
रश्मि उपाध्याय
रश्मि उपाध्याय साल 2014 से मीडिया क्षेत्र से जुड़ी हैं और TheHealthSite.Com में बतौर एडिटर काम कर रही हैं। इन्हें ... Read More
Written By: Rashmi Upadhyay | Published : August 26, 2020 4:41 PM IST
फायदे ही नहीं एक्यूपंक्चर के कई नुकसान भी हैं, जानें इसके 5 बड़े साइड इफेक्ट
शरीर में एनर्जी के लेवल को बनाए रखने के लिए एक्यूपंक्चर का इस्तेमाल किया जाता है। इस प्रकिया में बारीक सुईयों को शरीर के कुछ खास हिस्सों में लगाकर रोग का इलाज किया जाता है। विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं से राहत पाने के लिए यह एक प्राकृतिक और सुरक्षित तरीका है। यहां तक कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने भी स्वीकार किया है कि एक्यूपंक्चर चिकित्सा पीठ दर्द, मुंहासे, इन्सोमनिया अस्थमा, इनफर्टिलिटी और मोटापा समेत इरिटेबल कोलन सिंड्रोम समेत 47 चिकित्सा स्थितियों के उपचार में प्रभावी है।
यह एक कम-जोखिम वाला सुरक्षित और प्रभावी तरीका है, बशर्ते यह एक लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा किया गया हो। लेकिन किसी भी अन्य प्रक्रिया की तरह, एक्यूपंक्चर के भी कई साइड इफेक्ट्स हैं। आज इस लेख में हम आपको एक्यूपंक्चर के कुछ साइड इफेक्ट के बारे में बता रहे हैं। हालांकि इसके साइड इफेक्ट खतरनाक नहीं होते हैं लेकिन फिर भी आपका जानना जरूरी है।
कुछ लोगों को एक्यूपंक्चर के बाद थकावट महसूस होती है। हालांकि आमतौर पर ये थकान कुछ घंटो बाद दूर हो जाती है लेकिन कुछ लोगों को यह 2 से 3 दिन तक भी रहती है। यह सेशन की शुरुआत में काफी आम है और यदि किसी के साथ ऐसा होता है तो उसे चिंता नहीं करनी चाहिए। इसे बस एक चेतावनी संकेत की तरह लेना चाहिए कि आपके शरीर को आराम की आवश्यकता है और अपनी देखभाल करनी चाहिए। केवल एक्यूपंक्चर आपको पूरी तरह से ठीक नहीं कर सकता है, आपको कुछ आत्म देखभाल की भी आवश्यकता होती है।
एक्यूपंक्चर के दौरान शरीर में कई जगहों पर नीडल्स यानि कि सुई का इस्तेमाल किया जाता है।शरीर के जिन हिस्सों में सुई डाली जाती हैं वहां इलाज के बाद थोड़ा दर्द महसूस हो सकता है। यह आमतौर पर हाथ, पैर या बड़ी आंत जैसे संवेदनशील जगहों पर होता है। आमतौर पर, उपचार से 24 घंटों के बाद दर्द चला जाता है। लेकिन कुछ लोगों को यह दर्द थोड़ा लंबे समय तक भी रह सकता है। मांसपेशियों में ऐंठन भी एक्यूपंक्चर का एक परिणाम हो सकता है।
एक्यूपंक्चर के बाद सुइयों का एक साइड इफेक्ट शरीर में नील पड़ने के रूप में भी देखा जाता है। एक्यूपंक्चरर के बाद शरीर में हल्का नीला पड़ना बहुत आम है। इसका एक कारण यह भी हो सकता है कि जब शरीर में नीडल्स लगाई जाती हैं तो रक्त इकट्टा हो जाता है। नील के दौरान शरीर में हल्का दर्द और सूजन भी हो सकती है। हालांकि यह कोई इतनी बड़ी खामी नहीं है जिसके बारे में चिंतित हुआ जाए। कुछ दिनों के आराम के बाद यह अपने आप सही हो जाती है।
कुछ लोगों को उपचार के बाद सिर में दर्द और भारीपन की शिकायत हो सकती है। अगर आपको ऐसा लगता है, तो उपचार करने के बाद थोड़ा आराम करें। उपचार के तुरंत बाद न उठें, कुछ समय के लिए एक्यूपंक्चर टेबल पर लेट जाएं और गहरी सांस लेकर आराम करें। इसके अलावा, ऐसी स्थिति से बचने के लिए सेशन से पहले कुछ खा लें। खाली पेट इस सेशन को लेने से बचें।
कभी-कभी लोग एक्यूपंक्चर के दौरान रोते हैं या बहुत भावुक महसूस करते हैं। यह इसलिए नहीं होता है क्योंकि उपचार बहुत दर्दनाक होता है। बल्कि ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस सेशन को लेते वक्त शरीर से काफी एनर्जी निकल जाती है, जो एक भावनात्मक कनेक्शन को जन्म दे सकता है। एक्यूपंक्चर आपके शारीरिक और मानसिक दोनों स्वास्थ्य को प्रभावित करता है। इसलिए अगर आपको ऐसा फील हो तो तनाव न लें, इस स्थिति से आप कुछ समय बाद ही निकल जाएंगे।