Add The Health Site as a
Preferred Source
Add The Health Site as a Preferred Source

Joint Pain: बरसात में जोड़ों का दर्द कम करने के लिए क्या करें? जानिए आयुर्वेदाचार्य से 5 जरूरी बातें

Joint Pain in Monsoon: अक्सर देखा गया है कि मानसून में काफी सारे लोग जोड़ों में दर्द की शिकायत करते हैं, जिससे निपटने के लिए आयुर्वेदाचार्य ने कुछ महत्वपूर्ण टिप्स दिए जिनके बारे में आप इस लेख में जानेंगे।

Joint Pain: बरसात में जोड़ों का दर्द कम करने के लिए क्या करें? जानिए आयुर्वेदाचार्य से 5 जरूरी बातें
VerifiedMedically Reviewed By: Dr Partap Chauhan

Written by Mukesh Sharma |Published : July 10, 2025 11:39 AM IST

Ayurvedic Treatment for Joint Pain: बारिश की रिमझिम फुहारें वरदान लगती हैं लेकिन गठिया, वात रोग या पुराने जोड़ों के दर्द से जूझ रहे लोग इस मौसम में बेहद परेशान रहते हैं। उनके लिए यह मौसम शरीर के अप्रिय और तकलीफों भरे अनुभव लेकर आता है। जोड़ों में दर्द से जूझ रहे लोग अगर कुछ बातों का ध्यान रखें तो स्थिति को गंभीर होने से बचाया जा सकता है। आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रताप चौहान के अनुसार, बारिश के मौसम में वायु दोष और आमदोष बढ़ जाता है, जो जोड़ों की समस्याओं को और भी गंभीर बना देता है। बदलते तापमान, हवा में नमी और कम धूप का नियमित विचलन, मांसपेशियों की अकड़न और सूजन को बढ़ा देते हैं।

मानसून क्यों बढ़ाता है जोड़ों की समस्या?

बरसात के मौसम में आर्द्रता यानी नमी बहुत अधिक होती है। यह नमी शरीर के ऊतकों (Tissues) और कोशिकाओं में जाकर जमा हो जाती है जिससे विष (Toxins) और दोष और भी ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में वातदोष, मानसून में और भी अधिक उग्र हो जाता है जिससे शरीर को विटामिन D सही तरह से नहीं मिलता और हड्डियां व मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। यह कारण है कि जिन लोगों को पहले से गठिया या जोड़ों की कोई समस्या है, उन्हें बरसात में दर्द ज्यादा होता है।

बदलते मौसम में क्यों होता है जोड़ों का दर्द

बारिश में वातदोष का ‘अविलंब संचय’ होता है, जिसका मतलब है, जोड़ों वाले हिस्सों में वात दोष जल्दी से जमा होता है और अधिक विकराल हो जाता है क्योंकि वातावरण खुद भारी, ऊष्ण और नमी वाला होता है, जो सभी गुण वात को असंतुलित करते हैं। अगर आपने पहले से पंचकर्म या वातहरक औषधियों का सेवन नहीं किया है तो मानसून आपके लिए तकलीफ भरा हो सकता है।

Also Read

More News

बरसात में कैसे पाएं राहत

इस मौसम में आप कुछ आसान आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर जोड़ों के दर्द से राहत पा सकते हैं:

  • गर्म पानी से स्नान करें, खासकर जोड़ों के आसपास की नसों को गर्म तेल से हल्का मालिश करना लाभकारी होता है।
  • आहार में तिल का तेल, सूप, मूंग की दाल और हल्की सुपाच्य भोजन शामिल करें।
  • अनाजों में जौ और रागी को प्रमुखता दें।
  • औषधीय हर्ब्स जैसे दारुहरिद्रा, गुग्गुल, त्रिफला, गिलोय जैसी औषधियों का सेवन विशेषज्ञ की सलाह से करें।
  • नियमित व्यायाम और योगासन की आदतों को जीवन शैली का हिस्सा बनाएं, योग में वक्रासन, शशांकासन जैसे आसन लाभदायक हैं।
  • त्रिफला या हरिद्राक्ष आदि जैसे पाचन सुधारक दवाओं से शरीर में गैस और दोष जमा कम किया जा सकता है।

पंचकर्म - गहराई से सफाई और संतुलन

डॉ. चौहान बताते हैं कि अगर आप पहले से जोड़ों की परेशानी से जूझ रहे हैं, तो वात दोष को शांत करने के लिए मानसून में पंचकर्म इलाज सबसे अनुकूल समय होता है। क्योंकि इस मौसम में शरीर की कोशिकाएं टॉक्सिन्स को बाहर निकालने के लिए सबसे ज्यादा रिस्पेक्टिव होती हैं। विरेचन, बस्ती, अभ्यंग, पिंड स्वेद और आयुर्वेदिक बस्ती जैसे उपचार जोड़ों की सूजन, जकड़न और दर्द में काफी राहत देते हैं।

नियमित दिनचर्या का भी है बड़ा योगदान

आपकी दिनचर्या तय करती है कि मानसून आपके शरीर के लिए कितना सहायक या कष्टकारी रहेगा। देर रात जागना, जब-तब खाना, कम पानी पीना और एक जगह बैठे रहना, ये तमाम आदतें जोड़ों की तकलीफ को बढ़ा सकती हैं। अगर आप दिन की सही शुरुआत करें, आयुर्वेदिक जीवन शैली को अपनाएं और अपने शरीर के संकेतों को समझें, तो जोड़ों का दर्द धीरे-धीरे ठीक होना शुरू हो जाता है।

मानसून में जोड़ों को कैसे सही रखें?

जोड़ों के दर्द से पीड़ित लोगों को चाहिए कि वे आयुर्वेद के अनुसार इस मौसम को अपने शरीर के अनुकूल बताएं। आयुर्वेद में हर ऋतु के अनुसार शरीर को संतुलन में रखने की सलाह दी जाती है। डॉ. प्रताप चौहान के अनुसार, अगर आप पहले से ही किसी रोग के लक्षण महसूस कर रहे हैं तो यह सही वक्त है उन्हें अनदेखा ना करें। सही जीवन शैली और सही दिनचर्या अपनाना जरूरी है। इस मौसम में आयुर्वेदिक सलाहों को अपनाकर आप अपने जोड़ों को फिर से स्वस्थ बना सकते हैं।

Add The HealthSite as a Preferred Source Add The Health Site as a Preferred Source

अस्वीकरण: प्रिय पाठकों यह आर्ट‍िकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।

FAQs

जोड़ों के दर्द के मरीजों को क्या खाना चाहिए

जिन लोगों को अक्सर जोड़ों का दर्द रहता है, उन्हें अपनी डाइट में ऐसा खाना शामिल करना चाहिए जिसमें ज्यादा प्रोटीन और कैल्शियम पाया जाता है।

क्या जोड़ों के दर्द में एक्सरसाइज कर सकते हैं

जोड़ों के दर्द के दौरान हल्की एक्सरसाइज करना जरूरी होता है, जिससे ज्यादा जकड़न नहीं हो पाती है।

जोड़ों में दर्द का क्या कारण हो सकता है?

जोड़ों में दर्द के पीछे कई कारण हो सकते हैं जैसे कमजोरी, शरीर का वजन ज्यादा होना, गठिया और हड्डियों की कमजोरी आदि।