शरीर में पित्त बढ़ने से होती है UTI की समस्या, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया इसके लक्षण और कुछ प्राकृतिक उपचार
शरीर में पित्त बढ़ने से होती है UTI की समस्या, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ने बताया इसके लक्षण और कुछ प्राकृतिक उपचार
यूटीआई एक ऐसी स्थिति है जो सबसे ज्यादा इंफेक्शन का कारण होती है और खासकर महिलाओं में इसलिए इसका इलाज और इसके लक्षणों के बारे में जानना काफी जरूरी होता है।
Written By: Atul Modi | Published : July 13, 2022 7:21 PM IST
यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) काफी आम होता जा रहा है और खासकर महिलाओं में इसके बहुत ज्यादा केस देखने को मिलते हैं। इस स्थिति में इसके लक्षणों का पता होना चाहिए ताकि इसे पहचान सकें और इसके इलाज के तरीकों के बारे में भी जान लेना चाहिए ताकि घर पर ही अधिकतर केस ठीक हो सकें । इससे बचाव करने के लिए इसके कारणों के बारे में भी जान लेना चाहिए। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर दीक्षा भावसार के मुताबिक, यूटीआई (यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन) शरीर में दूसरा सबसे अधिक होने वाला संक्रमण है, यह विशेषकर महिलाओं में अधिक देखने को मिलता है। इसका उपचार करने के लिए सबसे पहले इसके कारण का पता लगाना और उससे बचना जरूरी है। यह कम पानी पीने, खट्टे, मसालेदार, शर्करा युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, अधिक कैफीन, कार्बोनेटेड पेय, कॉफी, चॉकलेट आदि के कारण हो सकता है। संक्षेप में कहें तो- कुछ भी जो पित्त को बढ़ा सकता है वह यूटीआई का कारण बन सकता है। इसलिए पित्त को बढ़ाने वाली हर चीज से बचना सबसे अच्छा है। तो आइए जानते हैं यूटीआई के कारण, लक्षण और आयुर्वेदिक इलाज के तरीकों के बारे में।
यूटीआई का कारण - UTI Causes In Hindi
कम मात्रा में पानी पीना
ज्यादा समय तक धूप की रोशनी में रहना।
शराब का ज्यादा सेवन कर लेना।
ज्यादा मात्रा में खट्टी, तीखी चीजों का सेवन करना।
पेशाब आते हुए भी पेशाब को होल्ड करके रखना।
यूटीआई के लक्षण - UTI Symptoms In Hindi
पेशाब करते समय जलन महसूस होना।
पेशाब में खून आना।
पॉलीयोरा
बुखार होना
ब्लैडर में दर्द होना।
कमर में दर्द होना
पेट में दर्द होना
इलाज के तरीके
खुले और हवादार अंडर गारमेंट्स पहनने चाहिए।
यूटीआई को अवॉइड करने के लिए सेक्स करने के बाद हमेशा पेशाब कर लेना चाहिए।
रोजाना पानी ज्यादा से ज्यादा पिएं ताकि हाइड्रेट रह सकें।
कुछ आयुर्वेदिक दवाइयों का भी प्रयोग किया जा सकता है जैसे:
तांडुलोडक जिसे चावल का पानी भी कहा जाता है, कमर दर्द और पेट दर्द जैसे लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है।
आंवले के जूस का भी सेवन कर सकते हैं।
अगर चाहें तो धनिया और पानी से मिला कर एक ड्रिंक बना लें और उसे अगली सुबह पी लें। यह सबसे ज्यादा प्रभावी रेमेडी है। इसमें धनिया के बीजों को कूट कर उसमें पानी मिला कर रात भर रख दें और अगली सुबह थोड़ी सी मात्रा में नमक एड करके पी लें।
इसके अलावा पुदीने का पानी, नारियल का पानी, भीगी हुई किशमिश, सब्जा सीड्स का सेवन किया जा सकता है। यह सारी आयुर्वेदिक रेमेडी काफी लाभदायक होती हैं।
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