अश्वगंधा से कोविड-19 का इलाज होगा संभव? आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर ने किया दावा

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के प्रो डी.सुंदर ने जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड इंडस्ट्रियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर इस दवा की खोज की है। इनके मुताबिक, प्राकृतिक औषधि अश्वगंधा से कोविड-19 (Covid19) का इलाज किया (Ashwagandha can cure Corona) जा सकता है।

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Written By: Kishori Mishra | Updated : May 19, 2020 12:45 PM IST

Ashwagandha can cure corona : कोरोना वायरस के फैलते प्रकोप से पूरी दुनिया परेशान है। इसी बीच भारत में इस बीमारी की दवा को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। आईआईटी दिल्‍ली ने यह जानकारी शेयर की है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के बायोकेमिकल इंजीनियरिंग के प्रो डी.सुंदर ने जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड इंडस्ट्रियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी के साथ मिलकर इस दवा की खोज की है। इनके मुताबिक, प्राकृतिक औषधि अश्वगंधा से कोविड-19 (Covid19) का इलाज किया (Ashwagandha can cure Corona) जा सकता है।

अश्वगंधा से क्‍यों हैं उम्मीदें 

अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक दवाई है। इसकी मदद से कोशिकाओं में कोविड-19 को विकसित  (Ashwagandha can cure Corona) होने से रोका जा सकता है। अश्वगंधा किस तरह कोविड-19 को कोशिकाओं में फैलने से रोक सकता है, इसकी रूपरेखा तैयार की गई है।

जापान में 15 वर्षों से अश्‍वगंधा पर कर रहे काम

पिछले 15 सालों से प्रो डी. सुंदर जापान के इंस्टीट्यूट के साथ अश्वगंधा पर काम कर रहे हैं।  इस बारे में प्रोफेसर ने बताया कि इस शोधपत्र की पहली रिपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका जर्नल ऑफ बायोमॉलिक्यूलर डायनामिक्स में पब्लिश करने की मंजूरी मिल गई है।

कोविड-19 की दवाई बनाने की दिशा पर होगा काम

इस शोधपत्र को दो दिनों में प्रकाशित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस रिसर्च को आगे बढ़ाते हुए अश्वगंधा से कोविड-19 की दवाई बनाने की दिशा में काम होगा। उन्होंने कहा कि अश्वगंधा से कोरोना वायरस की दवाई बनाने के लिए कई क्लीनिकल ट्रायल किए जाएंगे। आधुनिक लैब में इसका ट्रायल होना चाहिए। इस बारे में भी आगे बात की जाएगी।

आयुर्वेदिक उपचार के लिए अश्वगंधा का होता है उपयोग 

भारत में अश्वगंधा का इस्तेमाल काफी समय से किया जा रहा है। कई आयुर्वेदिक दवाइयों में अश्वगंधा का इस्तेमाल किया जाता है। हाल ही में केंद्र सरकार ने आयुष मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को जोड़ते हुए एक टास्क टीम का गठन किया है। इस टीम को कहा गया है कि वे अश्वगंधा, गिलोय, यष्टिमधु,  गुडुची को पिपाली के साथ, आयुष-64 (मलेरिया की दवाई) जैसी आयुर्वेद औषधियों पर कोविड-19 के संदर्भ में रिसर्च करें।

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