
साधना तिवारी
साधना तिवारी 15 वर्षों से मीडिया क्षेत्र में हैं। लगभग 9 वर्षों से अधिक समय से ZEE ग्रुप के साथ जुड़ी हुई ... Read More
Written By: Sadhna Tiwari | Updated : December 13, 2024 11:52 AM IST
Acidity home remedies: एसिडिटी की शिकायत उन लोगों में अधिक देखी जाती है जिनके खाने-पीने का समय तय नहीं होता और जो अनाप-शनाप या फास्ट फूड (Fast foods) जैसी चीजें अधिक खाते हैं। काम की भागदौड़ और समय की कमी के बीच लोग ना तो समय पर खाना खा पाते हैं और ना ही वे एक्सरसाइज या किसी भी प्रकार की फिजिकल एक्टिविटी कर पाते हैं। पेट से जुड़ीं समस्याएं उन लोगों में भी काफी कॉमन हैं जो डेस्क जॉब (Desk Jobs) करते हैं या लगातार कई-कई घंटें एक ही जगह पर बैठकर काम करना पड़ता है।
सर्दियों में पाचन तंत्र स्लो हो जाता है और इसीलिए हो सकता है कि आपको ठंड के दिनों में एसिडिटी, पेट में गैस और कॉन्स्टिपेशन जैसी समस्याएं अधिक महसूस हो। अगर आपको भी इन दिनों एसिडिटी, खट्टी डकारों या इनडायजेशन जैसी समस्याएं अधिक महसूस हो रही हैं तो आप सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट और डाइटिशियन रुजुता दिवेकर की टिप्स (Rujuta Diwekar Health Tips) फॉलो कर सकते हैं। करीना कपूर (Kareena Kapoor) और आलिया भट्ट (Alia Bhatt) जैसी सेलिब्रिटीज की न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने सर्दियों में एसिडिटी से आराम दिलाने वाले कुछ नुस्खे बताए। आप भी ये घरेलू उपाय ट्राई कर सकते हैं और एसिडिटी से आराम पा सकते हैं।
छाछ या मट्ठा पीना खाना खाने के बाद उसे पचाने में मदद कर सकता है। लंच के बाद आप एक गिलास छाछ पीने से आपकी पाचन शक्ति बढ़ सकती है। अगर आपको एसिडिटी की परेशानी है तो आप छाछ में थोड़ी-सी हींग (Chach mein hing milakar peene ke fayde) मिलाकर पी सकते हैं दही में प्रोबायोटिक्स (probiotics) पाए जाते हैं जो गट यानि आंतों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। वहीं, हींग का सेवन करने सेपेट की गैस कम होती है और पाचन शक्ति भी बढ़ती है। इससे, एसिडिटी से आराम मिलता है और पेट की जलन भी कम होती है।
खस (vetiver roots ) को पानी में भिगोकर रोजाना पीने से भी आपके पेट की समस्याएं कम होती हैं। खस की तासीर ठंडी होती है। यह आपके शरीर का तापमान संतुलित करता है और पेट की जलन भी शांत करता है। साथ ही साथ शरीर में जमा टॉक्सिंस को साफकरने में भी खस कारगर है।
एसिडिटी से आराम पाने के लिए आप खस की जड़ को पानी में भिगोएं और रातभर इसे यूं ही रहने दें। सवेरे इस पानी को खाली पेट पिएं।