बवासीर होने पर क्या खाना चाहिए क्या नहीं खाना खाना चाहिए, बता रहे हैं आयुर्वेदााचार्य
Bawasir me kya Khana chahiye or kya Nahi Khana chahiye: आयुर्वेद में बवासीर के इलाज में सही खानपान और जीवनशैली को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। अगर आप सही डाइट अपनाते हैं तो बवासीर की समस्या को काफी हद तक कंट्रोल में किया जा सकता है।
Written by Ashu Kumar Das|Updated : March 31, 2026 1:08 PM IST
What to eat and what not to eat when you have piles: बवासीर (Piles) एक ऐसी समस्या है जो आजकल बहुत तेजी से बढ़ रही है। गलत खानपान, कब्ज, लंबे समय तक बैठकर काम करना और फाइबर की कमी बवासीर होने के प्रमुख कारण माने जाते हैं। फरीदाबाद के सेक्टर- 8 स्थित सर्वोदय अस्पताल के सीनियर आयुर्वेद कंसल्टेंट डॉ. चेतन शर्मा (Dr. Chetan Sharma, Senior Ayurveda Consultant, Sarvodaya Hospital, Sector 8) के अनुसार, बवासीर मुख्य रूप से वात और पित्त दोष के असंतुलन के कारण होती है। जब शरीर में पाचन तंत्र कमजोर हो जाता है और कब्ज की समस्या बढ़ जाती है, तो मल त्याग के दौरान नसों पर दबाव पड़ता है जिससे बवासीर होता है।
आयुर्वेद में बवासीर का इलाज क्या है?
आयुर्वेद में बवासीर के इलाज में सही खानपान और जीवनशैली को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया है। अगर आप सही डाइट अपनाते हैं तो बवासीर की समस्या को काफी हद तक कंट्रोल में किया जा सकता है। आइए डॉ. चेतन शर्मा से जानते हैं बवासीर के मरीजों को क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।
बवासीर के स्टेज क्या हैं?
आयुर्वेद के अनुसार, बवासीर के प्रमुख चार स्टेज में होता है। इन स्टेज में नीचे बताए गए लक्षण नजर आते हैं...
बवासीर में क्या खाना चाहिए- Bawasir me Kya Khana Chaiye
फाइबर वाला आहार- डॉ. चेतन शर्मा का कहना है कि बवासीर में फाइबर सबसे जरूरी पोषक तत्व है। खाने में फाइबर को ज्यादा मात्रा में शामिल करने से मल नरम बनता है और कब्ज की परेशानी दूर होती है। इसलिए बवासीर के मरीजों को पर्याप्त मात्रा में फाइबर वाले फूड्स खाने चाहिए। फाइबर के लिए ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस और साबुत अनाज खाना चाहिए। इनका नियमित सेवन करने से मल त्याग आसान होता है और बवासीर में आराम मिलता है।
हरी सब्जियां- हरी पत्तेदार सब्जियों में हाई फाइबर होने के साथ-साथ विटामिन, मिनरल्स और प्रोटीन भी होता है। आयुर्वेद कहता है कि खाने में पालक, मेथी, सरसों का साग, बथुआ को शामिल करने से मल नरम होता है। इससे मल त्याग की प्रक्रिया आसान होती है और आपको बवासीर से आराम मिलता है।
छाछ- आयुर्वेद में छाछ को पाचन के लिए बहुत अच्छा माना गया है। छाछ में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया पाचन को मजबूत बनाते हैं और कब्ज की समस्या कम करते हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर कहते हैं कि किसी भी बीमारी की शुरुआत पेट से होती है, जब पेट स्वस्थ रहता है, तो बीमारियों का खतरा भी कम होता है।
त्रिफला- आयुर्वेद में त्रिफला को पाचन तंत्र के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। बवासीर के मरीजरात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण का सेवन करें, तो इससे सुबह मल त्याग आसान होता है। मल त्याग की प्रक्रिया आसान होने से बवासीर में राहत मिलती है।
पानी- जैसा की हम पहले भी बात कर चुके हैं कि बवासीर का मूल कारण कब्ज है। कम पानी पीने से कब्ज की समस्या बढ़ जाती है। कब्ज की परेशानी दूर करने के लिए 1 दिन में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से मल नरम रहता है और मल त्याग में परेशानी नहीं होती है। इससे बवासीर में आराम मिलता है।
बवासीर में क्या नहीं खाना चाहिए?- Bawasir me kya Nahi Khana chahiye
मसालेदार खाना- डॉक्टर कहते हैं कि बहुत ज्यादा मसालेदार खाना बवासीर की समस्या को बढ़ा सकता है। मसालेदार खाना खाने से मलद्वार में जलन,सूजन, दर्द की समस्या बढ़ सकता है। इसलिए बवासीर के मरीजों को मसालेदार खाना खाने से बचना चाहिए।
जंक और प्रोसेस्ड फूड- बाजार में मिलने वाले पिज्जा, बर्गर, पकोड़े और समोसे को बहुत ज्यादा तेल में पकाया जाता है। इसके कारण फास्ट फूड और जंक फूड में फाइबर बहुत कम होता है। यह सभी चीजें पाचन को खराब करते हैं और कब्ज बढ़ा सकते हैं।
चाय और कॉफी- अधिक मात्रा में चाय और कॉफी पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। बवासीर के मरीज अगर ज्यादा मात्रा में चाय और कॉफी का सेवन करें, तो इससे कब्ज बढ़ जाता है और बवासीर के कारण होने वाला दर्द और सूजन की परेशानी बढ़ती है।
रेड मीट- रेड मीट को पचने में ज्यादा समय लगता है और यह कब्ज की समस्या को बढ़ा सकता है। इसलिए बवासीर के मरीजों को रेड मीट का सेवन करने से बचना चाहिए।
आयुर्वेद के हिसाब से बवासीर से बचाव कैसे करें?
डॉ. चेतन शर्मा बताते हैं कि बवासीर से राहत पाने के लिए सिर्फ खानपान ही नहीं बल्कि कुछ आदतों को भी अपनाना जरूरी है। बवासीर से बचाव करने के लिए नीचे बताए गए उपायों को अपनाना चाहिए।
रोजाना सुबह 15 से 20 मिनट तक टहलें।
सुबह टहलने से पहले आधा गिलास गुनगुना पानी जरूर पिएं।
कब्ज की परेशानी होने पर योग और प्राणायाम करें।
बवासीर न होने पर ज्यादा देर तक एक जगह बैठने से बचना चाहिए।
कब्ज से बचाव की परेशानी न हो, इसके लिए पानी पिएं।
बवासीर (पाइल्स) के मरीज के लिए 1 दिन का डाइट प्लान
बवासीर के मरीज नीचे बताए गए डाइट प्लान को फॉलो कर सकते हैं।
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1. सुबह खाली पेट (Morning Routine)
सुबह उठते ही 1 गिलास गुनगुना पानी पिएं। गुनगुना पानी पीने का स्वाद आपको अगर खराब लगता है तो स्वाद के लिए इसमें आप 1 चम्मच शहद या नींबू का रस मिला सकते हैं। बवासीर के मरीज खाली पेट पानी पिए तो इससे पेट सही तरीके से साफ होता है।
2. किशमिश और चिया सीड्स
खाली पेट पानी पीने का बाद बवासीर के मरीजों को 5 से 6 भीगे हुए किशमिश या 1 चम्मच भीगे हुए चिया सीड्स खाने चाहिए। भीगे हुए किशमिश और चिया सीड्स में हाई फाइबर होता है, जो मल को मुलायम बनाता है।
3. नाश्ता (Breakfast)
बवासीर के मरीजों को नाश्ते में हल्का और फाइबर से भरपूर खाना ही लेना चाहिए। बवासीर के मरीजों को नाश्ते में दलिया (सब्जियों के साथ), ओट्स या पोहा, 1 कटोरी पपीता या सेब खाना चाहिए।
4. दोपहर का खाना (Lunch)
दोपहर का भोजन संतुलित और हल्का होना चाहिए। बवासीर के मरीजों को 1 से 2 रोटी (आटा + चोकर वाला), 1 कटोरी हरी सब्जी (लौकी, तोरी, पालक, गाजर), 1 कटोरी दाल, 1 कटोरी सलाद (खीरा, टमाटर, गाजर) और 1 गिलास छाछ का सेवन करना चाहिए।
5. शाम का नाश्ता (Evening Snack)
दोपहर के खाने के बाद बवासीर के मरीजों को शाम का नाश्ता हल्का ही करना चाहिए। शाम के समय बवासीर के मरीज ग्रीन टी या हर्बल टी, मुट्ठी भर भुना चना या मखाना खा सकते हैं। यह शाम की भूख को शांत करता है और ज्यादा भारी खाना खाने से बचाता है।
6. रात का खाना (Dinner)
बवासीर के मरीजों को रात का खाना हल्का खाना चाहिए। अगर संभव हो तो रात का खाना 8 बजे तक हो जाना चाहिए। बवासीर के मरीजों को रात में 1 से 2 रोटी, 1 कटोरी हल्की सब्जी (लौकी, तोरी, पालक), 1 कटोरी मूंग दाल का सेवन करना चाहिए। रात का खाना हल्का रखने से यह आसान तरीके से पच जाता है। इससे कब्ज की परेशानी कम होती है।
निष्कर्ष
आयुर्वेद के अनुसार बवासीर की समस्या को सही खानपान और सही जीवनशैली से काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। अगर आप अपनी डाइट में फाइबर, फल, सब्जियां और पर्याप्त पानी शामिल करते हैं तो कब्ज की समस्या दूर हो सकती है और बवासीर में राहत मिल सकती है।
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Highlights
कब्ज के कारण बवासीर की परेशानी होती है।
बवासीर होने पर सही खानपान अपनाएं।
रोजाना सुबह 15 से 20 मिनट तक टहलें।
Disclaimer: प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है। यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें। thehealthsite.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।
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