गिलोय और तुलसी के पत्तों से लेकर योगा टिप्स, आयुष मंत्रालय ने बताया आयुर्वेद की मदद से कैसे हो सकता है कोविड-19 का इलाज
गिलोय और तुलसी के पत्तों से लेकर योगा टिप्स, आयुष मंत्रालय ने बताया आयुर्वेद की मदद से कैसे हो सकता है कोविड-19 का इलाज
आयुष मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा है कि ऐसे मरीज़ जिनमें कोविड-19 के हल्के लक्षण दिख रहे हैं या किसी भी प्रकार के लक्षण नज़र नहीं आ रहे, उन मरीज़ों का इलाज आयुर्वेद की मदद से किया जाना चाहिए। मंत्रालय की तरफ से आयुर्वेद और योग पर आधारित एक नेशनल क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल की भी घोषणा की गयी है। जिसका मतलब है कि, कोरोना वायरस के हल्के और बिना लक्षण वाले मरीज़ों का इलाज आयुर्वेद और योग की मदद से किया जाएगा। इन गाइडलाइंस को खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने किया। जिनमें, डायट, योगासान और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार किए गए फॉर्मूलाज़ के बारे में जानकारी दी गयी हैं।
Written By:
Sadhna Tiwari
| Published : October 7, 2020 4:10 PM IST
‘Ayurvedic medicine can be effective in treating mild to moderate symptoms of coronavirus’
Ayurveda and Covid-19: कोरोना वायरस महामारी के मामलों में एक बार फिर देश में इज़ाफा देखा जा रहा है। कोरोना वायरस महामारी के मामले देश में बढ़कर 67 लाख से अधिक हो गए हैं। कोरोना वायरस के नये केसेस में बढ़ोतरी की यह दर अब धीमी हो रही है। लोगों से अपील भी की जा रही है कि, कोविड-19 से जुड़े लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए। वहीं, एक्सपर्टस के अनुसार बहुत-से मरीज़ ऐसे हैं जिन्हें कोविड-19 इंफेक्शन होने के बाद भी उनमें किसी प्रकार के लक्षण नहीं दिखायी पड़ते। ऐसे मरीज़ों को असिम्पोटोमैटिक (Asymptomatic) कहा जाता है।
आयुष मंत्रालय ने गाइडलाइंस जारी करते हुए कहा है कि ऐसे मरीज़ जिनमें कोविड-19 के हल्के लक्षण दिख रहे हैं या किसी भी प्रकार के लक्षण नज़र नहीं आ रहे, उन मरीज़ों का इलाज आयुर्वेद की मदद से किया जाना चाहिए। मंत्रालय की तरफ से आयुर्वेद और योग पर आधारित एक नेशनल क्लीनिकल मैनेजमेंट प्रोटोकॉल की भी घोषणा की गयी है। जिसका मतलब है कि, कोरोना वायरस के हल्के और बिना लक्षण वाले मरीज़ों का इलाज आयुर्वेद और योग की मदद से किया जाएगा। इन गाइडलाइंस को खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन ने किया। जिनमें, डायट, योगासान और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से तैयार किए गए फॉर्मूलाज़ के बारे में जानकारी दी गयी हैं।
कोविड-19 के सभी मरीज़ आज़माएं ये आयुर्वेदिक टिप्स:
गुनगुने पानी में हल्दी और नमक मिलाकर गरारा करें। त्रिफला या मुलेठी (यष्टिमधु) को डालकर उबाले गए पानी से भी गरारा किया जा सकता है।
1-2 बार अपनी नाक में तिल या नारियल का तेल अथवा गाय का घी डालें, खासकर घर से बाहर जाते और लौटते समय।
अजवाइन, पुदीना या नीलगिरी के तेल को उबलते पानी में मिलाकर इससे भाप लें।
6 से 8 घंटे की नींद लें।
नियमित एक्सरसाइज और योग करें।
ऐसी हो डायट
पानी में अदरक,धनिया के बीज,तुलसी या जीरा डालकर उबाल लें और इस पानी को पिएं।
ताजा बना हुआ गर्म खाना ही खाएं और बैलेंस्ड डाइट को फॉलो करें।
रात में हर रोज हल्दी वाला दूध (150 ग्राम गर्म दूध में आधा चम्मच हल्दी) पिएं। अपच की समस्या है, तो इसे न पिएं।
दिन में 1 बार आयुष काढ़ा या आयुष क्वाथ का गर्म-गर्म सेवन करें।
दिन में 1 बार 10 ग्राम च्यवनप्राश गर्म पानी के साथ खाएं।
संक्रमित के सम्पर्क में आए लोगों के लिए सेफ्टी गाइडलाइंस
यदि कोई व्यक्ति किसी कोविड-19 संक्रमित व्यक्ति के सीधे सम्पर्क में आता है तो उसके लिए भी कोविड-19 का रिस्क बढ़ जाता है। ऐसे लोग हाई रिस्क ग्रुप में गिए जाते हैं। इन लोगों के लिए आयुष मंत्रालय ने इस प्रकार की आयुर्वेदिक औषधियों के सेवन की सलाह दी है-
अश्वगंधा का अर्क (500 मिलीग्राम) और अश्वगंधा पाउडर (1-3 ग्राम) दिन में 2 बार गर्म पानी के साथ, 15 दिनों तक पीएं। इसके साथ ही डॉक्टर के परामर्श के अनुसार 1 महीने या उससे अधिक समय तक भी इसका सेवन कर सकते हैं ।
गिलोय घनवटी का रस या गिलोय पाउडर सुबह-शाम गरम पानी के साथ पीएं।
दिन में कम से कम 1 बार 2 चम्मच च्यवनप्राश का गरम पानी के साथ सेवन करें।
जब ना दिखें कोविड-19 संक्रमण के लक्षण
गिलोय घनवटी का अर्क (500 मिलीग्राम) या इसका पाउडर (1-3 ग्राम) दिन में 2 बार गर्म पानी के साथ लें। अथवा चिकित्सक की सलाह के अनुसार 1 महीने या इससे ज्यादा समय तक ले सकते हैं।
गिलोय+पिप्पली का पाउडर 375 मिलीग्राम दिन में 2 बार तक लें।
आयुष 64 का सेवन 15 दिन तक 500 मिलीग्राम गर्म पानी के साथ दिन में 2 बार से करें।
सामान्य लक्षणों वाले कोविड-19 मरीज़ ऐसे रखें अपना ध्यान
हल्के लक्षणों वाले मरीजों में अगर सांस लेने से जुड़ी परेशानियां नहीं हो रहीं हैं या केवल, बुखार, सिरदर्द, थकान, सूखी खांसी, गले में खराश और बंद नाक जैसी परेशानियां हैं। तो, ऐसे लोगों का इलाज आयुष मंत्रालय की गाइडलाइन्स के आधार पर इस तरह हो सकता है।
15 दिन तक गिलोय+पिप्पली का पाउडर 375 मिलीग्राम दिन में 2 बार गर्म पानी के साथ लें।
15 दिन तक आयुष 64 का सेवन 500 मिलीग्राम दिन में 2 बार गर्म पानी से करें।
कोरोना संक्रमितों के लिए योगा टिप्स
कोविड-19 संक्रमित मरीज़ अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, ताड़ासन, अर्ध ऊष्ट्रासन, पद-हस्तासन, सिंहासन, उत्थान मंडूकासन, शशकासन, मर्जरीआसन, कपाल भांति जैसे योगासनों का अभ्यास कर सकते हैं। साथ ही प्राणायाम का भी अभ्यास लाभदायक है।
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