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Vegetables to Avoid in Monsoon : मानसून अपने साथ ठंडी फुहारें लाता है और गर्मियों की सुस्ती से हमारी मांसपेशियों को आराम दिलाता है जिससे फ्रेश महसूस होता है। यह एक ऐसा मौसम है, जो शरीर की बेहतर ग्रोथ में अहम भूमिका निभाता है। बरसात के सीजन में आप कई तरह की साग-सब्जियों का सेवन कर सकते हैं। इससे शरीर को भरपूर पोषण मिलता है। बरसात के मौसम मे लौकी, करेला, कुम्हड़ा या पीले कद्दू, तुरई और अन्य सब्जियों का सेवन कर सकते हैं, इससे प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त होते हैं।
इसके अलावा मानसून के उपहारों में खीरा, टमाटर, बीन्स और भिंडी जैसी सब्डियां भी शामिल हैं। इन सब्जियों को आप नियमित रूप से अपने आहार में जोड़ सकते हैं। यह पेट के लिए काफी अच्छी होती है। वहीं, मानसून के मौसम में कुछ सब्जियां खाने से आपकी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को भी बेहतर किया जा सकता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस सीजन में कुछ सब्जियों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। जी हां, मानसून में आपको अगर स्वस्थ रहना है, तो इस सीजन में कुछ सब्जियों का सेवन न करें। आइए विस्तार से जानते हैं इस बारे में-
मानसून के सीजन रोगाणुओं और जीवाणुओं के प्रजनन का समय होता है, जो पत्तेदार सब्जियों को दूषित कर सकता है। इसके अलावा जिस मिट्टी से पत्तेदार सब्जियों को उगाया जाता है, वह भी बरसात के पानी में दूषित हो जाते हैं। ऐसे में मानसून के सीजन में आपको पत्तेदार सब्जियों का सेवन करना चाहिए। अगर आपको पत्तेदार सब्जियां पसंद है, तो आप इसे अच्छी तरह से उबालकर खाएं और फिर बैक्टीरिया को मारने के लिए कम से कम 30 मिनट तक पत्तेदार सब्जियों को उबालकर खाएं।
बैंगनी लगभग हर भारतीय घरों में बनाई जाती है। इसमें रासायनिक यौगिकों का एक समूह होता है जिसे एल्कलॉइड के रूप में जाना जाता है। यह केमिल सब्जियां में कीड़ों और कीटों से बैंगन को सुरक्षित रखता है, लेकिन बरसात के दिनों में काफी ज्यादा मात्रा में कीड़ें और कीट पनपनते हैं। ऐसे में इसका अधिक सेवन करने से बचना चाहिए। वहीं, कुछ लोगों को बैंगन में मौजूद एल्कलॉइड से एलर्जी की शिकायत होती है, जिसकी वजह से पित्ती, खुजली, मतली और त्वचा पर चकत्ते हो सकते हैं।
शिमला मिर्च गर्मियों में बहुत लोकप्रिय सब्जी है। यह न सिर्फ स्वादिष्ट होती हैं, बल्कि कई तरह के विटामिन्स, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं। हालांकि, मानसून के सीजन के लिए यह एक हेल्दी आहार नहीं माना जाता है। इसके सेवन से कई तरह की समस्याएं पनपन सकती हैं। दरअसल, शिमला मिर्च में ग्लूकोसाइनोलेट्स नामक रसायन होते हैं, जो काटने या चबाने पर आइसोथियोसाइनेट्स में टूट जाते हैं। बरसात में इसका सेवन करने से आपको इस केमिकल की वजह से मतली, उल्टी, दस्त और सांस लेने में समस्या हो सकती है।
बरसात के सीजन में फूलगोभी में नमी की मात्रा अधिक हो जाती है। ऐसे में बरसात के दिनों में गोभी का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। दरअसल, मानसून में फूलगोभी से परहेज करने का मुख्य कारण यह है कि इसमें ग्लूकोसाइनोलेट्स नामक यौगिक होते हैं जो एलर्जी या इसके प्रति संवेदनशील लोगों के लिए समस्या पैदा कर सकते हैं। इन रासायनिक यौगिकों से बचने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप इसका सेवन बिल्कुल न करें।
बरसात के दिनों में कई तरह की सब्जियां का सेवन कर सकते हैं। लेकिन कुछ सब्जियों से दूरी बनाकर रखें। ताकि आपका इस सीजन में स्वास्थ्य बेहतर रह सके।