गैस और एसिडिटी के अटैक से आपको बचाएगा आयुर्वेद, ये 5 ड्रिंक्स आएंगी काम

Ayurveda For Acidity: एसिडिटी एक तरह से बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल का परिणाम है। हालांकि अपनी लाइफस्टाइल और ईटिंग हैबिट्स में कुछ सुधार करके आप इस परेशानी से राहत पा सकते हैं।

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Written By: Atul Modi | Published : March 20, 2024 6:08 PM IST

ऑफिस में घंटों की सिटिंग, चाय समोसे का दौर, चाट का शौक, पकौड़ों का प्रेम जैसे कई कारणों से एसिडिटी अब लोगों के लिए एक आम परेशानी बन गई है। देर रात भोजन करना और उसके बाद तुरंत सोने के कारण भी यह परेशानी बढ़ जाती है। दरअसल, पेट में एसिड का बैलेंस खराब होने के कारण एसिडिटी होती है, जिससे सीने में तेज जलन होने लगती है। कई बार मुंह का स्वाद बिगड़ जाता है और अपच की परेशानी होने लगती है। एसिडिटी एक तरह से बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल का परिणाम है। हालांकि अपनी लाइफस्टाइल और ईटिंग हैबिट्स में कुछ सुधार करके आप इस परेशानी से राहत पा सकते हैं। आयुर्वेद में भी इसे लेकर कई उपाय बताए गए हैं, जिनके जरिए बिना दवा के आप एसिडिटी को जड़ से खत्म कर सकते हैं।

एलोवेरा है एसिडिटी का इलाज

एलोवेरा जूस एसिडिटी का सटीक इलाज है। इसकी तासीर ठंडी होती है, जिससे जलन की परेशानी दूर होती है। सुबह के समय खाली पेट ताजा एलोवेरा जूस पिएं। इससे पाचन तंत्र सुधरता है और पेट में एसिड कम बनता है। यह जूस गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल लाइनिंग को राहत देता है, जिससे एसिडिटी से छुटकारा मिलता है।

पुदीने की पत्तियों से मिलेगी राहत

आयुर्वेद में पुदीने की पत्तियों को वायुनाशक माना जाता है। ये ठंडी पत्तियां एसिड बनने की प्रक्रिया और अपच दोनों को कम करती हैं। अगर आपको एसिडिटी महसूस हो तो आप पुदीने की ताजी पत्तियां चबा लें। आप पुदीने की चाय भी पी सकते हैं। इससे पाचक एंजाइमों का प्रोडक्शन बढ़ता है। ये पत्तियां आपके पाचन में सुधार कर के एसिड रिफ्लक्स को कम करती हैं।

सौंफ है टेस्टी विकल्प

खाने के बाद अक्सर लोग सौंफ खाते हैं। दरअसल, सौंफ पेट से जुड़ी कई परेशानियों को दूर करती है। ये टेस्टी बीज एसिडिटी, पेट की सूजन, अपच, ​गैस जैसी सभी समस्याओं का हल हैं। खाने के बाद नियमित रूप से एक टीस्पून सौंफ का सेवन करें। इसे खूब चबाकर खाएं। इसमें वोलेटाइल ऑयल होता है, जो हार्ट बर्न से राहत दिलाता है।

धनिए के बीज देंगे ठंडक

आयुर्वेद में धनिए को पित्त दोष को खत्म करने वाला माना जाता है। ये बीज पेट में एसिड बनने की प्रक्रिया को कम करते हैं, सूजन दूर करते हैं और पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं। सुबह खाली पेट धनिए के पानी का नियमित सेवन करें। इसके लिए एक गिलास पानी में एक टीस्पून धनिए के बीज डालें और सुबह पानी छानकर पी लें। आप चाहें तो एक कप पानी में एक टीस्पून धनिए के बीज डालकर उसे उबालकर चाय के रूप में भी पी सकते हैं। इससे आपके पेट को ठंडक मिलेगी।

जीरा है जोरदार

जीरा एसिडिटी की परेशानी को दूर करता है। यह पाचक एंजाइमों को बढ़ावा देता है, जिससे पाचन तंत्र में सुधार होता है और एसिड नहीं बनता। आप सुबह खाली पेट जीरे का पानी पी सकते हैं। इसके लिए रात में एक गिलास पानी में एक टीस्पून जीरा भिगो दें। सुबह इस पानी को छानकर पी लें। इसी के साथ आप जीरे को भूनकर उसका पाउडर बना लें। एक टीस्पून पाउडर को गुनगुने पानी में मिलाकर इसे पिएं। आपको तुरंत राहत मिलेगी।

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