुत कुछ ऐसा खा लेते हैं जिससे शरीर में वात, पित्त और कफ दोष बिगड़ जाते हैं। ऐसे में बीमार होने से बचने के लिए क्या करना चाहिए, जानिए हमारे एक्सपर्ट से।

Written By Sadhna Tiwari
Updated : March 13, 2025 3:58 PM IST

Tips for healthy Holi 2025- होली का त्योहार रंग और उमंग के साथ-सा स्वादिष्ट पकवानों का भी उत्सव होता है। होली के अवसर पर जहा हर तरफ रंग गुलाल दिखायी देते हैं, वहीं दूसरी तरफ गुजिया (Gujiya), मालपुआ (Malpua), दही बड़े (Dahi bade) और लस्सी (Lassi) जैसी स्वस्दिष्ट चीजें भी खूब खायी और खिलायी जाती हैं। खाने-पीने की ये चीजें जितनी स्वादिष्ट होती हैं वहीं, इनका आपके स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है।  होली में अलग-अलग स्वाद और तासीर वाली चीजें खाने से शरीर में वात, पित्त और कफ दोष का असंतुलन बढ़ सकता है। ऐसे में तबियत बिगड़ने का खतरा भी बढ़ जाता है और शरीर में कई तरह के एलर्जिक रिएक्शन्स भी बढ़ सकते हैं। होली के आसपास मौसम में भी बदलाव देखे जाते हैं जिसकी वजह से कई तरह की समस्याएं हो सकती है। आयुर्वेदा में ऐसा माना जाता है कि एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में वात, पित्त और कफ दोषों का संतुलन होता है। लेकिन होली के पकवान खाने से इन दोषों  असंतुलन बिगड़ सकता है।

आशा आयुर्वेदा की डायरेक्टर और आयुर्वेद एक्सपर्ट डॉ चंचल शर्मा ने बताया कि होली के दिनों में खान-पान का ध्यान कैसे रखा जाए और  शरीर में वात, दोष और पित्त के संतुलन के लिए कुछ टिप्स-

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वात पित्त के असंतुलन के लक्षण क्या हैं?

डॉ चंचल शर्मा बताती हैं कि होली के कुछ दिनों बाद ही इन पकवानों के खाने से स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर दिखायी देना शुरू हो जाते हैं। होली के मौके पर लोग ठंडाई, लस्सी, मेवे आदि खाते हैं जिससे आपके शरीर में वात दोष बढ़ सकता है। मालपुआ, गुजिया, मसालेदार पकवान जैसे फूड्स  खाने से शरीर में पित्त दोष का स्तर बढ़ जाता है। जब भी किसी व्यक्ति के शरीर में इन दोनों दोषों का संतुलन बिगड़ता है तो शरीर में इस तरह की समस्याएं बढ़ सकती हैं-

  • बहुत अधिक सुस्ती
  • कॉन्स्टिपेशन या कब्ज की शिकायत
  • एसिडिटी बढ़ जाना
  • पेट में दर्द

प्रकृति दोष के असंतुलन से बचने के उपाय क्या  हैं?

आप जितना अधिक मसालेदार और तला हुआ भोजन करेंगे आपके शरीर में वात दोष का स्तर उतना ज्यादा बढ़ जायेगा। होली के समय सबके घर में इसी तरह के पकवान बनते हैं, ऐसे समय में आपको एक निश्चित मात्रा में ही उसका सेवन करना चाहिए। अगर अपनी भूख के हिसाब से नहीं बल्कि सेहत को ध्यान में रखते हुए इसका सेवन करें, इससे आप पेट में होने वाली समस्या से अपना बचाव कर सकते हैं।

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ऑयली फूड्स खाने के बाद करें ये काम

जब भी आप कुछ तला हुआ खाते हैं तो वह आपके डाइजेस्टिव सिस्टम  को नुकसान पहुंचता है और स्किन भी डैमेज हो सकती है।   इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों को कम से कम खाएं और खाने के बाद पानी जरूर पिएंयह कफ दोष को नियंत्रित रखता है।

हल्का और सुपाच्य भोजन खाएं

आप दही, लस्सी और हर्बल ड्रिंक्स का सेवन कर सकते हैं क्यूंकि यह शरीर के दोषों को संतुलित रखने में मददगार साबित हो सकता है। आप  इन छोटो छोटी बातों का ध्यान रखते हुए  होली का त्योहार भी मना सकते हैं और स्वस्थ भी रह सकते हैं।

Disclaimer : प्र‍िय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्‍य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसल‍िए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए ज‍िम्मेदारी का दावा नहीं करता है।